SGPC Complaint Against CM Mann मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। शुक्रवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने विवादित वीडियो मामले में पंजाब के डीजीपी को लिखित शिकायत सौंपी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
SGPC के वफद ने स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ए.एस.राय को शिकायत देकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। देखा जाए तो यह मामला अब राजनीतिक से आगे बढ़कर कानूनी रूप ले चुका है। दिलचस्प बात यह है कि SGPC ने हरियाणा के गुरुग्राम में पहले से दर्ज FIR का हवाला देते हुए कथित फोरेंसिक रिपोर्ट में हेराफेरी का आरोप भी लगाया है।
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धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का आरोप
SGPC द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि विवादित वीडियो के कारण देश-विदेश में रहने वाले सिखों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। शिरोमणि कमेटी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने डीजीपी दफ्तर के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि सिखों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला होने के कारण कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि SGPC की 27 जून 2026 को हुई जनरल मीटिंग में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अंतरिम कमेटी को इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया था। उसी प्रस्ताव के मद्देनजर आज डीजीपी पंजाब के नाम शिकायत सौंपी गई है।
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जाली फोरेंसिक रिपोर्ट की साजिश का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने गंभीर आरोप लगाया कि इस गंभीर मामले को दबाने के लिए कथित तौर पर जाली फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने की साजिश रची गई। समझने वाली बात यह है कि इस संबंध में हरियाणा के गुरुग्राम के DLF थाने में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध FIR भी दर्ज हो चुकी है।
SGPC ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि यह बेहद गंभीर मामला है, जिसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करके निष्पक्ष जांच की जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि सिख कौम की धार्मिक भावनाओं का सम्मान और कानून की मर्यादा बरकरार रहे।
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SGPC प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल
शिकायत देने के लिए पहुंचे SGPC के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ सदस्य शामिल थे। जूनियर मीत प्रधान बलदेव सिंह कल्याण, जनरल सचिव शेर सिंह मंडवाला, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन, अंतरिम सदस्य सुरजीत सिंह गढ़ी, सुरजीत सिंह तुगलवाल, सुरजीत सिंह कंग, दलजीत सिंह भिंडर, बलदेव सिंह कायमपुर, मंगविंदर सिंह खापड़खेड़ी, अतिरिक्त सचिव लखबीर सिंह और कानूनी सलाहकार एडवोकेट अमनबीर सिंह सियाली शामिल थे।
अगर गौर करें तो इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल का जाना इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
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27 जून की SGPC बैठक में लिया गया था निर्णय
SGPC के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि शिरोमणि कमेटी की 27 जून 2026 को हुई जनरल मीटिंग में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर अंतरिम कमेटी को इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया था। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो। सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं इससे जुड़ी हुई हैं, इसलिए हम कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।”
हरियाणा में पहले से दर्ज है FIR
चिंता का विषय यह है कि इस मामले में हरियाणा के गुरुग्राम के DLF थाने में पहले से ही FIR दर्ज है। SGPC का आरोप है कि फोरेंसिक रिपोर्ट में हेराफेरी की गई है और इसे लेकर हरियाणा पुलिस ने कार्रवाई की है। अब सवाल उठता है कि जब हरियाणा में FIR दर्ज हो चुकी है तो पंजाब पुलिस क्यों चुप है?
राजनीतिक विश्लेषण: AAP सरकार के लिए बड़ा संकट
यह मामला आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है। SGPC जैसी धार्मिक संस्था द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ सीधे शिकायत दर्ज कराना राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस मामले में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई तो AAP सरकार को सिख समुदाय के बीच भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पंजाब में सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं का बेहद महत्व है और कोई भी सरकार इसे नजरअंदाज नहीं कर सकती।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
हालांकि अभी तक विपक्षी दलों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और अकाली दल इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान तेज हो सकता है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें पंजाब पुलिस पर हैं कि वह इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है। SGPC ने साफ शब्दों में FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अगर पुलिस तत्काल कार्रवाई नहीं करती है तो SGPC अगला कदम क्या उठाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए पुलिस को संवेदनशीलता के साथ इस पर कार्रवाई करनी होगी। किसी भी तरह की देरी या लापरवाही राजनीतिक और सामाजिक रूप से गंभीर परिणाम ला सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- SGPC ने विवादित वीडियो मामले में CM भगवंत मान के खिलाफ पंजाब पुलिस को शिकायत सौंपी
- देश-विदेश के सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का आरोप
- जाली फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की साजिश का दावा
- हरियाणा के गुरुग्राम DLF थाने में पहले से FIR दर्ज
- 27 जून को SGPC की जनरल मीटिंग में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
- निष्पक्ष जांच और तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग












