Cockroach Janata Party Supreme Court: सोशल मीडिया पर रातोंरात सनसनी बनी कॉकरोच जनता पार्टी अब सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों तक पहुंच गई है। 25 मई 2026 को इस पार्टी के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई हुई, लेकिन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया।
CJI ने याचिकाकर्ता के वकील से सीधे कहा: “इतना भावुक मत होइए। अभी इतनी कोई गंभीर अर्जेंसी नहीं है। देखते हैं क्या होता है।” और बस इसी एक लाइन ने पूरे मामले का रुख बदल दिया।
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आखिर क्या है कॉकरोच जनता पार्टी
अगर गौर करें तो यह पूरा मामला 15 मई 2026 से शुरू होता है। उस दिन सुप्रीम कोर्ट में फर्जी वकीलों की डिग्रियों से जुड़ी एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कह दिया था। हालांकि बाद में 16 मई को CJI ने सफाई दी कि मीडिया ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया।
लेकिन तब तक आग लग चुकी थी। उसी दिन 16 मई 2026 को महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने ‘Cockroach Janata Party’ की स्थापना कर दी। पार्टी का नारा रखा गया: “Secular Socialist Democratic Lazy”। यह पार्टी बेरोजगार और हाशिये पर धकेले गए युवाओं की आवाज बनकर सामने आई।
23 मिलियन फॉलोवर्स… सिर्फ 10 दिनों में
हैरान करने वाली बात यह है कि Cockroach Janata Party Supreme Court तक पहुंचने से पहले ही सोशल मीडिया पर धूम मचा चुकी थी। Instagram पर 23 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स और X (ट्विटर) पर करीब 2.5 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स… बस कुछ ही दिनों में। Gen Z और युवा वर्ग में यह एक बड़ा विरोध का प्रतीक बन गई।
सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ
Cockroach Janata Party Supreme Court मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉय मालाबाची और जस्टिस वीएम पंचोली की बेंच के सामने हुई। याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी ने दलील दी कि यह पार्टी न्यायपालिका की छवि धूमिल कर रही है।
PIL में मुख्य मांगें ये थीं:
- कॉकरोच जनता पार्टी की गतिविधियों की CBI जांच कराई जाए
- कोर्ट में हुई बातचीत का इस्तेमाल कमर्शियल फायदे के लिए नहीं किया जा सकता
- फर्जी डिग्रियों वाले वकीलों के मामले की भी जांच हो
दूसरी ओर, बेंच ने साफ कहा कि इस मामले पर इतना भावुक होने की जरूरत नहीं है। CJI ने स्पष्ट किया कि अभी कोई ऐसी गंभीर अर्जेंसी नहीं दिख रही जिसमें तुरंत हस्तक्षेप की जरूरत हो।
X अकाउंट बैन, वेबसाइट डाउन: सरकार पर उठे सवाल
इसी बीच, 21 मई को कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट भारत में बंद कर दिया गया। X ने सफाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें बताया था कि यह अकाउंट भारत की संप्रभुता के लिए खतरा है, इसलिए उसे भारत में बंद किया गया। IT एक्ट की धारा 69(A) के तहत यह कदम उठाया गया।
सवाल उठता है कि एक व्यंग्य पार्टी को इतनी गंभीरता से क्यों लिया जा रहा है? फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की वेबसाइट cockroachjantaparty.org को भी सरकार ने डाउन करवाया और सोशल मीडिया अकाउंट्स हैक करने की कोशिश की गई।
हालांकि, कुछ ही घंटों बाद पार्टी ने X पर अपना दूसरा अकाउंट “Cockroach Is Back” नाम से बना लिया।
बेरोजगारी, NEET और युवा गुस्सा: असली तस्वीर
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कॉकरोच जनता पार्टी सिर्फ एक मजाक या ट्रोल नहीं है। यह असल में बेरोजगारी, NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर युवाओं के गुस्से का डिजिटल इजहार है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की है।
इससे साफ होता है कि यह मामला सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं, बल्कि देश के युवाओं की एक बड़ी नाराजगी का आईना है। और Cockroach Janata Party Supreme Court तक पहुंचना इस बात का सबूत है कि यह विरोध अब कानूनी दायरे में भी चर्चा का विषय बन चुका है।
जानें पूरा मामला
15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में फर्जी डिग्रियों और सीनियर एडवोकेट पदनाम से जुड़ी सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” और “समाज के परजीवी” कहा। इस बयान ने सोशल मीडिया पर भारी विरोध को जन्म दिया। अगले ही दिन अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी बनाकर इसे एक बड़े व्यंग्य आंदोलन में बदल दिया। पार्टी ने तेजी से लाखों-करोड़ों फॉलोवर्स बनाए और यह भारतीय राजनीति और सोशल मीडिया की सबसे बड़ी वायरल घटनाओं में से एक बन गई।
मुख्य बातें (Key Points)
- सुप्रीम कोर्ट ने Cockroach Janata Party के खिलाफ PIL पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया।
- CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा: “इतना भावुक मत होइए, कोई गंभीर अर्जेंसी नहीं है।”
- पार्टी की Instagram पर 23 मिलियन+ और X पर 2.5 लाख+ फॉलोवर्स हैं।
- केंद्र सरकार ने पार्टी का X अकाउंट भारत में बैन कर दिया था, जिसके बाद नया अकाउंट बनाया गया।










