LIVE | ...
बुधवार, 3 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Iran America Conflict: Trump का Ceasefire बढ़ा, ईरान ने कहा-जंग की पूरी तैयारी

Iran America Conflict: Trump का Ceasefire बढ़ा, ईरान ने कहा-जंग की पूरी तैयारी

इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाया लेकिन हॉर्मुज घेराबंदी जारी, पेंटागन रिपोर्ट में खुलासा-अमेरिका के पास हथियारों की भारी कमी, ईरान की ताकत अभी भी बरकरार।

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 22 अप्रैल 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, सियासत
A A
0
Iran America Conflict
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Iran America Conflict में नया मोड़ आ गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर तो बढ़ा दिया, लेकिन ईरान इस पर भरोसा करने को तैयार नहीं है। पश्चिम एशिया में कभी भी बड़ी जंग का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत पूरी तरह फेल हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप पहले दावा कर रहे थे कि ईरान की मांग पर ये वार्ता हो रही है, लेकिन ईरान ने साफ कह दिया कि वो इस्लामाबाद नहीं जा रहा।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ-साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो करारा जवाब दिया जाएगा। हैरान करने वाली बात यह है कि ट्रंप ने सीजफायर की कोई समय सीमा ही तय नहीं की है। ईरान का दावा है कि अमेरिका और इजराइल ने हमले की तारीख तय कर ली है। लेकिन इस बार ईरान ऐसा पलटवार करेगा जिसका अंदाजा भी अमेरिका को नहीं है।

इस बीच रूस की तरफ से भी सीजफायर कराने का प्रस्ताव सामने आया है। लेकिन इस पर अमेरिका ने ठंडा रुख दिखाया है। समझने वाली बात यह है कि ट्रंप कुछ और कह रहे हैं, जमीनी हकीकत कुछ और है।

इस्लामाबाद वार्ता क्यों हुई फेल – जानें पूरी कहानी

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत खटाई में पड़ गई है। ईरान ने साफ कह दिया है कि बातचीत तभी होगी जब अमेरिका अरब सागर से अपनी घेराबंदी हटाएगा।

जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया है कि पहले ईरान को डील करनी होगी, उसके बाद हॉर्मुज की घेराबंदी हटाई जाएगी। देखा जाए तो, दोनों देश अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

इसी वजह से ईरान ने अपने डेलीगेशन को इस्लामाबाद नहीं भेजा। ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ।

ट्रंप जरूर हर घंटे ईरान पर अपडेट लेते रहे। वो ईरान को धमकाते रहे कि अगर बातचीत में शामिल नहीं हुए, डील नहीं की तो अमेरिका ईरान पर बम गिराना शुरू कर देगा। सब कुछ तबाह कर देगा।

लेकिन ईरान ने ट्रंप को मुंहतोड़ जवाब दे दिया। ईरान का कहना है कि हम जंग की ही तैयारी कर रहे हैं। और हमें यह भी पता है कि अमेरिका बातचीत की आड़ में ईरान पर हमले की साजिश कर रहा है।

अगर गौर करें तो, ईरान ने अपनी तैयारी का प्रदर्शन भी किया। तेहरान की सड़कों पर उसने अपनी मिसाइलें उतार दीं। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

ट्रंप का बिगड़ा खेल – पाकिस्तान को दिया क्रेडिट

तेहरान जब अमेरिका के सामने नहीं झुका, तो ट्रंप के सामने कोई रास्ता नहीं बचा था। वो जंग से बाहर निकलने की जो कोशिश कर रहे थे, वो पूरी तरह फेल हो गई।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जो इस्लामाबाद जा रहे थे, उन्हें रोक दिया गया। और फिर सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया गया।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि इसके लिए भी ट्रंप ने पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को क्रेडिट दे दिया है।

ट्रंप ने कहा कि मुनीर और शहबाज के कहने पर मैं सीजफायर को आगे बढ़ा रहा हूं। लेकिन कब तक – यह बताना शायद वह भूल गए।

दिलचस्प बात यह है कि ईरान भी कह रहा है कि अमेरिका सीजफायर के नाम पर जंग की तैयारी कर रहा है। वो ईरान पर हमले का प्लान बना चुका है।

सवाल यह भी उठ रहे हैं कि मुनीर और शहबाज ने ट्रंप से हॉर्मुज स्ट्रेट से घेराबंदी हटाने को भी कहा था। साफ-साफ कहा था कि जब तक अमेरिका हॉर्मुज की घेराबंदी नहीं हटाएगा, ईरान बातचीत के लिए इस्लामाबाद नहीं आएगा।

ट्रंप अगर मुनीर के कहने पर सीजफायर बढ़ा सकते हैं, तो वह हॉर्मुज की घेराबंदी भी हटा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी हमला – तनाव बढ़ा

ट्रंप अभी भी दावा कर रहे हैं कि हॉर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी जारी रहेगी। इससे ईरान को रोज 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। और अब यह नुकसान कैसे हो रहा है, यह ट्रंप ही जानते हैं।

क्योंकि अमेरिकी वित्त विशेषज्ञों का कहना है कि हॉर्मुज में अगर 2 महीने व्यापार बंदी रही तो अमेरिका को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ेगा। मंदी का संकट खड़ा हो सकता है।

ट्रंप कुछ भी बोल रहे हैं, लेकिन ईरान उन्हें जरा भी भाव देने को तैयार नहीं है।

और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर हमला कर दिया। ब्रिटेन सेना के यूनाइटेड किंगडम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UK MTO) ने बताया कि IRGC ने सुबह करीब 7:55 बजे जहाज पर हमला किया।

ईरानी गनबोट ने गोली चलाने से पहले जहाज को कोई चेतावनी नहीं दी। जहाज लाइबेरिया के झंडे के साथ गुजर रहा था। उसे बताया गया था कि उसे हॉर्मुज को पार करने की अनुमति थी।

लेकिन ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने कहा है कि जहाज ने ईरान के सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था, जिसके चलते उस पर हमला किया गया।

इस हमले में कंटेनर शिप को जबरदस्त नुकसान हुआ है। फिलहाल पश्चिम एशिया में बड़ी जंग का खतरा बना हुआ है।

पेंटागन की चौंकाने वाली रिपोर्ट – ट्रंप के दावे झूठे

ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि हमने ईरान की ताकत को खत्म कर दिया है। ईरान की नेवी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उनके पास वायु सेना भी नहीं बची है। ईरान के सभी एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिए हैं।

लेकिन चिंता का विषय यह है कि ट्रंप के दावों पर अमेरिकी भी भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।

अब अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन की एक खुफिया रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप जो कुछ बोल रहे हैं, वह सब झूठ बोल रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की सैन्य शक्ति अभी भी पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण और प्रभावशाली स्थिति में है। उसके सैन्य ढांचे को कमजोर नहीं किया जा सका है।

वहीं, ईरान की तरफ से दावा किया गया है कि उसने सीजफायर के दौरान भी तेजी से मिसाइल और ड्रोन बनाए हैं। जिनका इस्तेमाल वह जंग में करेगा।

कई रिपोर्टों में यहां तक कहा गया है कि फरवरी में ईरान के पास जो क्षमता थी, उसका 70% मिसाइल और ड्रोन उसके पास अभी भी मौजूद हैं।

अमेरिका के पास हथियारों की भारी कमी

दूसरी तरफ अमेरिका की स्थिति को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है, वह और भी ज्यादा चौंकाने वाली है।

अमेरिकी रक्षा विभाग के हालिया आंतरिक स्टॉक आकलन से पता चलता है कि ईरान से 40 दिन की जंग अमेरिका को बहुत भारी पड़ी है।

अगर ईरान के साथ एक बार फिर से जंग शुरू होती है तो अमेरिका को मिसाइल और गोला-बारूद की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

CNN ने सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि सात हफ्ते की जंग में अमेरिकी सेना ने सटीक मार करने वाली मिसाइलों के भंडार का करीब 45% हिस्सा खर्च कर दिया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि:

  • अमेरिका की थर्ड एयर डिफेंस मिसाइलों का स्टॉक फरवरी के मुकाबले आधा रह गया है
  • पैट्रियट वायु रक्षा इंटरसेप्टर मिसाइलों का भी 50% हिस्सा खर्च हुआ है
  • टॉमहॉक मिसाइलों के भंडार का 30% हिस्सा खत्म हो गया
  • लंबी दूरी की JASSM मिसाइलों का 20% हिस्सा इस्तेमाल हुआ
  • SM-3 और SM-6 मिसाइलों का तकरीबन 20% हिस्सा जंग में खत्म हो चुका

समझने वाली बात यह है कि इन सिस्टम को बदलने में लगभग 4 से 5 साल लगेंगे।

CSIS की तरफ से कहा गया है कि अगर ईरान के साथ चल रहा सीजफायर टूटता है और एक बार फिर से जंग शुरू होती है, तब अमेरिका के पास तुरंत हथियारों की कमी नहीं होगी। लेकिन जंग एक महीने से ज्यादा चली तो अमेरिकी सेना मुश्किल में गिर सकती है।

राहत की बात यह है कि अभी तक युद्ध विराम बरकरार है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अगर चीन जैसे किसी मजबूत देश से अमेरिका का टकराव हो जाता है तो उससे लड़ने के लिए अमेरिका के पास हथियारों की बेहद कमी हो जाएगी।

जापान ने तोड़ा 80 साल पुराना नियम – अब बेचेगा हथियार

दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान ने हथियारों का उत्पादन बंद कर दिया था। खुद को एक शांतिप्रिय देश के रूप में स्थापित किया था। हथियारों के उत्पादन पर कड़ी पाबंदी लगा दी थी।

साफ कह दिया था कि जापान न तो महाविनाश के हथियार बनाएगा और न ही बेचेगा। जिसके बाद अमेरिका ने वादा किया था कि वह जापान को सुरक्षा देगा।

लेकिन अब अमेरिका ने अपनी सुरक्षा रणनीति में बदलाव कर दिया है, जिससे हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं।

अब बदलते वैश्विक हालात और सुरक्षा चुनौतियों के बीच जापान की सरकार ने भी अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। जापान ने अब हथियारों के निर्यात का रास्ता खोल दिया है।

यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब क्षेत्र में चीन के साथ तनाव लगातार बढ़ रहा है। जिससे साफ है कि चीन को देखते हुए यह बैन हटाया गया है।

जापान अब मिसाइल, डिस्ट्रॉयर जैसे घातक हथियार भी उन देशों को बेच सकेगा जिनके साथ उसका रक्षा तकनीक और गोपनीय जानकारी साझा करने का समझौता होगा।

यह भी पढे़ं 👇

Middle Class

Middle Class : दूध ₹100, Petrol ₹150? आखिर कहां रूकेगी महंगाई डायन, क्या मध्यम वर्ग गरीब होता जा रहा है?

बुधवार, 3 जून 2026
Gulf Style Punishment

जुर्म रोकने के लिए Gulf Style Punishment: अपराधियों के हाथ-पैर काट दो, क्या भारत में लागू हो सकती है सजा?

बुधवार, 3 जून 2026
Voluntary Sex Work

Voluntary Sex Work अब अपराध नहीं: Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला

बुधवार, 3 जून 2026
MP

Madhya Pradesh Development: आखिर क्यों पिछड़ता जा रहा है भारत का ‘हार्ट’?

बुधवार, 3 जून 2026

कहा तो यहां तक जा रहा है कि जापान ये हथियार ताइवान को बेचेगा। हालांकि सरकार ने शर्त रखी है कि सक्रिय युद्ध में शामिल देशों को हथियार नहीं बेचे जाएंगे। लेकिन खास परिस्थितियों में इस नियम में छूट भी दी जा सकती है।

टोक्यो में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जहां लोगों ने हथियार निर्यात का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। लेकिन जापान की इस नीति के बाद भविष्य में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

चीन ने ताइवान के राष्ट्रपति को किया नजरबंद

चीन की तरफ से लगातार ताइवान की घेराबंदी की जा रही है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग साफ कह चुके हैं कि ताइवान चीन का हिस्सा है।

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ताइवान पर 2027 के आखिर तक हमला कर सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि अगर Iran America Conflict एक बार फिर से भड़क जाती है, तब मौका देखकर चीन ताइवान पर पहले भी हमला कर सकता है।

इस समय चीन ने ताइवान की इतनी सख्त घेराबंदी कर रखी है कि वो दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है। ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाई चिंग ते अपने ही देश से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

एक तरफ तो चीन समुद्र में ताइवान की जबरदस्त तरीके से घेराबंदी में जुटा हुआ है, तो दूसरी तरफ ताइवान के लिए उसने एयरस्पेस भी बंद कर दिए हैं।

ताइवान के आसपास के देश भी चीन के दबाव में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने ताइवान के राष्ट्रपति के लिए अपने देश की हवाई सीमा को खोलने से इंकार कर दिया है।

ताइवान सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि राष्ट्रपति लाई को अफ्रीका की यात्रा पर जाना था। लेकिन अंतिम समय पर उन्हें अपनी ये यात्रा रद्द करनी पड़ी क्योंकि सेशल्स, मेडागास्कर और मॉरीशस ने ताइवान के राष्ट्रपति को अपने एयरस्पेस में उड़ने की परमिशन नहीं दी।

मेडागास्कर के विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि हम सिर्फ चीन को मान्यता देते हैं। इसलिए ताइवान के राष्ट्रपति की उड़ान पर प्रतिबंध लगाया गया है।

मेडागास्कर की तरफ से आया यह बयान साफ बता रहा है कि वह चीन के दबाव में है।

मंगल ग्रह पर मिले कीड़े – नासा की तस्वीरों से हड़कंप

मंगल ग्रह हमेशा से इंसानों के लिए पहेली रहा है। हम वहां कभी पानी ढूंढते हैं तो कभी रहने लायक जगह।

लेकिन हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। मार्स पर कीड़े उड़ने का वीडियो सामने आया है, जिसके बाद वहां जीवन की संभावनाओं पर दोबारा चर्चा शुरू हो गई है।

दरअसल पूरा मामला तब शुरू हुआ जब NASA के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल की कुछ तस्वीरें धरती पर भेजीं।

इन तस्वीरों को देखकर एक कीट वैज्ञानिक यानी कीड़ों के एक्सपर्ट विलियम रोमोसर ने चौंकाने वाला दावा कर दिया। उन्होंने कहा कि मंगल की चट्टानों के बीच उन्हें पंखों वाले कीड़े, टांगों वाली आकृतियां और यहां तक कि छिपकली जैसे जीव भी दिखाई दिए हैं।

उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि मंगल पर जीवन पहले भी था और आज भी है।

जब इस दावे की गहराई से जांच की गई तो ज्यादातर वैज्ञानिकों ने इसे मानने से इंकार कर दिया। इसके पीछे एक बहुत ही दिलचस्प वजह है जिसे विज्ञान की भाषा में पैरीडोलिया कहते हैं।

यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे बादलों को देखकर उसमें किसी जानवर या इंसान का चेहरा दिखने लगता है। या कोई रस्सी हमें सांप की तरह लगती है।

हमारा दिमाग अनजान चीजों में भी जाने-पहचाने आकृतियां ढूंढने का आदी है। मंगल पर जो कीड़े या छिपकली दिखने का दावा किया जा रहा है, वैज्ञानिकों के मुताबिक वो असल में अजीब आकार की चट्टानें हैं।

मंगल पर लाखों सालों से चल रही तेज हवाओं और धूल भरी आंधियों ने वहां के पत्थरों को रगड़-रगड़कर ऐसे टेढ़े-मेढ़े आकार दे दिए हैं जो कैमरे की फोटो में कभी कीड़े-मकोड़े जैसे नजर आते हैं।

फिलहाल वैज्ञानिकों के पास ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है कि वहां कोई कीड़े मौजूद हैं। मंगल एक बहुत ही सर्द और सूखा ग्रह है जहां ऑक्सीजन की भी भारी कमी है।

आगे क्या होगा – विश्लेषक क्या कह रहे हैं

पश्चिम एशिया में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। सवाल उठता है कि क्या ट्रंप का सीजफायर टिक पाएगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हॉर्मुज स्ट्रेट की घेराबंदी नहीं हटती, ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होगा। और ट्रंप घेराबंदी हटाने को तैयार नहीं हैं।

ऐसे में Iran America Conflict कभी भी फिर से भड़क सकता है। पेंटागन की रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि अमेरिका लंबी जंग के लिए तैयार नहीं है।

दूसरी तरफ जापान का हथियार निर्यात शुरू करना और चीन द्वारा ताइवान की घेराबंदी – ये दोनों ही संकेत हैं कि दुनिया एक बड़े टकराव की तरफ बढ़ रही है।

उम्मीद की किरण सिर्फ यही है कि राजनयिक बातचीत जारी रहे और युद्ध टल सके। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।


मुख्य बातें (Key Points)

• डोनाल्ड ट्रंप ने Iran America Conflict में सीजफायर तो बढ़ाया लेकिन हॉर्मुज स्ट्रेट की घेराबंदी जारी रखी, समय सीमा तय नहीं की

• इस्लामाबाद वार्ता पूरी तरह फेल – ईरान ने डेलीगेशन नहीं भेजा, कहा अमेरिका पहले घेराबंदी हटाए

• पेंटागन की चौंकाने वाली रिपोर्ट – ईरान की सैन्य शक्ति अभी भी मजबूत, ट्रंप के दावे झूठे साबित हुए

• अमेरिका के पास 45% सटीक मिसाइलें और 50% पैट्रियट मिसाइलें खत्म, लंबी जंग नहीं लड़ सकता

• जापान ने 80 साल बाद हथियार निर्यात की अनुमति दी, चीन को रोकने की रणनीति

• चीन ने ताइवान के राष्ट्रपति को एयरस्पेस बंद कर नजरबंद जैसा बना दिया, 2027 तक हमले की आशंका

• NASA के रोवर की तस्वीरों में मंगल पर कीड़े दिखने का दावा, वैज्ञानिकों ने कहा-सिर्फ पैरीडोलिया का खेल


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता क्यों फेल हुई?

इस्लामाबाद वार्ता इसलिए फेल हुई क्योंकि ईरान ने साफ कह दिया कि जब तक अमेरिका हॉर्मुज स्ट्रेट से अपनी घेराबंदी नहीं हटाता, तब तक वह बातचीत नहीं करेगा। जबकि ट्रंप का कहना है कि पहले ईरान को डील करनी होगी, उसके बाद घेराबंदी हटेगी। दोनों अपनी जिद पर अड़े हैं।

प्रश्न 2: पेंटागन रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ है?

पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ट्रंप के दावे झूठे हैं। ईरान की सैन्य शक्ति अभी भी मजबूत और प्रभावशाली है। साथ ही अमेरिका के पास 45% सटीक मिसाइलें और 50% पैट्रियट मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं, जिसे फिर से बनाने में 4-5 साल लगेंगे।

प्रश्न 3: जापान ने हथियार निर्यात पर प्रतिबंध क्यों हटाया?

जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से लगे 80 साल पुराने प्रतिबंध को इसलिए हटाया क्योंकि क्षेत्र में चीन के साथ तनाव लगातार बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि यह चीन को रोकने की रणनीति है और संभवतः ताइवान को हथियार बेचे जाएंगे।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Indian Railways Ghee Rules: ट्रेन में घी ले जाना पड़ सकता है भारी, जान लें 20 किलो का नियम

Next Post

Trump Iran Ceasefire Pakistan: ट्रंप ने छोड़ा मैदान, बातचीत की जिम्मेदारी ईरान पर डाली

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Middle Class

Middle Class : दूध ₹100, Petrol ₹150? आखिर कहां रूकेगी महंगाई डायन, क्या मध्यम वर्ग गरीब होता जा रहा है?

बुधवार, 3 जून 2026
Gulf Style Punishment

जुर्म रोकने के लिए Gulf Style Punishment: अपराधियों के हाथ-पैर काट दो, क्या भारत में लागू हो सकती है सजा?

बुधवार, 3 जून 2026
Voluntary Sex Work

Voluntary Sex Work अब अपराध नहीं: Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला

बुधवार, 3 जून 2026
MP

Madhya Pradesh Development: आखिर क्यों पिछड़ता जा रहा है भारत का ‘हार्ट’?

बुधवार, 3 जून 2026
Petrol Price Hike 2026

Petrol Price Hike 2026: ₹77,280 करोड़ मुनाफे के बाद भी क्यों बढ़ रहे दाम?

बुधवार, 3 जून 2026
june-3-history-events

3 जून का इतिहास: Tiananmen Square से लेकर Muhammad Ali तक, जानें आज के दिन की बड़ी घटनाएं

बुधवार, 3 जून 2026
Next Post
Trump Iran Ceasefire Pakistan

Trump Iran Ceasefire Pakistan: ट्रंप ने छोड़ा मैदान, बातचीत की जिम्मेदारी ईरान पर डाली

Aaj Ka Rashifal

आज का राशिफल 23 अप्रैल: Aaj Ka Rashifal में धनु-मकर को धन लाभ, जानें 12 राशियों का हाल

Heat Wave Alert

Heat Wave Alert India: IMD ने जारी की चेतावनी, दिल्ली सहित 10 राज्यों में 44°C तक पहुंचेगा पारा

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।