Heat Wave Alert India May 2026 की बड़ी खबर सामने आई है। India Meteorological Department (IMD) ने 25 मई 2026 को एक अहम प्रेस रिलीज जारी कर देश के कई हिस्सों में भयंकर गर्मी की चेतावनी दी है। देखा जाए तो अगले 4-5 दिनों तक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में लू की स्थिति बेहद गंभीर रहने वाली है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ इलाकों में severe heat wave यानी अत्यधिक लू चल रही है, जो जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में heat wave conditions अगले 4-5 दिनों तक जारी रहेंगे। वहीं पूर्व और प्रायद्वीपीय भारत में यह स्थिति 3-4 दिनों तक बनी रहेगी। लेकिन राहत की बात यह है कि 29 मई से तापमान में गिरावट और लू की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। हालांकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रह सकता है।

कहां-कहां है Red और Orange Alert: एक नजर में
समझने वाली बात यह है कि मौसम विभाग ने विभिन्न राज्यों के लिए अलग-अलग स्तर की चेतावनी जारी की है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि Punjab, Haryana, Delhi, Uttar Pradesh, Rajasthan, Madhya Pradesh और Vidarbha में स्थिति सबसे गंभीर है।
| राज्य/क्षेत्र | Heat Wave Alert अवधि | Severe Heat Wave अवधि | चेतावनी स्तर |
|---|---|---|---|
| Punjab | 25-28 मई | 26-27 मई (कुछ हिस्सों में) | Orange/Red |
| Haryana-Chandigarh-Delhi | 25-28 मई | 25-27 मई (कुछ हिस्सों में) | Red |
| Uttar Pradesh | 25-28 मई | 25-27 मई (कुछ इलाकों में) | Red |
| West Rajasthan | 25-30 मई | 25-28 मई | Red |
| East Madhya Pradesh | 25-29 मई | 25-28 मई | Orange |
| Vidarbha | 25-29 मई | 25-28 मई | Orange |
| Chhattisgarh | 25-28 मई | – | Yellow |
| Odisha | 25-29 मई | – | Yellow |
| Telangana | 25-28 मई | – | Yellow |
| Coastal Andhra Pradesh | 25-28 मई | – | Yellow |
दिल्ली-NCR में 45 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा
राजधानी Delhi और NCR में गर्मी ने तोड़ दिए सभी रिकॉर्ड। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 3-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। अब तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है जबकि रात का तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास है।
अगर गौर करें तो दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री या उससे अधिक बढ़ा हुआ है, जो चिंता का विषय है। गर्म रातें (Warm Night Conditions) लोगों को परेशान कर रही हैं। India Meteorological Department के अनुसार अगले दिनों का पूर्वानुमान इस प्रकार है:
25 मई 2026: आकाश साफ रहेगा लेकिन दोपहर बाद आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। अलग-अलग स्थानों पर लू चलेगी। तेज हवाएं 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी जो कभी-कभी 40 किमी तक पहुंच सकती हैं। दोपहर से शाम के बीच बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी के साथ गड़गड़ाहट, बिजली कड़कना, धूल भरी आंधी और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा, कभी-कभी 60 किमी तक) चल सकती हैं।
26 मई 2026: मुख्य रूप से साफ आकाश। अलग-अलग स्थानों पर लू। तेज हवाएं 20-30 किमी प्रति घंटे, कभी-कभी 40 किमी तक।
27 मई 2026: मुख्य रूप से साफ आकाश। Heat wave conditions जारी। तापमान 43-45 डिग्री सेल्सियस के बीच।
28 मई 2026: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश के साथ गड़गड़ाहट, बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा, कभी-कभी 60 किमी तक) की संभावना। तापमान में मामूली गिरावट, 42-44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
Vidarbha में 47.2 डिग्री: देश का सबसे गर्म स्थान
चिंता का विषय यह है कि 24 मई 2026 को Vidarbha के Brahmpuri में देश का सबसे अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, Uttar Pradesh के आसपास के इलाकों, पूर्व और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में तापमान 43-47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
और बस यहीं से शुरू होती है असली समस्या – जब रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर बना रहता है। West Madhya Pradesh, Vidarbha, Coastal Andhra Pradesh, Odisha और Gangetic West Bengal में रात का तापमान सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
Southwest Monsoon 2026 की प्रगति: केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश
हैरान करने वाली बात यह है कि जब देश का एक हिस्सा भयंकर गर्मी से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत में Southwest Monsoon ने दस्तक दे दी है। 25 मई 2026 तक मानसून की उत्तरी सीमा 7°N/60°E, 7°N/70°E, 7°N/75°E, 8°N/80°E, 10°N/85°E, 13.5°N/90°E और 17°N/95°E से होकर गुजर रही है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों में मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी और Andaman Sea के शेष हिस्सों में आगे बढ़ेगा।
पिछले 24 घंटों में Kerala & Mahe में भारी से बहुत भारी बारिश (11-20 सेमी) दर्ज की गई। Kayamkulam और Perumpavur में सबसे अधिक 16 और 11 सेमी बारिश हुई। Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal, Sub-Himalayan West Bengal, Assam & Meghalaya में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई।
पूर्वोत्तर भारत में Extremely Heavy Rainfall का अलर्ट
Northeast India के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। 25 मई को Assam & Meghalaya में अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall यानी 204.4 मिमी से अधिक) होने की संभावना है। यह सीजन की पहली बड़ी बारिश हो सकती है।
Arunachal Pradesh में 26 और 27 मई को भारी बारिश का अनुमान है। 25 मई को यहां बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। Assam & Meghalaya में 25-27 मई के दौरान बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 28-31 मई तक भारी बारिश जारी रह सकती है।
Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura में 25, 26, 30 और 31 मई को भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में गड़गड़ाहट, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की भी संभावना है।
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तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी
कई राज्यों में Thundersquall (तूफानी हवाओं के साथ गड़गड़ाहट) की चेतावनी जारी की गई है। देखा जाए तो यह मौसम बदलाव का संकेत है:
50-60 किमी प्रति घंटे (70 किमी तक झोंके) वाली तूफानी हवाएं:
- Coastal Andhra Pradesh & Yanam – 25 मई
- South Interior Karnataka – 25-29 मई
- North Interior Karnataka – 27 मई
- Gangetic West Bengal – 27-29 मई
- Bihar – 26-29 मई
- Jharkhand – 26-27 मई
- Odisha – 25 और 29 मई
- Punjab, Haryana, Chandigarh & Delhi – 28-29 मई
- West Uttar Pradesh – 28 मई
- East Uttar Pradesh – 28 और 31 मई
60-70 किमी प्रति घंटे (80 किमी तक झोंके) वाली अत्यधिक तूफानी हवाएं:
- West Uttar Pradesh – 29 मई
- East Uttar Pradesh – 29-30 मई
ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना:
- North Interior Karnataka – 27 मई
- Jammu-Kashmir, Himachal Pradesh, Punjab, Haryana, Chandigarh & Delhi – 28-29 मई
- Uttarakhand और Uttar Pradesh – 29 मई
मछुआरों के लिए खास सलाह: समुद्र में न जाएं
मछुआरों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
Bay of Bengal (बंगाल की खाड़ी):
- Gulf of Mannar, Sri Lanka तट, दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कई हिस्से – 25-30 मई तक
- West Bengal और उत्तर Odisha तट – 28-30 मई
- Andaman Sea के कुछ हिस्से – 28-30 मई
Arabian Sea (अरब सागर):
- Kerala तट, Lakshadweep, Comorin क्षेत्र – 25-28 मई
- Comorin क्षेत्र – 28-30 मई
- Somalia तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्से – 29 मई
तापमान में बदलाव का पूर्वानुमान: कब मिलेगी राहत
अब सवाल उठता है कि आखिर कब मिलेगी गर्मी से राहत? मौसम विभाग ने तापमान में बदलाव का विस्तृत पूर्वानुमान दिया है:
Northwest India (उत्तर-पश्चिम भारत):
28 मई तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं। 29-31 मई के दौरान धीरे-धीरे 6-8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट। यह सबसे बड़ी राहत होगी।
Central India (मध्य भारत):
28 मई तक स्थिर तापमान। 29-31 मई के दौरान 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट।
East India (पूर्वी भारत):
27 मई तक कोई बदलाव नहीं। 28-31 मई के दौरान 2-4 डिग्री सेल्सियस कम होगा तापमान।
South Peninsular India (दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत):
28 मई तक स्थिर। 29-31 मई में 2-3 डिग्री सेल्सियस की कमी।
Maharashtra:
25 मई तक 2-3 डिग्री की वृद्धि, फिर 26-31 मई तक स्थिर।
Gujarat:
28 मई तक कोई बदलाव नहीं। 29-31 मई में 2-3 डिग्री गिरावट।
Hot and Humid: गर्म और उमस भरा मौसम कहां रहेगा
सिर्फ गर्मी ही नहीं, कुछ इलाकों में उमस (Humidity) भी परेशान करेगी। Hot and humid weather conditions इन क्षेत्रों में रहेगी:
- Saurashtra & Kutch – 25-28 मई
- Konkan & Goa – 25-26 मई
- Gangetic West Bengal – 25-27 मई
- Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal – 25-29 मई
Warm Night Conditions (गर्म रातें) इन क्षेत्रों में:
- Uttar Pradesh, Madhya Pradesh, Telangana – 25-26 मई
- Vidarbha, Odisha – 25-27 मई
किसानों के लिए खास सलाह: फसलों को कैसे बचाएं
India Meteorological Department ने किसानों के लिए क्षेत्रवार सलाह जारी की है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अलग-अलग मौसम स्थितियों के लिए अलग उपाय बताए गए हैं।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों के लिए:
Arunachal Pradesh, Assam, Meghalaya: सब्जी, मक्का और नर्सरी के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। धान की नर्सरी में जल निकासी चैनल खुले रखें। नई बोई गई नर्सरी को पॉलीथीन शीट या पुआल से ढकें। बोरो धान की कटाई बारिश के बाद करें और उपज को सुरक्षित जगह पर रखें।
Nagaland, Manipur, Mizoram, Tripura: बैंगन की रोपाई में देरी करें। धान के खेतों के चारों ओर मेड़ बनाएं। मिर्च, अदरक, हल्दी, केला में अतिरिक्त पानी निकालने के लिए जल निकासी की व्यवस्था करें। मक्के के पौधों को गिरने से बचाने के लिए सहारा दें।
Sub-Himalayan West Bengal, Sikkim: परिपक्व धान और मक्का की कटाई बारिश के बाद करें। जूट और सब्जियों में उचित जल निकासी करें। भिंडी की नई बुवाई टालें।
Bihar: खड़ी फसलों में सिंचाई रोकें। धान की नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था करें।
Tamil Nadu, Kerala, Lakshadweep, Karnataka: कपास, धान नर्सरी, हाल में बोई गई कुंबू और सब्जियों में जल जमाव रोकने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें। केले के पौधों को सहारा दें। टमाटर के पौधों को बांधें।
लू और अत्यधिक गर्मी वाले क्षेत्रों के लिए:
Punjab, Haryana, Delhi: सब्जी, मूंग, फल के पौधों और प्याज की नर्सरी में हल्की और बार-बार सिंचाई करें। गन्ना, कपास और गर्मियों की चारा फसलों में पर्याप्त सिंचाई बनाए रखें। पक्की सिंचाई सुविधा के साथ धान की नर्सरी की तैयारी पूरी करें।
Uttar Pradesh: मक्का, मूंग, उड़द, गन्ना, सूरजमुखी, सब्जियां और आम, केला, पपीता जैसे फलों के पौधों में बार-बार सिंचाई और mulching करें।
Himachal Pradesh, Uttarakhand: टमाटर और खीरे की नर्सरी में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। नमी बचाने के लिए घास से ढकें। गन्ने में निराई-गुड़ाई करें और trash mulch का उपयोग करें।
Rajasthan: मूंग, ग्रीष्मकालीन कद्दू वर्गीय फसलें (लौकी, कद्दू, तोरई, खीरा, करेला), गर्मियों की भिंडी और आम, आंवला, अनार जैसे फलों के पौधों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। पुआल/पॉलीथीन से mulching करें।
Jharkhand, Odisha, Madhya Pradesh, Chhattisgarh: दलहन और सब्जियों में बार-बार हल्की सिंचाई दें। धान, मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली में मिट्टी की नमी बनाए रखें।
Vidarbha, Telangana, Coastal Andhra Pradesh: गन्ना, सब्जियों और बागों में सुबह या शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई करें। सब्जियों और बागों में जैविक या पुआल की mulching करें। केले के गुच्छों को पत्तियों से ढकें।
तूफानी हवाओं के लिए:
- कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या तिरपाल से ढकें
- बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा दें
- सब्जियों और युवा फल पौधों को staking/support दें
पशुपालन/मुर्गी पालन/मत्स्य पालन के लिए:
- ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें
- चारा और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें
- तालाबों के चारों ओर जाली के साथ निकास बनाएं
- अत्यधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में जानवरों के लिए स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराएं
- मुर्गी शेड की छतों को घास से ढकें
आम लोगों के लिए सुरक्षा सलाह: क्या करें, क्या न करें
Heat Wave से बचाव:
Red Alert Areas (अत्यंत उच्च जोखिम):
- Heat illness और heat stroke की बहुत अधिक संभावना
- कमजोर लोगों (बच्चे, बुजुर्ग, पुरानी बीमारी वाले) के लिए अत्यधिक सावधानी
Orange Alert Areas (उच्च जोखिम):
- लंबे समय तक धूप में रहने वालों या भारी काम करने वालों में बीमारी की संभावना
- गर्मी के संपर्क से बचें, ठंडा रहें
- पर्याप्त पानी पिएं – प्यास न लगे तब भी
- ORS, लस्सी, छाछ, नींबू पानी, तोरानी (चावल का पानी) का उपयोग करें
Yellow Alert Areas (मध्यम जोखिम):
- सामान्य जनता के लिए सहनीय लेकिन कमजोर लोगों के लिए मध्यम स्वास्थ्य चिंता
- हल्के, हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें
- सिर को कपड़े, टोपी या छाता से ढकें
गड़गड़ाहट/बिजली/तूफानी हवाओं से बचाव:
संभावित प्रभाव:
- पेड़ों की शाखाएं टूटना, बड़े पेड़ उखड़ना
- खड़ी फसलों को नुकसान
- बिजली और संचार लाइनों को नुकसान
- कच्चे मकानों/दीवारों को नुकसान
- हल्की वस्तुएं उड़ सकती हैं
सुरक्षा सलाह:
- मौसम अपडेट पर नजर रखें
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली कड़कने के दौरान कंक्रीट के फर्श पर न लेटें
- विद्युत उपकरणों को अनप्लग करें
- पानी से तुरंत बाहर निकलें
- बिजली संचालित करने वाली वस्तुओं से दूर रहें
भारी बारिश से बचाव:
संभावित प्रभाव:
- सड़कों पर जलभराव, कम इलाकों में बाढ़
- शहरी क्षेत्रों में यातायात बाधित
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- स्थानीय भूस्खलन/कीचड़ की स्थिति
- फसलों को नुकसान
सुरक्षा सलाह:
- जाने से पहले अपने रूट पर ट्रैफिक जांचें
- यातायात सलाह का पालन करें
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
- कमजोर संरचनाओं में न रहें
Western Disturbance से बदलेगा मौसम का मिजाज
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 28 मई से एक नया Western Disturbance उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। यही कारण है कि 29 मई से तापमान में गिरावट और लू की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
वर्तमान में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:
- Jammu & neighbourhood में lower tropospheric levels में cyclonic circulation
- दक्षिण Bihar और आसपास में upper air cyclonic circulation
- दक्षिण Bihar से उत्तर Coastal Andhra Pradesh तक उत्तर-दक्षिण trough
- मध्य Assam और आसपास में upper air cyclonic circulation
- Punjab से पूर्वोत्तर अरब सागर तक trough
- पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी से दक्षिण-पूर्व अरब सागर तक trough
पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड तूफानी हवाएं
पिछले 24 घंटों (24 मई सुबह 8:30 बजे से 25 मई सुबह 8:30 बजे तक) में कुछ स्थानों पर 40 किमी प्रति घंटे से अधिक की तेज हवाएं चलीं:
- Natham (Tamil Nadu) – 98 किमी/घंटा (सबसे तेज)
- Lam, Guntur (Coastal Andhra Pradesh) – 92 किमी/घंटा
- Kovilpatti (Tamil Nadu) – 81 किमी/घंटा
- Manas (Assam) – 72 किमी/घंटा
- Ghatkesar (Telangana) – 57 किमी/घंटा
- Kannivadi (Tamil Nadu) – 57 किमी/घंटा
- Rani Chawri (Uttarakhand) – 54 किमी/घंटा
क्यों आ रही है इतनी भयंकर गर्मी
दिलचस्प बात यह है कि मई महीने में भारत में गर्मी अपने चरम पर होती है। लेकिन इस साल की गर्मी कुछ ज्यादा ही तीव्र है। कई कारक इसके लिए जिम्मेदार हैं:
- मानसून में देरी: Southwest Monsoon अभी केरल तक ही सीमित है, उत्तर भारत में अभी पहुंचने में समय है
- Western Disturbance की कमी: पश्चिमी विक्षोभ जो ठंडी हवाएं लाते हैं, इस साल कम आए
- Clear Sky: साफ आसमान होने से सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं
- Global Warming: जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी साफ दिख रहा है
समझने वाली बात यह है कि यह सिर्फ तापमान की बात नहीं है। उच्च तापमान के साथ उमस (Humidity) भी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। जब शरीर पसीने के माध्यम से ठंडा नहीं हो पाता, तो Heat Stroke का खतरा बढ़ जाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले 4-5 दिनों के लिए Heat Wave Alert जारी किया है
- Vidarbha के Brahmpuri में 24 मई को देश का सबसे अधिक तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया
- Delhi-NCR में तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के बीच, 28 मई से राहत की उम्मीद
- 29 मई से तापमान में 6-8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभावित (उत्तर-पश्चिम भारत में)
- Punjab, Haryana, Delhi, Uttar Pradesh, Rajasthan, Madhya Pradesh में Severe Heat Wave की चेतावनी
- Southwest Monsoon 2026 की प्रगति जारी, Kerala, Tamil Nadu में भारी बारिश
- Assam & Meghalaya में 25 मई को Extremely Heavy Rainfall (204 मिमी से अधिक) की चेतावनी
- तूफानी हवाएं (60-80 किमी/घंटा) कई राज्यों में 28-30 मई के दौरान संभावित
- मछुआरों को सलाह दी गई है कि 25-30 मई तक समुद्र में न जाएं
- 28 मई से नया Western Disturbance आने से मौसम में बदलाव की उम्मीद
- किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह जारी, फसलों की सुरक्षा के उपाय बताए गए
- गर्मी से बचने के लिए ORS, लस्सी, छाछ, नींबू पानी का सेवन करें और हल्के, ढीले सूती कपड़े पहनें











