LIVE | ...
सोमवार, 13 जुलाई 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Surya Grahan 2026: करोड़ों लोग आज भी मानते हैं ये 7 नियम, जानें क्या है सच

Surya Grahan 2026: करोड़ों लोग आज भी मानते हैं ये 7 नियम, जानें क्या है सच

12-13 अगस्त को सूर्य ग्रहण, जानें वे परंपरागत नियम जिनका पालन आज भी देश के करोड़ों लोग करते हैं और धार्मिक मान्यताओं का वैज्ञानिक पहलू

Ajay Kumar by Ajay Kumar
सोमवार, 15 जून 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, धर्म
A A
0
Surya Grahan 2026
105
SHARES
701
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Surya Grahan 2026 Rules : वर्ष 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा। Surya Grahan को हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण खगोलीय और धार्मिक घटना माना जाता है। सदियों से चली आ रही मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का समय सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संवेदनशील माना जाता है।

देखा जाए तो आज भी देश के करोड़ों लोग सूर्य ग्रहण से जुड़े खास नियमों का पालन करते हैं। भले ही विज्ञान इसे एक प्राकृतिक खगोलीय प्रक्रिया मानता है, लेकिन धार्मिक परंपराओं में इसे विशेष महत्व दिया गया है। ग्रहण लगने से पहले और ग्रहण समाप्त होने तक लोग कई विशेष नियमों का पालन करते हैं। सवाल उठता है: आखिर ये नियम क्या हैं? और क्यों आज भी इतने लोग इन्हें मानते हैं?

🔍 यह भी पढ़ें- CJI Suryakant के Controversial Remarks पर बवाल: ‘Unemployed Youth like Cockroaches’ बयान पर क्लेरिफिकेशन जारी

सूर्य ग्रहण 2026: तारीख और समय

आइए पहले जान लेते हैं कि 2026 का सूर्य ग्रहण कब और कितने समय तक रहेगा:

विवरणसमय
ग्रहण शुरू12 अगस्त 2026, रात 9:04 बजे
ग्रहण समाप्त13 अगस्त 2026, सुबह 4:25 बजे
कुल अवधिलगभग 7 घंटे 21 मिनट

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह ग्रहण रात भर चलेगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल (ग्रहण से पहले का शुद्धिकरण समय) भी लंबा होगा।

नियम 1: ग्रहण के दौरान भोजन न करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण लगने के दौरान भोजन करने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस समय वातावरण में नकारात्मक प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे भोजन की शुद्धता प्रभावित हो सकती है।

समझने वाली बात यह है कि बहुत से लोग ग्रहण शुरू होने से पहले ही भोजन कर लेते हैं। कई परिवार खाने-पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते भी रख देते हैं। मान्यता है कि तुलसी भोजन को शुद्ध बनाए रखने में सहायक होती है।

क्या करें:

  • ग्रहण से 3-4 घंटे पहले भोजन कर लें
  • पके हुए खाने में तुलसी के पत्ते डालें
  • पानी भी ग्रहण काल में पीने से बचें (बहुत जरूरी हो तो ही पिएं)

क्यों मानते हैं लोग:
पुरानी मान्यता है कि ग्रहण के समय सूर्य की किरणों का प्रभाव बदल जाता है और भोजन में हानिकारक तत्व उत्पन्न हो सकते हैं। हालांकि विज्ञान इसे सिद्ध नहीं करता, लेकिन परंपरागत रूप से यह नियम आज भी प्रचलित है।

🔍 यह भी पढ़ें- ‘Entry Ban करवा देंगे Supreme Court में’: CJI Suryakant ने Frivolous Petition पर याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

नियम 2: सफाई और घरेलू काम से परहेज

ग्रहण के दौरान साफ-सफाई से जुड़े कुछ नियम भी प्रचलित हैं। कई घरों में इस अवधि के दौरान झाड़ू-पोछा लगाने या अन्य घरेलू काम करने से परहेज किया जाता है।

लोक मान्यताओं के अनुसार यह समय ईश्वर के स्मरण और ध्यान के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। इसलिए लोग अपनी दिनचर्या के सामान्य कार्यों को ग्रहण समाप्त होने के बाद ही पूरा करना बेहतर समझते हैं।

क्या करें:

  • ग्रहण के समय सफाई का काम टालें
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की सफाई करें
  • स्नान करके शुद्धिकरण करें

दिलचस्प बात यह है कि ग्रहण खत्म होने पर घर की सफाई और स्नान करने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है। इसे शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है।

नियम 3: ग्रहण काल में सोना वर्जित

धार्मिक विश्वास के अनुसार ग्रहण के समय सोना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इस दौरान व्यक्ति को मंत्र जाप, ध्यान और धार्मिक गतिविधियों में समय बिताना चाहिए।

कई लोग पूरे ग्रहण काल में भगवान के नाम का स्मरण करते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और मन भी शांत रहता है।

क्या करें:

  • जागते रहें और भजन-कीर्तन करें
  • मंत्र जाप या ध्यान करें
  • धार्मिक ग्रंथ पढ़ें

हैरान करने वाली बात यह है कि कई धार्मिक संस्थाएं ग्रहण के दौरान विशेष प्रार्थना सभाओं और मंत्रोच्चार कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। हजारों श्रद्धालु इनमें शामिल होते हैं।

🔍 यह भी पढ़ें- Ramlala Surya Tilak: रामनवमी पर रामलला का ललाट दमका, 5 मिनट तक हुआ दिव्य नजारा

नियम 4: सिलाई-कढ़ाई और नुकीली चीजों से परहेज

ग्रहण के दौरान सिलाई, कढ़ाई या बुनाई जैसे कार्य से भी बचना चाहिए। मान्यता है कि ग्रहण के समय नुकीली वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।

कई लोग इस दौरान कैंची, सुई और अन्य धारदार वस्तुओं के प्रयोग से बचते हैं। इसके अलावा बाल और नाखून काटना भी शुभ नहीं माना जाता।

क्या न करें:

  • सिलाई-कढ़ाई
  • बाल या नाखून काटना
  • कैंची या तेज धार वाली चीजों का इस्तेमाल

इससे साफ होता है कि ग्रहण के समय को विश्राम और आध्यात्मिक साधना का समय माना जाता है, न कि रोजमर्रा के काम करने का।

नियम 5: मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं

सूर्य ग्रहण के समय मंदिरों के कपाट बंद रखने की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है। कई प्रमुख मंदिरों में ग्रहण लगने से पहले ही पूजा-अर्चना रोक दी जाती है।

ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इस दौरान मूर्तियों को स्पर्श करने या विशेष पूजा करने से भी परहेज किया जाता है।

क्या होता है:

  • ग्रहण से पहले मंदिर के दरवाजे बंद
  • मूर्तियों पर कपड़ा डाल दिया जाता है
  • ग्रहण के बाद गंगाजल से शुद्धिकरण
  • फिर दरवाजे खोले जाते हैं

हालांकि भक्त मानसिक रूप से भगवान का स्मरण और मंत्र जाप कर सकते हैं। यह नियम केवल भौतिक पूजा पर लागू होता है।

यह भी पढे़ं 👇

history

History July 12: 12 जुलाई का इतिहास में खास दिन, जानें क्या-क्या हुआ था आज के दिन

रविवार, 12 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

रविवार, 12 जुलाई 2026
Heavy Rain Alert

Heavy Rainfall Alert: मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, 10 राज्यों में ऑरेंज वार्निंग जारी

रविवार, 12 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates 12 July 2026

Breaking News Live Updates 12 July 2026: Top Headlines, हर अपडेट सबसे तेज

रविवार, 12 जुलाई 2026
नियम 6: गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां

गर्भवती महिलाओं को लेकर भी ग्रहण के समय कई मान्यताएं प्रचलित हैं। बहुत से परिवारों में उन्हें ग्रहण के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।

माना जाता है कि ग्रहण का प्रभाव मां और गर्भस्थ शिशु दोनों पर पड़ सकता है। इसी वजह से कई घरों में ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

परंपरागत सलाह:

  • घर के अंदर ही रहें
  • तेज धार वाली चीजें न छुएं
  • पेट पर कपड़ा बांध लें (कुछ परिवारों में)
  • मंत्र जाप करें या शांत रहें

वैज्ञानिक दृष्टिकोण:
विज्ञान के अनुसार ग्रहण का गर्भवती महिलाओं पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता। यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। लेकिन परंपरागत रूप से यह मान्यता आज भी कई परिवारों में मौजूद है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन मान्यताओं को धार्मिक परंपरा और लोक विश्वास के रूप में देखा जाता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान इन पर विश्वास नहीं करता, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में लोग इनका पालन करते हैं।

नियम 7: ग्रहण के बाद स्नान और दान

ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने की परंपरा काफी प्रचलित है। कई लोग ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद स्नान कर घर और पूजा स्थल की सफाई करते हैं।

इसके बाद दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। मान्यता है कि ग्रहण के बाद किया गया दान विशेष फल प्रदान करता है।

ग्रहण के बाद क्या करें:

  • स्नान करें (अधिमानतः गंगाजल या साफ पानी से)
  • घर की सफाई करें
  • पूजा-पाठ करें
  • गरीबों को भोजन, वस्त्र दान करें
  • गाय को चारा खिलाएं

यही कारण है कि कई श्रद्धालु जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र और अन्य वस्तुएं दान करते हैं। मंदिरों में विशेष हवन और पूजा का आयोजन किया जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण vs धार्मिक मान्यता

अब बात करते हैं विज्ञान की। Solar Eclipse एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को रोक देता है।

वैज्ञानिक तथ्य:

  • यह पूरी तरह से प्राकृतिक प्रक्रिया है
  • इससे भोजन खराब नहीं होता
  • गर्भवती महिलाओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं
  • बस आंखों की सुरक्षा जरूरी है (नंगी आंखों से न देखें)

धार्मिक दृष्टिकोण:

  • ग्रहण को आध्यात्मिक महत्व का समय माना जाता है
  • यह आत्मचिंतन और साधना का समय है
  • नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
  • शुद्धिकरण और मंत्र जाप आवश्यक

समझने वाली बात यह है कि विज्ञान और धर्म दोनों के अपने-अपने दृष्टिकोण हैं। लोग अपनी आस्था और विश्वास के अनुसार इन नियमों का पालन करते हैं।

आज भी करोड़ों लोग क्यों मानते हैं ये नियम?

भारत में आज भी ग्रहण के दौरान ये नियम व्यापक रूप से माने जाते हैं। इसके कुछ कारण हैं:

1. पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा
2. धार्मिक आस्था और विश्वास
3. सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा
4. बुजुर्गों के आदेश और सम्मान
5. आध्यात्मिक लाभ की आशा

इससे साफ होता है कि ये नियम सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। चाहे विज्ञान इन्हें मानता हो या न मानता हो, लेकिन ये हमारी परंपरा और पहचान से जुड़े हैं।


मुख्य बातें (Key Points):

✔️ Surya Grahan 2026 – 12 अगस्त रात 9:04 से 13 अगस्त सुबह 4:25 तक
✔️ ग्रहण के दौरान भोजन, सोना, सफाई से परहेज
✔️ मंदिरों के कपाट बंद, मंत्र जाप और ध्यान का समय
✔️ गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां (परंपरागत)
✔️ ग्रहण के बाद स्नान, शुद्धिकरण और दान की परंपरा


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या ग्रहण के दौरान सच में भोजन खराब हो जाता है?

वैज्ञानिक रूप से नहीं। लेकिन धार्मिक परंपरा में ऐसा माना जाता है। यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है।

प्रश्न 2: क्या गर्भवती महिलाओं को ग्रहण से बचना चाहिए?

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार ग्रहण का गर्भावस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन परंपरागत रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

प्रश्न 3: क्या सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देख सकते हैं?

बिल्कुल नहीं! यह एकमात्र वैज्ञानिक सलाह है जिसे सबको मानना चाहिए। नंगी आंखों से ग्रहण देखने से आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है। विशेष सोलर फिल्टर या ग्रहण चश्मा इस्तेमाल करें।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

चौंकाने वाला फैसला: CM Bhagwant Mann को Panj Singh Sahiban ने किया Panth Dokhi करार

Next Post

बड़ा अपडेट: YouTube Chat Feature लॉन्च! अब WhatsApp की जरूरत खत्म?

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

history

History July 12: 12 जुलाई का इतिहास में खास दिन, जानें क्या-क्या हुआ था आज के दिन

रविवार, 12 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

रविवार, 12 जुलाई 2026
Heavy Rain Alert

Heavy Rainfall Alert: मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, 10 राज्यों में ऑरेंज वार्निंग जारी

रविवार, 12 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates 12 July 2026

Breaking News Live Updates 12 July 2026: Top Headlines, हर अपडेट सबसे तेज

रविवार, 12 जुलाई 2026
astrology

Aaj Ka Rashifal 12 July 2026: रविवार का राशिफल, जानें आज किन राशियों को मिलेगी किस्मत का साथ

रविवार, 12 जुलाई 2026
Railway Tatkal

Indian Railways Tatkal Ticket: तत्काल टिकट का बदला नियम! अब टोकन मिलने का समय बदला

शनिवार, 11 जुलाई 2026
Next Post
YouTube Chat Feature

बड़ा अपडेट: YouTube Chat Feature लॉन्च! अब WhatsApp की जरूरत खत्म?

Bungee Jumping

Shocking Video: Brazil में Bungee Jumping के दौरान रस्सी ही नहीं बांधी, 24 साल की लड़की की मौत

Fingerprint Technology

Amazing Story: Fingerprint Technology की खोज करने वाले Dr. Henry Faulds की प्रेरक कहानी

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।