Amritsar Drug Bust की एक बड़ी कामयाबी सामने आई है। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) टीम ने अमृतसर में एक नशा तस्कर को 6 किलो हेरोइन के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। देखा जाए तो यह महज एक रूटीन पकड़ नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी के नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत चलाए जा रहे नशा मुक्त अभियान ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो वैरोवाल रोड, जंडियाला गुरु, अमृतसर का रहने वाला है। दिलचस्प बात यह है कि यह शख्स दुबई में बैठे एक बदनाम हैंडलर अंतरप्रीत सिंह के सीधे निर्देश पर काम कर रहा था। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज चंडीगढ़ में इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि यह गिरफ्तारी एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का सिरा पकड़ने जैसी है।
दुबई कनेक्शन और देसी सप्लाई चेन
अगर गौर करें तो इस पूरे मामले में एक साफ पैटर्न दिखता है। लवप्रीत सिंह महज एक छोटा खिलाड़ी नहीं था। वह दुबई स्थित अंतरप्रीत सिंह के सीधे संपर्क में था, जिसके खिलाफ पहले से कई नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि लवप्रीत विभिन्न स्थानों से हेरोइन की बड़ी खेप लेकर आता था और फिर स्थानीय नेटवर्क के जरिए इसे आगे सप्लाई करता था।
डीजीपी यादव ने बताया कि पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि लवप्रीत ने हाल ही में हेरोइन की एक बड़ी खेप हासिल की है। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। सूचना के मुताबिक, आरोपी अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर अड्डा मानावाला के पास किसी अन्य व्यक्ति को यह खेप सौंपने वाला था। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और मौके पर पहुंचकर लवप्रीत को गिरफ्तार कर लिया।
कार की तलाशी से निकला 6 किलो का जहर
समझने वाली बात यह है कि पुलिस ने सिर्फ आरोपी को ही नहीं पकड़ा, बल्कि उसकी सिल्वर रंग की हुंडई i10 कार (रजिस्ट्रेशन नंबर पीबी 10-सीवी-3211) की तलाशी ली। और यहीं से पूरा खेल खुल गया। कार में छिपाकर रखे गए 6 किलो हेरोइन की खेप बरामद हुई। यह मात्रा इतनी बड़ी है कि इससे हजारों युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो सकती थी।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कार नशे की सप्लाई का एक अहम जरिया बन चुकी थी। पुलिस ने इस वाहन को भी जब्त कर लिया है ताकि आगे की जांच में इसके इस्तेमाल के सबूत जुटाए जा सकें।
अड्डा मानावाला: सौदे की जगह बनी गिरफ्तारी की वजह
अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर स्थित अड्डा मानावाला इलाका इस बार नशा तस्करों के लिए काल साबित हुआ। पुलिस की मुखबिरी तंत्र इतना मजबूत था कि लवप्रीत को यह अंदाजा भी नहीं था कि वह पुलिस के रडार पर है। मौके पर पहुंचकर सादे कपड़ों में तैनात पुलिस टीम ने उसे चारों ओर से घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया।
राहत की बात यह है कि यह कार्रवाई बिना किसी मुठभेड़ या हिंसा के पूरी हुई। पुलिस ने पूरी प्रोफेशनलिज्म के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में केस दर्ज
इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 25 और 29 के तहत एफआईआर नंबर 27 दिनांक 29 अप्रैल 2026 को दर्ज की गई है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, इन धाराओं के तहत आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है।
एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 नशीली दवाओं के व्यावसायिक उत्पादन से संबंधित है, धारा 25 छोटी मात्रा में नशीली दवाओं के कब्जे से जुड़ी है, जबकि धारा 29 षड्यंत्र से संबंधित है। इसका मतलब साफ है कि पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी के खिलाफ मजबूत केस बनाया है।
आगे-पीछे के कनेक्शन खंगालने की तैयारी
डीजीपी गौरव यादव ने साफ किया कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होने वाला। पुलिस टीमें पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे-पीछे के संबंधों की गहन जांच कर रही हैं। सवाल उठता है कि दुबई से यह नशा किस रूट से आ रहा था? कौन-कौन इस चेन में शामिल है? और सबसे बड़ी बात, यह खेप किसके लिए थी?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लवप्रीत से पूछताछ में कई अहम नाम सामने आ सकते हैं। अंतरप्रीत सिंह दुबई में बैठकर किस तरह से पंजाब तक अपना नेटवर्क चला रहा था, यह भी जांच का विषय है।
नशा मुक्त पंजाब मिशन को एक और सफलता
चिंता का विषय यह रहा है कि पंजाब में नशे की समस्या पिछले कई सालों से गंभीर बनी हुई है। लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने इस मुद्दे को प्राथमिकता से लिया है। नशा मुक्त पंजाब अभियान के तहत पुलिस को खुली छूट दी गई है कि वह नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
और इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ महीनों में पंजाब पुलिस ने कई बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। उम्मीद की किरण यह है कि ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी और राज्य को नशे के कलंक से मुक्त करने में मदद मिलेगी।
आम जनता पर सीधा असर
इस तरह की कार्रवाइयों का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। 6 किलो हेरोइन का मतलब है हजारों डोज, जो सड़कों पर, स्कूलों के पास, कॉलेजों में युवाओं तक पहुंचती। हर एक पकड़ का मतलब है सैकड़ों परिवारों को बर्बादी से बचाना।
दिलचस्प बात यह भी है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन वाली तस्करी को रोकने से राज्य की साख भी बढ़ती है। पंजाब पुलिस ने साबित कर दिया है कि चाहे तस्कर दुबई में बैठा हो या किसी और देश में, उसका नेटवर्क यहां काम नहीं कर सकता।
मुख्य बातें (Key Points)
- काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने लवप्रीत सिंह को 6 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया
- आरोपी दुबई-आधारित हैंडलर अंतरप्रीत सिंह के निर्देश पर काम कर रहा था
- अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर अड्डा मानावाला के पास हुई गिरफ्तारी
- हुंडई i10 कार (पीबी 10-सीवी-3211) भी जब्त, जो नशे की सप्लाई में इस्तेमाल हो रही थी
- एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25, 29 के तहत FIR 27/2026 दर्ज
- पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी













