Bhagwant Mann beadbi law को लेकर पंजाब की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। दिल्ली के मंत्री और भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को मीडिया के सामने आकर सीधा सवाल दाग दिया कि जो बेअदबी विरोधी कानून पंजाब में लाया गया, वही आखिर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर लागू क्यों नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए, चाहे कुर्सी कितनी भी बड़ी क्यों न हो।
देखा जाए तो यह विवाद उस वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसने पिछले कुछ दिनों से पंजाब की राजनीति में हलचल मचा रखी है।
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‘पंजाब पुलिस के लिए लिटमस टेस्ट’
सिरसा ने इस पूरे मामले को पंजाब पुलिस के लिए एक “लिटमस टेस्ट” यानी अग्नि परीक्षा बताया। उनका कहना था कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सिख धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में अपने ही तय किए गए मापदंडों पर खरी नहीं उतर रही।
समझने वाली बात यह है कि सिरसा का इशारा सीधा था: जो कानून आम लोगों के लिए सख्ती से लागू होता है, वही ऊंचे ओहदे वालों पर ढीला क्यों पड़ जाता है।
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‘जो पहले गरजते थे, अब चुप क्यों’
भाजपा नेता ने एक तीखा आरोप और जोड़ा। उन्होंने कहा कि ‘आप’ नेताओं ने बार-बार अकाल तख़्त समेत सिख संस्थाओं को चुनौती दी है। और दिलचस्प बात यह है कि जो लोग कभी सिख धार्मिक मुद्दों पर जोर-शोर से बोलते थे, वे आज एकदम खामोश हैं।
सवाल उठता है: क्या यह खामोशी अपने आप में जवाब है?
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गुरुग्राम पुलिस की तारीफ
सिरसा यहीं नहीं रुके। उन्होंने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए गुरुग्राम पुलिस की खुलकर सराहना की। साथ ही अधिकारियों से अपील की कि वे पूरी निष्पक्षता के साथ काम करें।
‘आप’ की तरफ से अभी चुप्पी
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ‘आप’ और पंजाब सरकार ने अभी तक सिरसा के इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक तौर पर यह चुप्पी भी अपने आप में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आम आदमी पर असर
इस तरह की सियासी खींचतान का सीधा असर भले ही आम आदमी की जेब पर न पड़े, लेकिन धार्मिक भावनाओं और कानून के समान व्यवहार का सवाल हर नागरिक से जुड़ता है। बेअदबी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद हर पंजाबी को है।
जानें पूरा मामला
यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ी एक कथित बेअदबी वीडियो को लेकर शुरू हुआ। इसी मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद भाजपा और अकाली दल लगातार ‘आप’ सरकार पर हमलावर हैं। सिरसा की ताज़ा मांग इसी सियासी टकराव की अगली कड़ी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- सिरसा ने मांग की कि बेअदबी विरोधी कानून मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी लागू हो।
- उन्होंने इसे पंजाब पुलिस के लिए “लिटमस टेस्ट” बताया।
- भाजपा नेता ने ‘आप’ पर सिख संस्थाओं को चुनौती देने का आरोप लगाया।
- गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई की सराहना की गई, ‘आप’ की ओर से कोई जवाब नहीं।













