Mizoram Cancer Crisis पर जब आप नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम का नक्शा देखते हैं, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आती है। भारत के सबसे हरे-भरे, कम आबादी वाले और प्रदूषण मुक्त राज्यों में से एक Mizoram में कैंसर की दर पूरे देश में सबसे ज्यादा है। यह आंकड़े सरकार की अपनी रजिस्ट्री के हैं, जिसमें कैंसर के मामलों को गिना जाता है।
सबसे ऊपर आता है Aizawl जिला, जहां पुरुषों में कैंसर की दर 269.4 प्रति लाख जनसंख्या है—पूरे देश में सबसे ज्यादा। उसके बाद आता है मेघालय का ईस्ट खासी हिल्स (227.9) और असम का कामरूप (213)। महिलाओं में अरुणाचल प्रदेश का पप्पुम्परे जिला सबसे ऊपर है (219.8), और फिर से Aizawl (214 प्रति लाख)।
देखा जाए तो इस सूची में वो शहर नहीं हैं जो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के नाम से जाने जाते हैं—यानी वो शहर जहां सबसे ज्यादा प्रदूषण, ट्रैफिक, फैक्ट्रियां और भीड़ है। बल्कि ऊपर जो इलाके दिए गए हैं, वो सबसे हरे-भरे हैं, जहां की हवा साफ है और आबादी भी काफी कम है। फिर भी ये कैंसर की सूची में सबसे ऊपर हैं।
अब एक और आंकड़ा सुनिए जो और भी डराने वाला है: Aizawl जिले में हर चार पुरुषों में से एक और हर पांच महिलाओं में से एक को 74 साल की उम्र तक किसी न किसी तरह का कैंसर होने की संभावना है। यह कितना गंभीर है, इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं।
पूरे Mizoram का आंकड़ा देखें तो पुरुषों में 207 और महिलाओं में 172.3 प्रति लाख जनसंख्या कैंसर की दर है। मार्च 2026 में राज्य के हेल्थ डिपार्टमेंट ने खुद माना कि Mizoram में पूरे देश की सबसे ज्यादा कैंसर Incidences और सबसे ज्यादा कैंसर से मृत्यु दर है।
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तो सवाल यह है—आखिर ऐसा क्यों हुआ?
जब हम नॉर्थ ईस्ट के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में एक अलग तस्वीर आती है। हम सोचते हैं कि वहां खाना हेल्दी होता है—कम तेल, कम मसाला, ज्यादातर उबला हुआ। सब्जियां ताजी, मीट ताजा। पैकेट का खाना कम। हवा साफ है, न दिल्ली जैसा स्मॉग, न कानपुर जैसी फैक्ट्रियां। लोग ज्यादा चलते भी हैं क्योंकि पहाड़ी इलाका है।
और ये सारी बातें काफी हद तक सच भी हैं। तो फिर कैंसर सबसे ज्यादा वहीं क्यों हो रहा है?
इस सवाल का जवाब एक चीज में नहीं है, बल्कि कई छोटी-छोटी चीजों में है। और उनमें से कुछ ऐसी हैं जो पूरे भारत में कहीं नहीं मिलतीं।
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Tuibur: वो पानी जो जहर है
पहली चीज का नाम है Tuibur (तुइबुर)। ज्यादातर भारतीयों ने इसका नाम कभी सुना भी नहीं होगा। Tuibur एक तरह का तरल पदार्थ है, लेकिन यह सामान्य पानी नहीं है।
इसे बनाने का तरीका यह है:
तंबाकू को जलाया जाता है, और फिर उसके धुएं को पानी से गुजारा जाता है ताकि धुआं पानी में घुल जाए। फिर यह भूरा-काला पानी एक बोतल में भर दिया जाता है। लोग इसे मुंह में रखते हैं, घुमाते हैं और फिर थूक देते हैं। कुछ लोग इसे थोड़ी देर मुंह में ही रखते हैं।
यह Mizoram में बहुत सामान्य है। पुरुष भी इसे इस्तेमाल करते हैं, महिलाएं भी। लेकिन सबसे खतरनाक बात यह है कि बहुत से लोग इसे सुरक्षित मानते हैं। उनकी सोच यह है कि “हम सिगरेट नहीं पीते, सिर्फ पानी मुंह में रख रहे हैं और थूक दे रहे हैं, तो शायद यह नुकसान नहीं करेगा।”
यह सोच पूरी तरह गलत है। रिसर्च कहती है कि जब तंबाकू का धुआं पानी में घुलता है, तो वह अपने साथ सारे खतरनाक रसायन लेकर आता है। इनमें सबसे खतरनाक होता है Tobacco-Specific Nitrosamines (TSNAs), जो सीधे तौर पर कैंसर पैदा करने वाले होते हैं।
एक लैब स्टडी में Tuibur को पौधों की जड़ों पर टेस्ट किया गया। नतीजा: पतला किया हुआ Tuibur भी जड़ों की ग्रोथ रोक देता है, ट्यूमर जैसी चीजें बनाता है और क्रोमोजोम को नुकसान पहुंचाता है। एक दूसरी स्टडी में इंसानी खून की कोशिकाओं पर भी यही असर देखा गया।
Mizoram में एक Case-Control Study का नतीजा था कि Tuibur लेने वालों में पेट के कैंसर का खतरा 2.1 गुना ज्यादा था। और Helicobacter pylori नामक बैक्टीरिया (जो दुनियाभर में पेट के कैंसर की सबसे बड़ी वजह है) का खतरा Tuibur उपयोगकर्ताओं में 3.32 गुना ज्यादा था।
यानी Tuibur एक तरफ सीधे कैंसर पैदा करने वाले रसायन दे रहा है, और दूसरी तरफ उस बैक्टीरिया का खतरा भी बढ़ा रहा है जो खुद पेट का कैंसर बढ़ाता है। दोनों रास्ते कैंसर की ओर ले जा रहे हैं। इसीलिए Aizawl में पेट का कैंसर पूरे देश में सबसे ज्यादा है—पुरुषों में 44.2 प्रति लाख जनसंख्या।
स्मोक्ड मीट और फर्मेंटेड फूड: परंपरा या जहर?
अब दूसरी बात—खाने की। Mizoram एक पहाड़ी इलाका है जहां बारिश बहुत होती है और नमी बहुत ज्यादा रहती है। पहले वहां फ्रिज नहीं होते थे, बिजली हर जगह नहीं थी। तो मीट और सब्जी को लंबे समय तक बचाने का तरीका क्या था?
दो तरीके थे: धुआं देना (Smoking) और सड़ाना (Fermentation)। ये दोनों आज भी वहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं।
Smoked Meat: मांस को चूल्हे के ऊपर लटकाकर हफ्तों तक धुएं में सुखाया जाता है। इससे वह खराब नहीं होता और स्वाद भी बदल जाता है। सब्जियां भी उसी तरह सुखाई जाती हैं।
समस्या क्या है?
जब लकड़ी या कोयला जलता है, तो उस धुएं में Polycyclic Aromatic Hydrocarbons (PAHs) और Nitrosamines बनते हैं—ये दोनों कैंसर से जुड़े हुए हैं। जब धुआं हफ्तों तक मांस पर बैठा रहता है, तो ये रसायन मांस के अंदर चले जाते हैं।
यानी मांस खुद में ताजा और बिना मसाले का है, लेकिन उस पर एक रासायनिक परत चढ़ चुकी होती है। और यही वजह है कि दुनिया के उन सभी इलाकों में पेट और खाने की नली का कैंसर सबसे ज्यादा मिलता है जहां स्मोक्ड और नमकीन खाना ज्यादा खाया जाता है—चाहे वो जापान का कोई हिस्सा हो, कोरिया हो या लैटिन अमेरिका का कोई पहाड़ी इलाका।
Sawm (सोम): यह Mizoram का एक बहुत लोकप्रिय खाना है जो सड़ाई हुई सूअर की चर्बी (Fermented Pork Fat) से बनता है। इसे कई डिशेज में डाला जाता है। एक स्टडी में इसे Type 2 Diabetes के लिए बड़ा Risk Factor पाया गया।
Nitrosated Salt: यानी वो नमक जो खाने को संभालकर रखने के लिए डाला जाता है। इनका सीधा रिश्ता पेट में Nitrosamine बनाने से होता है।
Kwai (कुआ): Betel leaf (पान का पत्ता) + कच्ची सुपारी + बहुत ज्यादा चूना मिलाकर चबाया जाता है। WHO ने सुपारी को कैंसर पैदा करने वाली चीज माना है।
तंबाकू का अलग-अलग रूप
बहुत से लोग कहते हैं कि नॉर्थ ईस्ट में लोग स्मोकिंग नहीं करते। यह सच नहीं है।
National Cancer Registry का डेटा कहता है कि पूरे देश में तंबाकू से जुड़े कैंसर के सबसे ज्यादा मामले नॉर्थ ईस्ट में ही मिलते हैं।
- Mizoram में ये मामले पुरुषों में 43.3% और महिलाओं में 22.1% कैंसर से जुड़े हैं।
- मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स में तो 70.4% पुरुषों और 46.5% महिलाओं में तंबाकू से जुड़े कैंसर हैं।
तंबाकू कम नहीं है—बस अलग रूप में है। कभी पानी में (Tuibur), कभी हाथ से बनी सिगरेट (Mizol), कभी सुपारी के साथ।
इसीलिए Aizawl में फेफड़ों का कैंसर भी पूरे देश में सबसे ज्यादा है—पुरुषों में 38.8 और महिलाओं में 37.9 प्रति लाख।
ध्यान दीजिए: महिलाओं में भी यह दर लगभग पुरुषों के बराबर है। बाकी भारत में Lung Cancer पुरुषों में कई गुना ज्यादा होता है। लेकिन Mizoram में यह अंतर लगभग खत्म हो चुका है, क्योंकि वहां तंबाकू का इस्तेमाल महिलाओं में भी उतना ही है जितना पुरुषों में।
जेनेटिक्स और संक्रमण
यह इलाका अपनी अलग नस्लीय पहचान रखता है। रिसर्च मानती है कि कुछ जीन्स ऐसे हो सकते हैं जो इन रसायनों को संभालने में कमजोर पड़ते हैं। इन्हें वैज्ञानिक Xenobiotic Pathway Genes कहते हैं—यानी वो जीन जो बाहर से आए जहर को तोड़ते हैं।
नागालैंड में Nasopharyngeal Cancer (नाक और गले के पीछे का कैंसर) पूरे देश में सबसे ज्यादा है। यह कैंसर बाकी भारत में बहुत कम मिलता है। इसका रिश्ता अक्सर स्मोक्ड खाने और एक खास वायरस (Epstein-Barr Virus) से जुड़ा होता है।
यानी नॉर्थ ईस्ट का कैंसर प्रोफाइल बाकी भारत से पूरी तरह अलग है। वहां वो कैंसर ज्यादा हैं जो बाकी देश में कम हैं—खाने की नली (Esophagus), पेट, गला, लिवर और फेफड़े।
इलाज कहां है?
और अब सबसे गंभीर बात। उस रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ ईस्ट के आठ राज्यों में से चार राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम और त्रिपुरा—में कैंसर के इलाज की सिर्फ एक सुविधा है। पूरे राज्य में एक!
सोचिए इसका मतलब: एक तरफ वो इलाका जहां देश में सबसे ज्यादा कैंसर है, और दूसरी तरफ वही इलाका जहां सबसे कम इलाज मिलता है।
इसलिए Mizoram के बहुत से मरीज इलाज के लिए मुंबई के Tata Memorial Hospital तक पहुंचते हैं—हजारों किलोमीटर दूर। खुद Mizoram के हेल्थ मिनिस्टर ने बताया कि Tata Memorial के डायरेक्टर ने भी मिजो मरीजों की असामान्य संख्या पर टिप्पणी की थी।
जब इलाज इतनी दूर हो, तो दो चीजें होती हैं:
1. लोग देर से पहुंचते हैं।
2. बहुत से लोग जाते ही नहीं हैं।
और कैंसर में देरी का मतलब है—Stage बढ़ जाएगी, और बचने का मौका और भी कम हो जाएगा।
इसीलिए Mizoram में सिर्फ कैंसर का Rate नहीं, बल्कि कैंसर से मरने वालों की संख्या भी देश में सबसे ज्यादा है।
एक अच्छी खबर
तस्वीर पूरी तरह काली नहीं है। राज्य अब इस पर काम कर रहा है।
- Aizawl Mizoram State Super Speciality Cancer & Research Centre बनाया जा रहा है ताकि लोगों का इलाज अपने ही राज्य में हो सके।
- राज्य ने Asian Development Bank के साथ एक समझौता साइन किया है, जिसे Mizoram Universal Health Care Scheme कहा जा रहा है।
- World Bank की मदद से एक Health System Project भी चलाया जा रहा है।
- मार्च 2026 में पूरे देश में 14 साल की लड़कियों के लिए HPV Vaccination Campaign शुरू हुआ है, जो Cervical Cancer से बचाएगा। Mizoram के लिए यह खास जरूरी है क्योंकि वहां Cervical Cancer का Rate भी देश में सबसे ज्यादा है और महिलाओं में स्क्रीनिंग का स्तर कम है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Mizoram में कैंसर की दर पूरे भारत में सबसे अधिक है, Aizawl में 269.4 प्रति लाख (पुरुष)
- Tuibur (तंबाकू का धुआं मिला पानी) पेट के कैंसर का प्रमुख कारण है
- स्मोक्ड मीट, फर्मेंटेड फूड और सुपारी भी बड़े जोखिम कारक हैं
- तंबाकू का इस्तेमाल महिलाओं और पुरुषों दोनों में बराबर है
- चार राज्यों में कैंसर इलाज की केवल एक सुविधा है
- Mizoram State Cancer Centre और HPV Vaccination जैसे कदम उठाए जा रहे हैं










