Aadhaar Card New Rule को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय विशेष पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब आधार कार्ड को जन्मतिथि (Date of Birth) का प्रूफ नहीं माना जाएगा। देखा जाए तो यह फैसला काफी अहम है और इसके कई व्यावहारिक निहितार्थ हैं।
UIDAI ने एक आधिकारिक पत्र जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी है। इसके तहत आधार कार्ड आपकी पहचान का तो सबूत होगा, लेकिन इससे आपकी जन्मतिथि प्रमाणित नहीं मानी जाएगी—भले ही उसमें जन्मतिथि क्यों ना मौजूद हो। अगर गौर करें तो यह बदलाव थोड़ा भ्रमित करने वाला लग सकता है, लेकिन UIDAI का तर्क साफ है।
UIDAI का स्पष्टीकरण: आधार का उद्देश्य क्या है?
इस फैसले पर UIDAI का बयान सामने आया है। संस्था ने कहा कि आधार का मूल उद्देश्य ऑथेंटिफिकेशन (Authentication) के जरिए पहचान को प्रमाणित करना है, ना कि संबंधित व्यक्ति की डेट ऑफ बर्थ बताना।
समझने वाली बात यह है कि UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया कि आधार कार्ड पर जन्मतिथि यूजर्स के द्वारा एनरोलमेंट या अपडेट के दौरान दी गई जानकारी के आधार पर दर्ज की जाती है। यानी यह self-declared information है, जिसकी कोई स्वतंत्र वेरिफिकेशन प्रक्रिया नहीं होती।
दिलचस्प बात यह है कि UIDAI ने साफ किया कि आधार कार्ड केवल इस बात की पुष्टि करता है कि जिस व्यक्ति ने अपना आधार बनवाया था, वही व्यक्ति उसे पेश कर रहा है। आधार प्रमाणीकरण (Authentication) में बायोमेट्रिक और अन्य रजिस्टर्ड डिटेल्स का मिलान सेंट्रल डेटाबेस से किया जाता है। सफल प्रमाणीकरण से केवल व्यक्ति की पहचान स्थापित होती है, लेकिन जन्मतिथि जैसी अन्य जानकारियों का वेरिफिकेशन नहीं होता।
AUA और KUA एजेंसियों पर छोड़ा फैसला
UIDAI ने आगे कहा कि AUA (Authentication User Agency) यानी ऑथेंटिफिकेशन यूजर एजेंसी और KUA (KYC User Agency) यानी केवाईसी यूजर एजेंसी यह तय कर सकते हैं कि जन्मतिथि निर्धारित करने या उम्र संबंधी जानकारी के लिए आधार का उपयोग किया जाए या नहीं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कल्याणकारी योजनाओं, सब्सिडी या अन्य सरकारी उद्देश्यों के लिए आधार का उपयोग करना या ना करना संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों के विवेक पर निर्भर करता है।
इसका मतलब साफ है कि अगर कोई सरकारी योजना जन्मतिथि के आधार पर लाभ देती है, तो वह एजेंसी आधार कार्ड को स्वीकार कर सकती है या नहीं भी कर सकती। यह पूरी तरह से उस एजेंसी की पॉलिसी पर निर्भर करेगा।
आधार के सभी रूप पहचान के प्रमाण के तौर पर मान्य
UIDAI ने दोहराया कि आधार के सभी रूप—भौतिक आधार कार्ड, ई-आधार, मास्क्ड आधार, ऑफलाइन XML और QR कोड—कुछ शर्तों के अधीन पहचान और पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
हालांकि, UIDAI ने साफ कर दिया है कि आधार कार्ड अपने आप में जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है। राहत की बात यह है कि पहचान और पते के लिए आधार पूरी तरह से मान्य रहेगा।
Google Wallet में जुड़ी आधार की नई सुविधा
इसी बीच, अमेरिकी टेक दिग्गज Google ने घोषणा की कि भारतीय यूजर्स अब अपनी आधार वेरिफाइड क्रेडेंशियल्स को सीधे Google Wallet में सुरक्षित रूप से सेव कर सकेंगे। यह सुविधा यूजर्स को रोजमर्रा के कामों में पहचान और उम्र सत्यापन के लिए एक सुरक्षित डिजिटल-फर्स्ट ऑप्शन देगी।
Google के ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, यह फीचर UIDAI के साथ साझेदारी पर आधारित है। यूजर्स अब अपने डिवाइस पर ही पहचान वेरिफाई कर सकेंगे। कंपनी ने Selective Disclosure तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिससे केवल जरूरी जानकारी ही शेयर की जाएगी, जिससे गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
PVR INOX, Bharat Matrimony, Atlas जैसे पार्टनर्स शामिल
शुरुआती साझेदारों में PVR INOX शामिल है, जो सिनेमाघरों में उम्र जांच और रिवॉर्ड्स के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल करेगा। वहीं Bharat Matrimony प्राइम प्रोफाइल्स के सत्यापन के लिए और Atlas अंतरराष्ट्रीय वीजा आवेदनों को एक टैप में ऑटो-फिल करने के लिए इस फीचर को अपनाएगा।
उम्मीद की किरण यह है कि यह डिजिटल सुविधा लोगों के लिए काफी सुविधाजनक साबित होगी। अब भौतिक आधार कार्ड की जगह फोन में ही सुरक्षित तरीके से अपनी पहचान सेव कर सकेंगे।
आम जनता पर क्या असर?
अब सवाल उठता है कि इस नए नियम का आम आदमी की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा? सबसे पहली बात, अगर आपको किसी सरकारी योजना या दस्तावेज के लिए जन्मतिथि का प्रूफ देना है, तो अब आपको आधार कार्ड के अलावा कोई और दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट या पासपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है।
दूसरी बात, चिंता का विषय यह है कि कई जगहों पर लोग आधार कार्ड को ही एकमात्र दस्तावेज मानते थे। अब उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज रखने होंगे। लेकिन दिलचस्प बात यह भी है कि यह बदलाव डेटा एक्यूरेसी को बढ़ाएगा, क्योंकि जन्मतिथि की वेरिफिकेशन अब अधिक विश्वसनीय स्रोतों से होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- UIDAI ने नए आदेश में आधार कार्ड को जन्मतिथि का प्रूफ नहीं माना
- आधार केवल पहचान और पते की पुष्टि करेगा, जन्मतिथि वेरिफाई नहीं करेगा
- जन्मतिथि self-declared information है, जिसकी कोई स्वतंत्र वेरिफिकेशन नहीं
- AUA और KUA एजेंसियां खुद तय करेंगी कि आधार को जन्मतिथि प्रूफ मानें या नहीं
- Google Wallet में आधार क्रेडेंशियल्स सेव करने की नई सुविधा
- PVR INOX, Bharat Matrimony, Atlas जैसे पार्टनर्स शामिल













