Punjab Police Cheating Gang Bust Faridkot: पंजाब पुलिस ने एक अंतरराज्यीय नकल गिरोह का बड़ा भंडाफोड़ किया है जो बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट की फार्मेसी भर्ती परीक्षा में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर नकल करवा रहा था। इस कार्रवाई में हरियाणा के भिवानी निवासी मास्टरमाइंड सहित 10 हैंडलर गिरफ्तार किए गए हैं और 25 अभ्यर्थी हिरासत में लिए गए हैं।
समझने वाली बात यह है कि यह केवल एक साधारण नकल का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित, तकनीक आधारित अंतरराज्यीय रैकेट है। देखा जाए तो पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस मामले को लेकर हरियाणा सरकार पर सीधे निशाना साधा है।
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शिक्षा मंत्री बैंस का बड़ा बयान: “भिवानी बन चुका है नकल का गढ़”
आज (31 जुलाई) पेडा कॉम्प्लेक्स, चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने एक के बाद एक कई बड़े आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवंत मान सरकार किसी भी कीमत पर पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम नहीं होने देगी।
मंत्री ने कहा:
“हरियाणा का भिवानी केवल एक शहर नहीं, बल्कि नकल का गढ़ बन चुका है। इस नेटवर्क ने हरियाणा के हजारों युवाओं के सपनों को कुचल दिया, जो नौकरियां, दाखिले और प्लेसमेंट हासिल कर सकते थे। अपने राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के बाद यह गिरोह अपना कारोबार बढ़ाने के लिए पंजाब पहुंचा।”
दिलचस्प बात यह है कि बैंस ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तंज कसते हुए कहा:
“हरियाणा के मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में राजनीतिक एजेंडा तय करने में व्यस्त हैं, लेकिन अपने राज्य के विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए उनके पास समय नहीं है।”
19 जुलाई की सुबह: जब पुलिस को मिली खुफिया सूचना
IGP नीलांबरी जगदले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे ऑपरेशन का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया:
“मैं एक बात बिल्कुल स्पष्ट करना चाहती हूं कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है। यह अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित एक संगठित और तकनीक आधारित परीक्षा धोखाधड़ी रैकेट है।”
19 जुलाई की सुबह पुलिस को विशेष खुफिया सूचना मिली थी कि एक अंतरराज्यीय गिरोह फरीदकोट में BFUHS की फार्मेसी प्रवेश परीक्षा के दौरान उन्नत वायरलेस और ब्लूटूथ उपकरणों की सहायता से नकल करवाने की तैयारी कर रहा है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मुखबिरों ने गिरोह का ठिकाना सोसायटी नगर, फरीदकोट स्थित गुरमीत सिंह के घर में चिन्हित किया था।
छापेमारी: घर में मिला पूरा कंट्रोल रूम
जब पुलिस ने छापेमारी की तो जो दृश्य सामने आया, वह किसी जासूसी फिल्म से कम नहीं था। घर में एक पूरी तरह सक्रिय अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया गया था, जिसमें:
- वायरलेस ट्रांसमीटर
- संशोधित मोबाइल फोन
- प्रश्नों के उत्तर बताने के लिए तैयार बैठे हैंडलरों की पूरी टीम
अगर गौर करें, तो यह पूरा सेटअप बेहद सुनियोजित और professional था।
गिरोह का कार्य करने का तरीका: चौंकाने वाली योजना
IGP जगदले ने बताया कि गिरोह का कार्य करने का तरीका अत्यंत सुनियोजित और चौंकाने वाला था:
Step 1: प्रश्नपत्र की स्कैनिंग
- भिवानी निवासी एक अभ्यर्थी ने परीक्षा शुरू होते ही एक गुप्त कैमरे से प्रश्नपत्र स्कैन किया
- तस्वीरें तुरंत भिवानी के हैंडलर साजन को भेज दीं
Step 2: उत्तरों की तैयारी
- साजन ने प्रश्नपत्र हल कर उत्तर फरीदकोट के कंट्रोल रूम को भेजे
Step 3: अभ्यर्थियों को उत्तर बताना
- कंट्रोल रूम में मौजूद हैंडलर दीपक और मनजीत परीक्षा केंद्र के भीतर मौजूद अभ्यर्थियों को वायरलेस उपकरणों के माध्यम से उत्तर बोलकर लिखवा रहे थे
समझने वाली बात यह है कि इससे पहले कि गिरोह अपनी योजना को पूरी तरह अंजाम दे पाता, पुलिस टीमों ने छापा मारकर कंट्रोल रूम से छह हैंडलरों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
200+ पुलिसकर्मी तैनात: व्यापक अभियान
IGP ने बताया कि इस पूरे अभियान के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 200 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। सभी परीक्षा अधीक्षकों, नियंत्रकों और निरीक्षकों को तत्काल सतर्क कर दिया गया, जिसके बाद अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई।
जब्त सामान: हाईटेक उपकरणों का भंडार
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान जो सामान बरामद किया, वह इस गिरोह की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है:
| सामान | संख्या | विवरण |
|---|---|---|
| केचौडा (K-33) मोबाइल फोन | 38 संशोधित फोन | 25 अभ्यर्थियों और 13 हैंडलरों के पास से |
| छिपे हुए वायरलेस ईयरपीस | 21 | कान की नली में फिट होने वाले |
| वाहन | 2 | अपराध में इस्तेमाल किए गए |
केचौडा K-33 फोन: कैसे बनाया जाता है ‘नकल का हथियार’
IGP ने एक चौंकाने वाली जानकारी साझा की। ‘केचौडा K-33’ मोबाइल फोन दिल्ली के एक विक्रेता से खरीदे गए थे और YouTube पर उपलब्ध ट्यूटोरियल की सहायता से उन्हें संशोधित किया गया था।
संशोधन की प्रक्रिया:
- स्क्रीन, माइक्रोफोन और स्पीकर जैसे अनावश्यक हिस्से हटाए गए
- RF Frequency Transmitter लगाए गए
- फोन को एक छिपे हुए संचार उपकरण में बदल दिया गया
दिलचस्प बात यह है कि गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे छिपे हुए ईयरपीस इतने छोटे थे कि वे कान की नली के काफी अंदर तक फिट हो जाते थे और सामान्य शारीरिक जांच के दौरान भी दिखाई नहीं देते थे।
कौन-कौन गिरफ्तार? अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
IGP जगदले ने बताया कि इस रैकेट में अब तक 13 हैंडलरों की पहचान की जा चुकी है:
हैंडलरों का राज्यवार विवरण:
- 8 हैंडलर: हरियाणा और राजस्थान के
- 5 हैंडलर: पंजाब के
- 10 गिरफ्तार, 3 फरार
अभ्यर्थी:
- 25 हिरासत में
- 4 फरार
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जांच में किसी भी परीक्षा केंद्र के कर्मचारी, अधिकारी या पर्यवेक्षक की संलिप्तता सामने नहीं आई है।
IGP ने स्पष्ट किया:
“यह न तो पेपर लीक का मामला है और न ही किसी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी अथवा परीक्षा केंद्र के स्टाफ की कोई मिलीभगत सामने आई है। यह पूरा नकल गिरोह बाहरी लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था।”
पंजाब की शिक्षा उपलब्धियां: आंकड़े बोलते हैं
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब की शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य लगातार देश के कई प्रमुख शिक्षा केंद्रों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
तुलनात्मक प्रदर्शन:
- पंजाब का सबसे कम प्रदर्शन करने वाला जिला पटियाला भी हरियाणा के सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक जिला गुरुग्राम से बेहतर प्रदर्शन करता है
- प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया
JEE और NEET में शानदार प्रदर्शन:
| परीक्षा | 2022 | 2024 | 2026 | वृद्धि |
|---|---|---|---|---|
| NEET | 80 से कम | 437 | 882 | 1000%+ |
| JEE Main | – | – | 361 | – |
| JEE Advanced | – | – | 64 | – |
अगर गौर करें, तो NEET में मात्र दो वर्षों में 100% से अधिक वृद्धि हुई है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
“उड़ता पंजाब” से “पढ़ता पंजाब”: बैंस का दावा
शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार ने “उड़ता पंजाब” को “पढ़ता पंजाब” में बदल दिया है।
उन्होंने कहा:
“पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पारदर्शिता और योग्यता पर आधारित है, जबकि हरियाणा वर्षों से वहां सक्रिय नकल गिरोहों पर अंकुश लगाने में विफल रहा है।”
ब्लॉकचेन तकनीक से होगी परीक्षाएं: भविष्य की योजना
शिक्षा मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा:
“पंजाब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की तकनीकों में निवेश कर रहा है। हरियाणा क्या कर रहा है? कुछ भी नहीं, क्योंकि वहां के मुख्यमंत्री केवल फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं।”
व्यक्तिगत लेकिन भावनात्मक संदेश
प्रेस वार्ता के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने एक भावनात्मक संदेश दिया:
“यदि कोई व्यक्ति मुझे व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाता है तो मुझे उसकी परवाह नहीं है। मैं एक सामान्य व्यक्ति हूं। लेकिन मैं अपने पंजाब, अपने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान या अपने विद्यार्थियों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुनूंगा।”
उन्होंने आगे कहा:
“पिछले चार वर्षों से अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस हमारे खिलाफ झूठ फैलाते रहे हैं, लेकिन आज पूरा देश सच्चाई जान चुका है।”
समझने वाली बात यह है कि मंत्री ने शिक्षा को अपना जुनून बताते हुए कहा:
“शिक्षा केवल मेरा विभाग नहीं, बल्कि मेरा जुनून है। मैं हर पंजाबी विद्यार्थी के भविष्य की रक्षा करूंगा, चाहे हमारे खिलाफ कितनी भी साजिशें क्यों न रची जाएं।”
हरियाणा सरकार को सख्त संदेश
शिक्षा मंत्री ने हरियाणा सरकार को सीधे संदेश देते हुए कहा:
“पेपर लीक और नकल कराने वालों को संरक्षण देना बंद करें। पहले अपने राज्य की व्यवस्था को सुधारें। पंजाब सरकार ने नकल के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। इस रैकेट में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा। पंजाब को बदनाम करने की कोशिशें बंद की जाएं।”
अभियान जारी: 3 हैंडलर और 4 अभ्यर्थी फरार
IGP नीलांबरी जगदले ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई से गिरोह को बड़ा झटका जरूर लगा है, लेकिन अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है।
अभी भी फरार:
- 3 हैंडलर
- 4 अभ्यर्थी
पुलिस की टीमें हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के विभिन्न शहरों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
IGP ने दोहराया:
“जब तक इस साजिश में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के शिकंजे में नहीं लाया जाता, तब तक हमारी कार्रवाई जारी रहेगी।”
Zero Tolerance की नीति
IGP ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस अपराध, भ्रष्टाचार और परीक्षा में अपनाए जाने वाले अनुचित साधनों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब बनाम हरियाणा: राजनीतिक तनातनी
इस पूरे मामले ने पंजाब और हरियाणा के बीच एक राजनीतिक टकराव को भी जन्म दिया है। जबकि पंजाब सरकार अपनी शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता का दावा कर रही है, वहीं हरियाणा पर आरोप लगाया जा रहा है कि वहां नकल माफिया को संरक्षण मिल रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि यह मामला केवल एक नकल गिरोह तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह दोनों राज्यों की शिक्षा नीतियों और प्रशासनिक क्षमताओं की तुलना का विषय बन गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब पुलिस ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी फार्मेसी परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया
- हरियाणा के भिवानी निवासी मास्टरमाइंड सहित 10 हैंडलर गिरफ्तार, 25 अभ्यर्थी हिरासत में
- 38 संशोधित केचौडा K-33 मोबाइल फोन और 21 छिपे हुए वायरलेस ईयरपीस बरामद
- फरीदकोट में घर से पूरी तरह सक्रिय कंट्रोल रूम मिला
- 13 हैंडलरों की पहचान: 8 हरियाणा-राजस्थान से, 5 पंजाब से
- शिक्षा मंत्री बैंस ने भिवानी को ‘नकल का गढ़’ बताया
- IGP ने स्पष्ट किया: यह पेपर लीक नहीं, संगठित धोखाधड़ी रैकेट है
- NEET में पंजाब के सरकारी स्कूलों के छात्रों की संख्या 2022 में 80 से बढ़कर 2026 में 882 हुई
- पंजाब ने प्राथमिक शिक्षा में केरल को भी पीछे छोड़ा
- पंजाब पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई, 200+ पुलिसकर्मी तैनात किए गए










