Shiromani Akali Dal पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रदेश मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो पार्टी आज कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, वही असल में गैंगस्टरों और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देने में सबसे आगे रही है। देखा जाए तो यह आरोप सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि कुछ ठोस तथ्यों पर आधारित है।
चंडीगढ़ में आज मीडिया से बात करते हुए बलतेज पन्नू ने हैरानी जताते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल की हालत ऐसी हो गई है कि एक तरफ वे शांति और कानून-व्यवस्था की बात करते हैं, और दूसरी तरफ एक बदनाम गैंगस्टर की पत्नी को ‘चुनाव क्षेत्र इंचार्ज’ बनाकर राजनीतिक ताकत सौंप रहे हैं। इससे बड़ा धोखा जनता के साथ और क्या हो सकता है?
गोल्डी बराड़ कनेक्शन: जबरन वसूली का मामला
अगर गौर करें तो यह मामला कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़ा है। पन्नू ने बताया कि गोल्डी बराड़ के माता-पिता के खिलाफ जबरन वसूली के गंभीर मामले में केस दर्ज किया गया था। जब उन्होंने इस कार्रवाई के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
समझने वाली बात यह है कि हाई कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि मामला गंभीर है और जांच में कोई दखल नहीं दिया जा सकता। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि गोल्डी बराड़ के परिवार की तरफ से कोर्ट में पेश होने वाले वकील सीधे तौर पर अकाली दल से जुड़े थे। यहीं से अकाली दल का दोहरा चेहरा पूरी तरह से नंगा हो गया है।
गैंगस्टरों के परिवारों को राजनीतिक पद?
बलतेज पन्नू ने कड़े शब्दों में कहा कि अकाली दल ने सिर्फ एक जगह ही नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार गैंगस्टरों के करीबियों को मुख्यधारा की राजनीति में फिट करने की कोशिश की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अकाली दल में ईमानदार कार्यकर्ताओं की इतनी कमी हो गई है कि अब उन्हें अपनी पार्टी चलाने के लिए गैंगस्टरों के परिवारों की मदद लेनी पड़ रही है?
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब अकाली दल पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगा है। पंजाब में पिछले कुछ सालों में जो गैंगस्टर कल्चर पनपा, उसमें राजनीतिक आकाओं की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
एक तरफ कानून-व्यवस्था पर बयान, दूसरी तरफ अपराधियों की पैरवी
पन्नू ने आगे कहा कि एक तरफ अकाली दल कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने का दिखावा करती है, और दूसरी तरफ वही लोग कानून तोड़ने वालों और जबरन वसूली करने वालों की ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। अपराधियों को पार्टी में शामिल करना, उन्हें चुनाव क्षेत्र का इंचार्ज बनाना और उनके केस लड़ना यह साबित करता है कि अकाली दल का चोला तो राजनीतिक है, लेकिन उसकी सहानुभूति हमेशा असामाजिक तत्वों के साथ रही है।
चिंता का विषय यह है कि जब राजनीतिक पार्टियां अपराधियों को संरक्षण देती हैं, तो समाज में कानून का डर खत्म हो जाता है। युवा पीढ़ी को गलत संदेश जाता है कि अगर राजनीतिक संरक्षण है तो कुछ भी किया जा सकता है।
पंजाब के लोग पहचान चुके हैं असली चेहरा
बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब के लोग अकाली दल के इस डरावने और दोहरे चेहरे को पहचान चुके हैं। यही वजह है कि जनता ने अकाली दल को पिछले चुनावों में करारी शिकस्त दी। और अब जब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, तो पार्टी की साख और गिर रही है।
राहत की बात यह है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। चाहे वह नशा तस्कर हों या गैंगस्टर, किसी को भी राजनीतिक संरक्षण नहीं मिल रहा। यही वजह है कि गोल्डी बराड़ जैसे गैंगस्टरों के परिवारों के खिलाफ भी कार्रवाई हो रही है।
अकाली दल को पुरानी आदत?
पन्नू ने यह भी कहा कि अपराधियों को पालना अकाली दल की पुरानी आदत है। पार्टी ने पहले भी कई बार ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण दिया है जो कानून के दायरे में नहीं आते। और अब एक बार फिर वही पुरानी फितरत सामने आ रही है।
उम्मीद की किरण यह है कि अब जनता जागरूक हो चुकी है। लोग समझ चुके हैं कि कौन सी पार्टी जनहित में काम कर रही है और कौन सी पार्टी सिर्फ अपने फायदे के लिए अपराधियों को संरक्षण दे रही है। सवाल उठता है कि क्या अकाली दल इन आरोपों का कोई जवाब देगी या फिर चुप्पी साध लेगी?
मुख्य बातें (Key Points)
- AAP के बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल पर गैंगस्टरों को संरक्षण देने का आरोप लगाया
- कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के परिवार को चुनाव इंचार्ज बनाने का दावा
- गोल्डी बराड़ के माता-पिता के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज
- पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की, लेकिन अकाली वकील ने पैरवी की
- पन्नू ने पूछा – क्या ईमानदार कार्यकर्ताओं की कमी है अकाली दल में?
- अपराधियों को राजनीतिक मंच देना पंजाब की जनता के साथ धोखा













