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The News Air - Breaking News - Maternal Deaths Rajasthan: 3 महीने में 19 माँओं ने तोड़ा दम!

Maternal Deaths Rajasthan: 3 महीने में 19 माँओं ने तोड़ा दम!

बीकानेर PBM हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत, सिजेरियन के बाद बंद हो रहा पेशाब बना रहस्य।

Ajay Kumar by Ajay Kumar
बुधवार, 15 जुलाई 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राजस्थान
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Maternal Deaths Rajasthan
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Maternal Deaths Rajasthan में लगातार गंभीर रूप ले रहा है। राजस्थान में सिजेरियन ऑपरेशन (सी-सेक्शन) के बाद होने वाली पेचीदगियों के कारण मांओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बीकानेर के मशहूर पी.बी.एम. (PBM) हॉस्पिटल में बीते एक महीने से जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही 25 साल की महिला की मंगलवार को मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हॉस्पिटल में हाल के हफ्तों में जच्चा मौत का यह तीसरा मामला है।

चिंता का विषय यह है कि पिछले तीन महीनों में सूबे में मांओं की मौत का कुल आंकड़ा बढ़कर 19 हो गया है। इसने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

🔍 यह भी पढ़ें- Andhra Pradesh Population Policy 2026: तीसरे बच्चे पर ₹20,000, चौथे पर ₹40,000

‘कमला की कहानी: उम्मीद और मायूसी’

पी.बी.एम. हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. बी.सी. घीया ने बताया कि मृतक महिला की पहचान कमला मेघवाल के रूप में हुई। उसे 8 जून को हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। दुखद बात यह थी कि वह डायबिटीज की मरीज थी और यह उसकी तीसरी गर्भावस्था थी।

डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उसका इलाज कर रही थी। और बस यहीं से शुरू हुई असली त्रासदी। एक समय उसकी हालत में सुधार भी दिखा। लेकिन अचानक सेहत बिगड़ने से डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

🔍 यह भी पढ़ें- Maternal Mortality Siddhi: 53 माताओं की मौत, मध्य प्रदेश में मां बनना कितना सुरक्षित?

‘ऑपरेशन सफल, पर जान न बच पाई’

अगर गौर करें तो कमला ने भर्ती होने वाले दिन ही बच्चे को जन्म दिया था। शुरुआत में मां और बच्चा दोनों स्थिर थे। चूंकि मरीज डायबिटीज से पीड़ित थी और पहले भी दो सी-सेक्शन ऑपरेशन हो चुके थे, इसलिए तीसरी बार भी ऑपरेशन ही मुनासिब समझा गया।

समझने वाली बात यह है कि ऑपरेशन सफल रहा था। लेकिन अगले ही दिन 9 जून को उसकी हालत बिगड़ गई और उसे डायलिसिस पर रखना पड़ा। आखिरकार मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण उसकी जान चली गई। राहत की बात यह है कि बच्चा फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है।

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‘PBM में 6 प्रसूताओं की गंभीर हालत’

डॉ. घीया ने चिंता जताते हुए बताया कि हॉस्पिटल में जच्चा के बाद कुल 6 महिलाओं की हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई थी। इनमें से 3 की मौत हो चुकी है और बाकी 3 को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई है।

हैरान करने वाली बात यह है कि कमला से पहले 19 जून को 20 साल की प्रीति की मौत हुई थी। उसके दो दिन बाद 26 साल की शारदा ने किडनी फेल होने के कारण दम तोड़ दिया था। इन तीनों ही महिलाओं के ऑपरेशन के 24 घंटों के अंदर पेशाब आना बंद हो गया था। यह एक अजीब पैटर्न है जिसने डॉक्टरों को भी चौंकाया है।

‘तीन महीने में सूबे भर के आंकड़े’

सूबे भर के आंकड़ों पर नजर मारें तो पिछले तीन महीनों में हुई 19 मौतों का जिले-वार विवरण चौंकाने वाला है।

जिलामौतें
कोटा5
बीकानेर3
जोधपुर2
भीलवाड़ा और बांसवाड़ा (मिलाकर)9
कुल19

यह दर्शाता है कि यह किसी एक हॉस्पिटल की समस्या नहीं। यह पूरे राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल है।

‘सरकार हरकत में, 5 दिन का विशेष अभियान’

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राजस्थान सरकार हरकत में आई है। बुधवार से पूरे सूबे में गर्भवती महिलाओं की सेहत जांच के लिए एक विशेष 5-दिन का अभियान शुरू किया जा रहा है। मेडिकल और स्वास्थ्य विभाग की मुख्य सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि इस अभियान के तहत सभी गर्भवती महिलाओं की सख्त स्क्रीनिंग की जाएगी और उनके एंटीनेटल चेक-अप का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

‘आम आदमी पर असर’

सवाल उठता है कि आखिर इन मौतों की असली वजह क्या है? क्या यह सिर्फ मेडिकल पेचीदगियां हैं या हॉस्पिटल की लापरवाही? आम गरीब परिवार जो सरकारी हॉस्पिटल पर निर्भर हैं, उनके लिए यह खबर डरावनी है। अगर PBM जैसे बड़े हॉस्पिटल में ऐसे हादसे हो रहे हैं, तो छोटे केंद्रों की क्या स्थिति होगी?

‘जानें पूरा मामला’

राजस्थान में पिछले कुछ हफ्तों से सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कई मामलों में ऑपरेशन के 24 घंटे के अंदर पेशाब बंद होना और फिर मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर एक कॉमन पैटर्न बनकर उभरा है। स्वास्थ्य विभाग अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है।

मुख्य बातें (Key Points)
  • बीकानेर PBM हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत, आंकड़ा 3 महीने में 19 पहुंचा।
  • 25 वर्षीय कमला मेघवाल की मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर से मौत।
  • कोटा में सबसे ज्यादा 5 मौतें, भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में 9।
  • राजस्थान सरकार ने 5-दिन का विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. राजस्थान में तीन महीने में कितनी प्रसूताओं की मौत हुई है?

पिछले तीन महीनों में राजस्थान में सिजेरियन के बाद 19 प्रसूताओं की मौत हुई है।

Q2. मौतों की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?

ज्यादातर मामलों में ऑपरेशन के 24 घंटे के अंदर पेशाब आना बंद हो जाना, फिर किडनी फेल और अंत में मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर पाया गया है।

Q3. सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

राजस्थान सरकार ने पूरे सूबे में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए 5 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें सख्त स्क्रीनिंग और रिकॉर्ड रखा जाएगा।

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