IMD Weather Forecast August 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दूसरे भाग (अगस्त-सितंबर 2026) के लिए महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। IMD के अनुसार, देश में इस अवधि के दौरान सामान्य से कम बारिश (Long Period Average का 94% से कम) होने की संभावना है।
समझने वाली बात यह है कि यह पूर्वानुमान Multi-Model Ensemble (MME) फोरकास्टिंग सिस्टम पर आधारित है, जो विभिन्न वैश्विक जलवायु मॉडलों का उपयोग करता है। देखा जाए तो El Niño की मौजूदगी इस कम बारिश का मुख्य कारण बन सकती है।
🔍 यह भी पढ़ें- IMD Weather Alert: 10 राज्यों में Extremely Heavy Rainfall, Red Alert जारी
अगस्त-सितंबर 2026: देश के अधिकांश हिस्सों में कम बारिश
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगस्त से सितंबर (Aug+Sep) की अवधि में देश में औसत बारिश सामान्य से कम (<94% of LPA) रहने की संभावना है।
Long Period Average (LPA):
- अगस्त-सितंबर के लिए: 422.8 mm (1971-2020 के आधार पर)
कहां होगी सामान्य से अधिक बारिश:
- प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में
- मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में
- उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी भागों में
- पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।
अगस्त 2026: महीने की शुरुआत में ही कम बारिश की आशंका
अकेले अगस्त 2026 के लिए भी IMD ने सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान दिया है।
अगस्त के लिए LPA: 254.9 mm (1971-2020 के आधार पर)
विशेष संकेत:
- पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश
- उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य बारिश
- पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश
- देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश
अगस्त 2026: तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान
IMD ने अगस्त 2026 के लिए तापमान पूर्वानुमान भी जारी किया है:
अधिकतम तापमान:
- देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक रहेगा
- उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम या सामान्य
- दक्षिणी प्रायद्वीप के अलग-अलग क्षेत्रों में सामान्य से कम या सामान्य
न्यूनतम तापमान:
- देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक या सामान्य रहेगा
दिलचस्प बात यह है कि मानसून के बावजूद तापमान अधिक रहने का अनुमान है, जो El Niño के प्रभाव को दर्शाता है।
El Niño का प्रभाव: मुख्य कारण
IMD ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में Moderate El Niño स्थितियां प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में मौजूद हैं।
El Niño की स्थिति:
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| वर्तमान स्थिति | Moderate El Niño |
| SST Anomalies | मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत में सामान्य से अधिक |
| भविष्य का पूर्वानुमान | मानसून सीजन के दौरान और मजबूत होने की संभावना |
| MMCFS Forecast | El Niño की निरंतर मजबूती का संकेत |
अगर गौर करें, तो El Niño भारतीय मानसून को कमजोर करने के लिए जाना जाता है।
Indian Ocean Dipole (IOD): तटस्थ स्थिति
वर्तमान में हिंद महासागर में Neutral IOD स्थितियां मौजूद हैं।
IOD का पूर्वानुमान:
- MMCFS: मानसून सीजन के शेष भाग में तटस्थ IOD जारी रहने की संभावना
- अंतर्राष्ट्रीय केंद्र: सितंबर 2026 में Positive IOD विकसित होने की संभावना
समझने वाली बात यह है कि Positive IOD भारतीय मानसून के लिए अनुकूल होता है, जो El Niño के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकता है।
Multi-Model Ensemble (MME) फोरकास्टिंग सिस्टम
2021 से IMD एक नई रणनीति का उपयोग कर रहा है:
MME की विशेषताएं:
- विभिन्न वैश्विक जलवायु केंद्रों के मॉडल का उपयोग
- Monsoon Mission Climate Forecasting System (MMCFS) सहित
- मासिक और मौसमी स्तर पर पूर्वानुमान
- बारिश और तापमान दोनों के लिए
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि IMD ने 2026 मानसून के लिए पहला पूर्वानुमान 13 अप्रैल को और अपडेट 29 मई को जारी किया था।
राज्यवार संभावित प्रभाव
हालांकि IMD ने विस्तृत राज्यवार डेटा नहीं दिया, लेकिन सामान्य संकेत हैं:
कम बारिश की संभावना:
- उत्तर भारत के अधिकांश हिस्से
- पश्चिमी भारत के कई क्षेत्र
- मध्य भारत के कुछ भाग
सामान्य से अधिक बारिश:
- तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक (पूर्वी प्रायद्वीप)
- कुछ पूर्वोत्तर राज्य
- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से
किसानों के लिए महत्वपूर्ण
कम बारिश का पूर्वानुमान कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय हो सकता है:
संभावित प्रभाव:
- खरीफ फसलों पर असर
- सिंचाई की बढ़ी हुई आवश्यकता
- जलाशयों में पानी का स्तर कम होना
- कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति
देखा जाए तो किसानों को सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
Extended Range और Short-Medium Range Forecasts
IMD अन्य सेवाएं भी प्रदान करता है:
Extended Range Forecast:
- हर गुरुवार को अपडेट
- अगले चार सप्ताह के लिए 7-दिन का औसत पूर्वानुमान
- बारिश और तापमान दोनों के लिए
Short to Medium Range Forecast:
- रोजाना जारी
- IMD वेबसाइट पर उपलब्ध
सितंबर 2026 का पूर्वानुमान कब?
IMD ने स्पष्ट किया है कि सितंबर 2026 के लिए अलग से पूर्वानुमान अगस्त के अंत तक जारी किया जाएगा।
पिछले वर्षों से तुलना
हालांकि ट्रांसक्रिप्ट में पिछले वर्षों का डेटा नहीं दिया गया, लेकिन यह जानना जरूरी है कि:
- El Niño के वर्षों में आमतौर पर मानसून कमजोर रहता है
- 2023-24 में भी इसी तरह की स्थितियां देखी गई थीं
- LPA 1971-2020 के 50 साल के डेटा पर आधारित है
जनता के लिए सलाह
समझने वाली बात यह है कि:
- जल संरक्षण पर ध्यान दें
- वर्षा जल संचयन सिस्टम लगाएं
- सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था करें
- फसल बीमा लें
- IMD की अपडेट नियमित रूप से देखें
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD ने अगस्त-सितंबर 2026 में सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया
- देश के अधिकांश हिस्सों में 94% LPA से कम बारिश की संभावना
- अगस्त में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान
- Moderate El Niño स्थितियां मौजूद हैं और मजबूत होने की संभावना
- Indian Ocean Dipole वर्तमान में तटस्थ है
- पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश संभव
- Multi-Model Ensemble (MME) सिस्टम से पूर्वानुमान तैयार किया गया











