IMD Weather Alert May 2026 : देखा जाए तो मई महीने की शुरुआत ही मौसम की मार से हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 मई 2026 को दोपहर 1:30 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी कर देश के कई राज्यों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी दी है। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में केरल में 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो चुकी है, जबकि महाराष्ट्र के चंद्रपुर में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि मौसम विभाग ने विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार मानसून पूर्व की बारिश काफी तेज होने की उम्मीद है।

पिछले 24 घंटों में मौसम की स्थिति
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन काम करने वाले IMD के अनुसार, 1 मई सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसमी घटनाएं दर्ज की गईं।
भारी से अत्यधिक भारी बारिश: केरल और माहे में 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। पालोड़े (तिरुवनंतपुरम जिला) में 12 सेंटीमीटर और थेन्नाला (मलप्पुरम) में 7 सेंटीमीटर बारिश हुई।
इसके अलावा असम, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में भी 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। ओडिशा के बांसपाल में 9 सेंटीमीटर, पुरी में 7 सेंटीमीटर और जगन्नाथ प्रसाद में 6 सेंटीमीटर बारिश हुई।
तेज आंधी-तूफान: समझने वाली बात यह है कि कई राज्यों में 50 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। बिहार, मध्य महाराष्ट्र, उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, मिजोरम, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान की स्थिति बनी।
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन और बुलंदशहर में 74 और 67 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मध्य प्रदेश के सीधी और जबलपुर में भी 74 किमी प्रति घंटे की हवाओं ने तबाही मचाई।
ओलावृष्टि की मार: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना से ओलावृष्टि की रिपोर्ट आई है। यह किसानों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका है।
तापमान में उतार-चढ़ाव: चंद्रपुर में 44.6 डिग्री
अगर गौर करें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान की विविधता काफी चौंकाने वाली है। विदर्भ, तेलंगाना और मराठवाड़ा के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
देश में सबसे अधिक तापमान महाराष्ट्र के चंद्रपुर (चांदा) में 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस मौसम का अब तक का सबसे उच्च तापमान है। पश्चिम राजस्थान, छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी पारा 38-40 डिग्री के बीच रहा।
वहीं दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, असम और मेघालय में न्यूनतम तापमान 13 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। बाकी मैदानी इलाकों में रात का तापमान 20 से 26 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।
दिलचस्प बात यह है कि सौराष्ट्र और कच्छ, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री अधिक रहा।
मौसम तंत्र और पूर्वानुमान: क्या कह रहे विशेषज्ञ
मौसम विभाग के अनुसार, कई मौसमी तंत्र सक्रिय हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान का कारण बन रहे हैं:
पश्चिमी विक्षोभ: कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों में मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। एक और पश्चिमी विक्षोभ 30 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में देशांतर 55 डिग्री पूर्व के साथ एक गर्त के रूप में देखा गया है।
चक्रवाती परिसंचरण: उत्तरी पंजाब और उसके आसपास निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। गंगीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी निचले स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
गर्त रेखा: दक्षिण ओडिशा से मन्नार की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक गर्त/पवन असंततता रेखा चल रही है। दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश और उसके आसपास निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण है।
उत्तर-पूर्वी भारत: भारी बारिश का रेड अलर्ट
उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए स्थिति सबसे गंभीर है। अगले 4-5 दिनों तक व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश: 1 से 4 मई और फिर 6-7 मई को भारी बारिश की आशंका। 1 मई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।
असम और मेघालय: 1 से 4 मई और 7 मई को भारी बारिश। विशेष रूप से 1 से 3 मई के बीच अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 1 से 5 मई तक भारी बारिश। 1 मई को अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि इन इलाकों में भूस्खलन, कीचड़ के धसने और कमजोर संरचनाओं को नुकसान का खतरा बना हुआ है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम: तूफानी हवाओं की चेतावनी
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है। अगले 5 दिनों तक व्यापक रूप से बारिश जारी रहेगी।
थंडरस्क्वॉल अलर्ट: 1 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 50-60 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। गंगीय पश्चिम बंगाल में 1, 3 और 4 मई को यही स्थिति रहेगी।
भारी बारिश: 1 से 3 मई तक भारी बारिश की संभावना है। विशेष रूप से 1 और 2 मई को अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट है।
कोलकाता और आसपास के इलाकों में पानी भराव, यातायात बाधित होना और बिजली-संचार लाइनों को नुकसान की आशंका है।
बिहार, झारखंड और ओडिशा: आंधी-तूफान की आशंका
बिहार में 1 से 5 मई तक, झारखंड में 1 से 7 मई तक और ओडिशा में 1 से 5 मई तक आंधी, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश होगी।
बिहार: 1 मई को भारी बारिश और 4 मई को तूफानी हवाओं (50-60 किमी प्रति घंटे) की चेतावनी।
ओडिशा: 1 मई को ओलावृष्टि की संभावना के साथ तूफानी हवाएं चलेंगी। भुवनेश्वर में 70 किमी प्रति घंटे की हवाएं पहले ही रिकॉर्ड की जा चुकी हैं।
झारखंड: 1 मई को 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी है।
उत्तर-पश्चिमी भारत: बर्फबारी और ओलावृष्टि
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर: 2 से 5 मई तक हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के साथ आंधी, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं। 3 मई को ओलावृष्टि की आशंका।
हिमाचल प्रदेश: 3 से 7 मई तक बारिश/बर्फबारी। 3 और 4 मई को ओलावृष्टि का अलर्ट।
उत्तराखंड: 3 से 7 मई तक बारिश/बर्फबारी। 4 और 5 मई को ओलावृष्टि की संभावना।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 2 से 7 मई तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।
मध्य भारत: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में तूफान
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है।
छत्तीसगढ़: 3 और 4 मई को 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाएं चलेंगी जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
विदर्भ: 3 से 5 मई तक बारिश और आंधी का अनुमान है।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश
दक्षिण प्रायद्वीपीय राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में 1 से 4 मई तक भारी बारिश का अनुमान है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी: 1 से 5 मई तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और 30-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं। 1 से 4 मई तक भारी बारिश की संभावना।
केरल और माहे: 1 से 4 मई तक भारी बारिश का अलर्ट। पिछले 24 घंटों में पहले ही 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो चुकी है।
तटीय आंध्र प्रदेश और यानम: 1, 4 और 5 मई को 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं की चेतावनी।
कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा: 1 से 5 मई तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली।
तापमान का पूर्वानुमान: राहत की उम्मीद
देखा जाए तो उत्तर-पश्चिमी भारत में गर्मी से कुछ राहत मिलने वाली है। 2 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 3 से 7 मई के बीच धीरे-धीरे 3-5 डिग्री की गिरावट आएगी।
मध्य प्रदेश में 2 मई तक तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, लेकिन बाद में 3-5 डिग्री की गिरावट होगी। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 3 मई तक कोई खास बदलाव नहीं, लेकिन उसके बाद 2-3 डिग्री की कमी आएगी।
गुजरात राज्य में 2 मई तक स्थिरता रहेगी, फिर 3 से 7 मई के बीच 2-3 डिग्री की गिरावट होगी। बाकी देश में 7 मई तक तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
गर्म और आर्द्र मौसम की चेतावनी
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 1 से 5 मई तक गर्म और आर्द्र मौसम की स्थिति रहेगी। तटीय कर्नाटक में 1 और 2 मई को तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 1 से 3 मई तक गर्म और नम स्थिति बनी रहेगी।
यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को सख्त चेतावनी दी है कि वे निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
बंगाल की खाड़ी: ओडिशा तट और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट, पश्चिम बंगाल तट और बांग्लादेश तट के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में 1 से 4 मई तक।
समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाओं के कारण मछली पकड़ने जाना खतरनाक हो सकता है। मछुआरों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
अरब सागर: फिलहाल अरब सागर के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
दिल्ली-NCR के लिए विशेष मौसम पूर्वानुमान
राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र के लिए मौसम विभाग ने 1 से 4 मई तक का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।
पिछले 24 घंटों की स्थिति: दिल्ली में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जबकि न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 39-40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20-23 डिग्री के बीच रहा।
आंशिक रूप से बादल छाए रहे और दक्षिण-पूर्व दिशा से 51 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलीं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई।
1 मई 2026: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर/शाम को गरज के साथ विकास की संभावना। अधिकतम तापमान 36-38 डिग्री सेल्सियस रहेगा। दोपहर में उत्तर-पश्चिम दिशा से 20 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।
2 मई 2026: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 38-40 डिग्री और न्यूनतम 24-26 डिग्री के बीच रहेगा।
3 मई 2026: दोपहर को आसमान में बादल छा जाएंगे। दोपहर से शाम के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी जो 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 36-38 डिग्री और न्यूनतम 25-27 डिग्री रहेगा।
4 मई 2026: आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। दिन में एक या दो बार हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी जो 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 35-37 डिग्री और न्यूनतम 24-26 डिग्री रहेगा।
संभावित प्रभाव और सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने चेताया है कि तूफानी हवाओं, बिजली और ओलावृष्टि से निम्नलिखित प्रभाव हो सकते हैं:
संभावित नुकसान: पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं, खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। केला और पपीता के पेड़ों को छोटी से बड़ी क्षति हो सकती है। बिजली और संचार लाइनें टूट सकती हैं। कमजोर संरचनाओं को आंशिक क्षति हो सकती है। कच्चे मकानों, दीवारों और झोपड़ियों को नुकसान हो सकता है।
सुरक्षा उपाय: लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें। संभव हो तो यात्रा से बचें। पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें। इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें। पानी के स्रोतों से तुरंत बाहर आ जाएं। बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
भारी बारिश से संभावित खतरे और बचाव
अत्यधिक भारी बारिश से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
संभावित प्रभाव: सड़कों पर स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जल भराव, शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होना। भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी। जल भराव के कारण यातायात बाधित होना और यात्रा समय बढ़ना। कच्ची सड़कों को छोटी क्षति। कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना। स्थानीय भूस्खलन, कीचड़ धसना। कुछ क्षेत्रों में जलमग्नता के कारण बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान। कुछ नदी घाटियों में नदी में बाढ़ आ सकती है।
सुझाए गए कदम: अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले मार्ग पर यातायात की स्थिति जांच लें। इस संबंध में जारी किए गए किसी भी यातायात परामर्श का पालन करें। उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जल भराव की समस्या होती है। कमजोर संरचना में रहने से बचें।
किसानों के लिए कृषि सलाह
मौसम विभाग ने विभिन्न राज्यों के किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह जारी की है:
ओडिशा: फलों के बगीचों और सब्जी के पौधों में ओलावृष्टि से बचाव के लिए जाल या टोपी का उपयोग करें। खेतों में जल भराव से बचने के लिए प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करें। परिपक्व फलों की जल्द से जल्द तुड़ाई करें।
अरुणाचल प्रदेश: WRC धान की नर्सरी की बुवाई स्थगित करें। धान, मक्का और अन्य फसलों के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। गोभी, मटर, सरसों और आलू की कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
असम: फसल के खेतों में पानी के जमाव से बचने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें। परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई को प्राथमिकता दें। केला या गन्ने जैसी लंबी फसलों और युवा पौधों को बांस की छड़ियों या खंभों से यांत्रिक सहारा प्रदान करें।
मेघालय: मक्का, अदरक, सब्जियों और बागों में उचित जल निकासी प्रदान करें। गिरने से बचाने के लिए सहारा दें।
मणिपुर: सोयाबीन और मूंगफली की बुवाई स्थगित करें। अतिरिक्त बारिश के पानी को निकालें। मिर्च, अदरक, हल्दी, केला आदि के खेतों में लंबे समय तक बारिश का पानी जमा न होने दें।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम: जल भराव से बचने के लिए विशेष रूप से अदरक, टमाटर के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। कद्दूवर्गीय और मिर्च की नर्सरी को पॉलीथीन शीट या एग्रो-नेट से ढककर युवा पौधों की रक्षा करें।
केरल: केला, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें। केले के पौधों को सहारा दें।
तमिलनाडु: उड़द, मूंग, गन्ना, बागान और सब्जियों में पानी के जमाव से बचने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।
गर्मी की लहर के लिए: महाराष्ट्र-विदर्भ में ग्रीष्मकालीन मूंग, मूंगफली, प्याज, सूरजमुखी और सब्जियों में ठंडे घंटों के दौरान हल्की और बार-बार सिंचाई करें। वाष्पीकरण को कम करने के लिए पुआल की मल्चिंग का उपयोग करें।
पशुधन, मुर्गीपालन और मत्स्य पालन सलाह
पशुधन: भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित चारा प्रदान करें। चारा और चारे को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर स्टोर करें।
मत्स्य पालन: मछलियों के भागने से रोकने के लिए तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं।
उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में: जानवरों के लिए स्वच्छ, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल प्रदान करें। प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए मुर्गी पालन के छतों को घास से ढकें।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा
यदि समग्र रूप से देखें तो निम्नलिखित राज्यों/क्षेत्रों में स्थिति सबसे गंभीर है:
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम – अत्यधिक भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाएं
- असम और मेघालय – 1 से 3 मई तक अत्यधिक भारी वर्षा
- अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा – भारी से अत्यधिक भारी बारिश
- ओडिशा – तूफानी हवाएं और ओलावृष्टि
- झारखंड और बिहार – तूफानी हवाएं और भारी बारिश
- छत्तीसगढ़ – 3-4 मई को 70 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं
- तटीय आंध्र प्रदेश – तूफानी हवाएं
- केरल और तमिलनाडु – भारी बारिश
मौसम अपडेट कहां से प्राप्त करें
मौसम विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे नियमित रूप से मौसम अपडेट देखते रहें। विस्तृत जानकारी के लिए निम्नलिखित लिंक देखें:
- राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन: https://mausam.imd.gov.in/responsive/all_india_forcast_bulletin.php
- जिलेवार चेतावनी: https://mausam.imd.gov.in/responsive/districtWiseWarningGIS.php
- मछुआरों के लिए चेतावनी: https://rsmcnewdelhi.imd.gov.in/fishermenwarning.php
ऑरेंज और रेड अलर्ट का मतलब
समझने वाली बात यह है कि मौसम विभाग चार रंगों के माध्यम से चेतावनी जारी करता है:
- ग्रीन: कोई चेतावनी नहीं, सामान्य मौसम
- येलो: मौसम खराब हो सकता है, सतर्क रहें
- ऑरेंज: मौसम काफी खराब होगा, तैयार रहें
- रेड: अत्यंत गंभीर मौसम, तुरंत कार्रवाई करें
फिलहाल पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। यह कहा जा सकता है कि स्थिति गंभीर है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
• IMD ने 1 मई 2026 को उत्तर-पूर्वी भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है
• तूफानी हवाएं 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में
• महाराष्ट्र के चंद्रपुर में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सबसे अधिक तापमान है
• केरल में पिछले 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर तक बारिश हुई, असम, ओडिशा और तमिलनाडु में भी भारी वर्षा
• हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में 3-5 मई को ओलावृष्टि की संभावना, किसानों के लिए खतरा
• मछुआरों को चेतावनी कि 1-4 मई तक बंगाल की खाड़ी में न जाएं, ऊंची लहरें और तेज हवाएं खतरनाक हैं












