Health Supervisor Death Boha : बोहा (मानसा)। पंजाब के मानसा जिले के बोहा कस्बे में सोमवार को पूरी तरह से बंद रहा। यह बंद मल्टी-पर्पज हेल्थ सुपरवाइजर भूपिंदर कुमार भिंदा की लाश मिलने के बाद बुलाया गया है। उनकी मौत ने न सिर्फ स्थानीय लोगों में रोष पैदा किया है, बल्कि राजनीतिक घमासान भी शुरू कर दिया है। परिवार ने बुढलाडा से आम आदमी पार्टी के विधायक बुद्ध राम समेत तीन अन्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
देखा जाए तो यह मामला सिर्फ एक मौत तक सीमित नहीं रहा है। स्थानीय समूहों ने बंद का आह्वान किया, जिसके जवाब में पूरे कस्बे की दुकानें और व्यापारिक संस्थान बंद रहे। लोगों ने अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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शुक्रवार को लापता हुए, रविवार को मिली लाश
जिक्रयोग है कि बोहा में तैनात भूपिंदर कुमार भिंदा शुक्रवार शाम को रहस्यमय हालात में लापता हो गए थे। परिवार के अनुसार वह किसी को बताए बिना घर से चले गए थे और अपना मोबाइल फोन भी साथ नहीं ले गए थे। रविवार को उनकी लाश मक्खेवाला गांव के पास भाखड़ा नहर में से बरामद की गई।
हैरान करने वाली बात यह है कि उनका मोटरसाइकिल भी बाद में भाखड़ा नहर के पास ही मिला था। यह सब घटनाएं एक के बाद एक इस तरह से घटीं कि परिवार को शक हुआ कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि कुछ और है।
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परिवार का आरोप: दबाव में था भिंदा
भिंदा के पिता तरसेम राज ने ट्रिब्यून समूह को बताया था कि परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में विधायक बुद्ध राम, बोहा के आयुष्मान आरोग्य केंद्र (पहले आम आदमी क्लीनिक) में तैनात दो कर्मचारी जगतार सिंह और अमन कौर तथा एक अन्य व्यक्ति हरी सिंह का नाम लिया है।
समझने वाली बात यह है कि परिवार ने दोष लगाया है कि भिंदा अपने लापता होने से पहले मानसिक तनाव और दबाव में थे। उन्होंने अपनी शिकायत में नामित सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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AAP विधायक बुद्ध राम का पलटवार
इस बीच बुद्ध राम ने सभी आरोपों से इनकार किया है। विधायक ने कहा कि उन्होंने भिंदा से सिर्फ किसी मुद्दे पर बात की थी और न तो उसे धमकाया था और न ही उस पर दबाव डाला था। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा भिंदा का समर्थन किया है और उसकी बदली झूनीर से बोहा करवाने में भी मदद की थी।
अगर गौर करें तो यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में किसी सरकारी कर्मचारी की रहस्यमय मौत हुई हो और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए हों।
सुसाइड नोट बरामद, लेकिन पुष्टि नहीं
इस दौरान एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी सामग्री की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। लेकिन परिवार और स्थानीय लोग इस नोट को भी संदिग्ध मान रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि लाश को बुढलाडा सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है और पोस्टमार्टम अभी किया जाना बाकी है। परिवार पोस्टमार्टम से पहले न्याय की गारंटी चाहता है।
बोहा में तनाव, सुरक्षा सख्त
कस्बे में किसी बड़ी कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने के लिए सुरक्षा सख्त कर दी गई है। कुछ राजनेताओं के प्रदर्शनकारियों में शामिल होने की उम्मीद है, जिससे माहौल और गरम हो सकता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि स्थानीय संगठनों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जांच में लापरवाही हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आयुष्मान केंद्र में क्या हुआ था?
सूत्रों के अनुसार भिंदा आयुष्मान आरोग्य केंद्र (पूर्व में आम आदमी क्लीनिक) में कुछ मामलों को लेकर तनाव में थे। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर वह तनाव क्या था और क्यों था।
इससे साफ होता है कि मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संस्थागत भी हो सकता है। जांच में इन सभी पहलुओं को देखा जाना जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
• मानसा के बोहा कस्बे में हेल्थ सुपरवाइजर भूपिंदर भिंदा की रहस्यमय मौत
• परिवार ने AAP विधायक बुद्ध राम समेत तीन पर दबाव डालने का आरोप लगाया
• शुक्रवार को लापता हुए, रविवार को भाखड़ा नहर से मिली लाश
• सुसाइड नोट मिला लेकिन पुष्टि नहीं, पोस्टमार्टम बाकी
• बोहा में पूर्ण बंद, निष्पक्ष जांच की मांग













