Goindwal Thermal Plant के मुलाजिमों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। वित्तीय तंगी से जूझ रहे पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट में जी.वी.के. (GVK) प्रबंधन के तहत काम कर रहे इंजीनियरों, अधिकारियों, तकनीकी और गैर-तकनीकी स्टाफ को विभाग में शामिल करने के लिए 108 नई पोस्ट सृजित की हैं। पावरकॉम प्रबंधन से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस स्टाफ को सरकारी दायरे में लाकर पक्के तौर पर एडजस्ट किया जाएगा।
देखा जाए तो यह उन सैकड़ों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो सालों से नौकरी की सुरक्षा का इंतजार कर रहे थे।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab में SI की हत्या से सनसनी! AAP के सरपंच समेत 20 पर FIR, 2 करोड़ का ऐलान
‘कौन-कौन सी पोस्ट को मिली मंजूरी?’
जी.वी.के. की तरफ से सौंपी गई 108 कर्मचारियों की सूची के आधार पर पावरकॉम ने अपनी संचालन जरूरतों के हिसाब से पोस्ट तय की हैं। समझने वाली बात है कि इसमें हर स्तर के पद शामिल हैं।
| पद का नाम | संख्या |
|---|---|
| चीफ इंजीनियर | 1 |
| सीनियर एक्सीयन (इलेक्ट्रिकल) | 17 |
| सीनियर एक्सीयन (सिविल) | 2 |
| ए.ई.ई. (इलेक्ट्रिकल) | 30 |
| ए.ई.ई. (सिविल) | 2 |
| ए.ई. (सिविल) | 1 |
| ए.ई. (इलेक्ट्रिकल) | 27 |
| जे.ई. (इलेक्ट्रिकल) | 6 |
इसके अलावा अकाउंट और प्रशासनिक स्टाफ भी शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें भुवनेश्वर स्थित जी.वी.के. के मुख्य दफ्तर में काम करने वाले मुलाजिम भी हैं।
🔍 यह भी पढ़ें- Govt Holiday Alert: 30 मई को बंद रहेंगे Punjab के School-College – जानें वजह!
‘तनख्वाह में क्या होगा बदलाव?’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बदलाव के दौरान मुलाजिमों को फिलहाल वही तनख्वाह मिलेगी जो वे मौजूदा समय में ले रहे हैं। जी.वी.के. के ज्यादातर मुलाजिमों की तनख्वाह PSPCL के बराबर के पदों के मुकाबले कम है। जबकि कुछ मुलाजिमों को ज्यादा तनख्वाह भी मिल रही है।
अगर गौर करें तो यह थर्मल प्लांट फिलहाल रोपड़ थर्मल के चीफ इंजीनियर की देखरेख में चल रहा है। पावरकॉम के 4 ए.ई. पहले से ही गोइंदवाल प्लांट में सेवाएं दे रहे हैं।
💡 यह भी पढ़ें- Gold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानें ताजा भाव Gold Price Today Forecast
‘अकाउंट और प्रशासन के लिए भी नई पोस्ट’
540 मेगावाट के इस थर्मल प्लांट के प्रशासनिक और अकाउंट विभाग के कामकाज को सुचारू ढंग से चलाने के लिए सीनियर असिस्टेंट की 2 और अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) की 1 पोस्ट सृजित की गई है। इसके अलावा एक डिप्टी चीफ अकाउंट्स ऑफिसर (Dy. CAO), दो अकाउंट्स ऑफिसर (AOs) और दो असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर (AAOs) की पोस्ट को भी मंजूरी दी गई है।
‘आउटसोर्स कर्मचारियों में भी जगी उम्मीद’
राहत की बात यह है कि इस फैसले के बाद प्लांट में आउटसोर्स (ठेके पर) काम कर रहे दूसरे कर्मचारियों में भी उम्मीद की किरण जागी है। उन्हें लगता है कि पंजाब सरकार की एडजस्टमेंट नीति के तहत आने वाले दिनों में उन्हें भी विभाग में पक्के होने का लाभ मिल सकता है।
इसका मतलब है कि यह फैसला सिर्फ 108 लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे थर्मल सेक्टर के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
‘उच्च स्तरीय कमेटी का गठन’
दूसरी ओर पावरकॉम मैनेजमेंट ने स्टाफ के समायोजन की प्रक्रिया को बिना किसी अड़चन के पूरा करने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन कर दिया है। यह कमेटी तकनीकी खामियों को दूर करने का काम करेगी। यह दर्शाता है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
‘जानें पूरा मामला’
गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट पहले जी.वी.के. कंपनी के अधीन था। पिछले कुछ समय पहले PSPCL ने इसका अधिग्रहण किया। तब से यहां काम कर रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अब सरकार ने उन्हें सरकारी दायरे में लाकर बड़ी राहत दी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गोइंदवाल थर्मल प्लांट के 108 GVK कर्मचारियों को PSPCL पक्का करेगी।
- चीफ इंजीनियर से लेकर JE तक की पोस्ट को मंजूरी।
- फिलहाल कर्मचारियों को मौजूदा तनख्वाह ही मिलेगी।
- 540 मेगावाट के प्लांट के लिए अकाउंट और प्रशासन की भी पोस्ट सृजित।













