How Bollywood Makes Money Overseas : बॉलीवुड की फिल्में अब सिर्फ भारत के टिकट खिड़की तक सीमित नहीं रहीं। आज एक फिल्म रिलीज़ होने से पहले ही करोड़ों कमा लेती है : विदेशी मार्केट, मल्टीप्लेक्स के महंगे टिकट और OTT राइट्स की बदौलत। यही वजह है कि भारत में फिल्में बैक-टू-बैक बनती हैं, चाहे वो हिट हों या फ्लॉप।
देखा जाए तो इसकी शुरुआत हुई शूटिंग की लोकेशन से। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी।
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‘विदेश में शूटिंग का असली राज: टैक्स रिबेट’
आपने गौर किया होगा कि एक दौर में फिल्मों की शूटिंग UK और लंदन जैसी विदेशी लोकेशनों पर ज़्यादा होने लगी थी। इसके पीछे सिर्फ खूबसूरत नज़ारे नहीं थे : असली वजह थी पैसा।
दरअसल प्रोडक्शन हाउसेस ने ऐसे डेस्टिनेशन टारगेट किए जहां शूटिंग पर टैक्स रिबेट (Tax Rebate) मिलती थी। जैसे यूके और लंदन में शूटिंग करने पर सरकार से टैक्स में छूट मिलती है। और इसी छूट ने खेल बदल दिया। जो फिल्में पहले भारत में शूट होती थीं, उनके गाने अब विदेशों में फिल्माए जाने लगे।
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‘इंटरनेशनल मार्केट: फिल्म का सेफ्टी नेट’
आगे चलकर इन प्रोडक्शन हाउसेस ने भारत के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केट को भी निशाने पर लिया। विदेशी डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ मिलकर इन्होंने फिल्में बाहर भी रिलीज़ करनी शुरू कर दीं। नतीजा? जो फिल्म पहले सिर्फ भारत में कमाती थी, वो अब विदेशों से भी कमाने लगी।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं शाहरुख खान, जो इंटरनेशनल मार्केट में पहले भी हिट थे और आज भी हिट हैं। दिलचस्प बात यह है कि शाहरुख की 14 से ज़्यादा फिल्में ऐसी हैं जिन्होंने 10 मिलियन डॉलर से ज़्यादा कमाया। यानी 50 से 100 करोड़ रुपये तो सिर्फ भारत के बाहर से ही आ जाते हैं।
इससे साफ होता है कि उनकी फिल्म में एक “सेफ्टी नेट” बना रहता है, और इसीलिए उनकी फिल्मों को बाज़ार में ज़्यादा वैल्यू मिलती है।
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‘आंकड़े जो हैरान कर देंगे’
विदेशी कमाई का असर समझना है तो ये आंकड़े एक नज़र में देखिए:
| फिल्म | बनाने की लागत | भारत में कमाई | विदेश से कमाई |
|---|---|---|---|
| दिलवाले (2015) | ₹74 करोड़ | : | ₹170 करोड़ (विदेशी देशों से) |
| सीक्रेट सुपरस्टार | ₹15 करोड़ | ₹63 करोड़ | ₹863 करोड़ (अकेले चीन से) |
समझने वाली बात है कि सीक्रेट सुपरस्टार सिर्फ ₹15 करोड़ में बनी, मगर अकेले चीन से उसने ₹863 करोड़ कमा लिए। यह आंकड़ा बताता है कि विदेशी बाज़ार बॉलीवुड के लिए कितनी बड़ी सोने की खान बन चुका है।
‘मल्टीप्लेक्स ने बदल दिया पूरा गणित’
इंटरनेशनल मार्केट के साथ-साथ भारत के अंदर मल्टीप्लेक्स भी आए, जो सिंगल स्क्रीन से कहीं ज़्यादा महंगे थे। सिंगल स्क्रीन वाले हॉल का टिकट जहां करीब ₹50 का होता था, वहीं मल्टीप्लेक्स का टिकट ₹200 के आसपास।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पहले जो फिल्म सुपरहिट होती थी, वो बच्चे-बच्चे को पता होती थी। मगर आज हर फिल्म “ब्लॉकबस्टर” हो जाती है, फिर भी कई लोगों को उसके बारे में पता तक नहीं होता। इसकी वजह भी यही मल्टीप्लेक्स हैं।
प्रोडक्शन हाउसेस को समझ आ गया कि सिंगल स्क्रीन में 1 करोड़ लोगों को फिल्म दिखाकर जितना पैसा बनता है, उतना ही पैसा मल्टीप्लेक्स में सिर्फ 20 लाख लोगों को दिखाकर बनाया जा सकता है। और यही चसका ऐसा लगा कि टिकट के दाम ऊपर-नीचे करके हर फिल्म को हिट बनाया जाने लगा। 100 करोड़ क्लब और 300 करोड़ क्लब अब बेहद आम बात हो गई।
‘सिंगल स्क्रीन का बंद होना: छोटे शहरों का नुकसान’
मगर इसकी एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। चिंता का विषय यह है कि भारत में सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल लगातार बंद होने लगे। पहले देश में 12,000 सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल थे, लेकिन 2019 में ये घटकर सिर्फ 6,500 रह गए।
आम आदमी पर इसका सीधा असर यह हुआ कि छोटे शहरों के लोगों के लिए सिनेमा हॉल ही नहीं बचे। ज़रा याद कीजिए : आखिरी बार आपने किसी रिक्शे वाले या मज़दूर को मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखते कब देखा था?
सवाल उठता है कि क्या इसका नुकसान बॉलीवुड को भी हुआ? जवाब है : हां। बॉलीवुड पहले भी पैसा कमाता था, मगर ज़्यादा लोगों को फिल्म दिखाकर। अब भी कमा रहा है, लेकिन अपनी पहुंच (Reach) घटाकर।
‘OTT राइट्स: सोने पे सुहागा’
और इन सबके बाद सोने पे सुहागा हुआ जब OTT राइट्स बिकने लगे। Netflix, Amazon और Hotstar जैसे प्लेटफॉर्म्स में होड़ लगी रहती है कि किसके पास ज़्यादा कंटेंट है, क्योंकि ज़्यादा कंटेंट का मतलब है ज़्यादा सब्सक्रिप्शन। इसी होड़ की वजह से बेकार से बेकार फिल्म को भी बढ़िया डील मिल जाती है।
आपने नोटिस किया होगा कि जो फिल्म फ्लॉप होती है, वो OTT पर जल्दी आ जाती है। इसके पीछे है होल्ड बैक राइट्स (Hold Back Rights) का गणित : यानी फिल्म सिनेमा में रिलीज़ होने के कितने दिन बाद OTT पर आएगी। जितनी जल्दी फिल्म OTT पर आएगी, उतने कम पैसे में डील होती है। आमतौर पर ये अवधि 8 हफ्ते की होती है, मगर फ्लॉप फिल्म थिएटर से जल्दी बाहर हो जाए तो उसका होल्ड बैक राइट घट जाता है।
‘आमिर खान का वो दांव जो उल्टा पड़ गया’
इसका सबसे बड़ा उदाहरण है आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा। रिलीज़ से पहले Netflix के साथ डील में आमिर ने 150 करोड़ की डिमांड रखी थी और कहा था कि फिल्म 6 महीने से पहले OTT पर नहीं आएगी।
आमिर ने ऑन रिकॉर्ड यहां तक कहा कि बॉलीवुड वाले फिल्में जल्दी OTT पर देकर गलती कर रहे हैं, और कम से कम 6 महीने तक फिल्म OTT पर नहीं देनी चाहिए, क्योंकि इससे फिल्म की वैल्यू घटती है।
मगर हुआ इसका उल्टा। जब उनकी फिल्म फ्लॉप हो गई, तो उन्हें डील सिर्फ 70 करोड़ में करनी पड़ी, वो भी 2 महीने के अंदर फिल्म OTT पर देनी पड़ी। और तब उन्हें बाकी प्रोड्यूसर्स का दर्द समझ आया कि आखिर फिल्म जल्दी OTT पर क्यों देनी पड़ती है।
‘फ्लॉप होकर भी मुनाफा: 30 मार खान की मिसाल’
एक और दिलचस्प मामला है फिल्म तीस मार खान का। शीला की जवानी आइटम सॉन्ग के अलावा शायद ही आपको इस फिल्म का कुछ याद हो : क्योंकि ये फ्लॉप रही थी।
इस फिल्म को UTV ने 55 करोड़ में बनाया और 15 करोड़ का प्रमोशन किया। फिर भी इसने 81 करोड़ की कमाई कर ली। और यही असली राज़ है कि फिल्म हिट हो या फ्लॉप, भारत में फिल्में बैक-टू-बैक क्यों बनती रहती हैं।
‘श्योर शॉट पैसा नहीं: डिस्ट्रीब्यूशन का छिपा खेल’
अब आप कहेंगे कि ये तो बढ़िया बिज़नेस है, इसमें तो श्योर शॉट पैसा है। मगर ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसमें डिस्ट्रीब्यूशन का भी एक बड़ा खेल है, जिसकी वजह से बड़े और पुराने प्रोडक्शन हाउसेस ही इस इंडस्ट्री को कंट्रोल करते हैं।
समझने वाली बात है कि फिल्म के राइट्स बिकने की वजह से कई फिल्में रिलीज़ से पहले ही पैसा कमा लेती हैं, और कुछ मामलों में तो रिलीज़ से पहले ही सुपरडुपर हिट हो जाती हैं। मगर राइट्स बिक जाने के बाद असली खेल शुरू होता है : फिल्म बनाने के बाद उसे लोगों तक पहुंचाने का।
‘जानें पूरा मामला’
बॉलीवुड का बिज़नेस अब सिर्फ टिकट बिक्री का खेल नहीं रहा। टैक्स रिबेट वाली विदेशी शूटिंग, इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन, महंगे मल्टीप्लेक्स टिकट और OTT राइट्स : इन चार पहियों पर पूरी इंडस्ट्री दौड़ रही है। यही कारण है कि एक फिल्म रिलीज़ से पहले ही अपनी लागत निकाल लेती है, और फ्लॉप होने पर भी मुनाफे में रह सकती है। मगर इसका दूसरा पहलू यह है कि सिंगल स्क्रीन बंद होने से सिनेमा गरीब और छोटे शहरों के दर्शकों की पहुंच से दूर होता जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- विदेश में शूटिंग टैक्स रिबेट के लिए की जाती थी; इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन से फिल्में भारत के बाहर भी कमाने लगीं।
- सीक्रेट सुपरस्टार ने ₹15 करोड़ में बनकर अकेले चीन से ₹863 करोड़ कमाए।
- मल्टीप्लेक्स के महंगे टिकट से कमाई बढ़ी, मगर सिंगल स्क्रीन 12,000 से घटकर 2019 में 6,500 रह गईं।
- OTT होल्ड बैक राइट्स के चलते फ्लॉप फिल्में भी मुनाफा कमा लेती हैं; आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा की डील 150 करोड़ से घटकर 70 करोड़ में हुई।











