ISI Spy Habib Zahir Disappearance: साउथ एशिया के Covert Warfare के सबसे mysterious cases में से एक है—लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब जाहिर का नेपाल से गायब होना। यह वही शख्स है जिसके बारे में बताया जाता है कि कुलभूषण जाधव की ईरान से किडनैपिंग में ISI Team का हिस्सा था।
देखा जाए तो यह केस 2017 में उस समय चर्चा में आया जब पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को Death Sentence देने की planning कर रहा था। और ठीक उसी समय, 6 अप्रैल 2017 को, Lieutenant Colonel Habib Zahir नेपाल के Lumbini से अचानक गायब हो जाते हैं।
कौन थे लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब जाहिर?
शुरुआत करते हैं 2014 से। पाकिस्तान आर्मी के Artillery Officer लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद हबीब जाहिर साल 2014 में retirement लेते हैं।
लेकिन अगर गौर करें, तो retirement के बाद वे सामान्य जीवन नहीं जीते। Reports बताती हैं कि वे ISI (Inter-Services Intelligence) के लिए covert operations करने लगते हैं।
उनके main areas थे:
- Balochistan Region
- Pakistan-Iran Border
- Pakistan-Afghanistan Border
- Frontier Corps Balochistan के साथ काम
समझने वाली बात यह है कि हबीब जाहिर का मुख्य काम था Intelligence Network Building, Agents Handling, और Source Development।
Cover Story: Rafhan Mills में Job?
पाकिस्तान सरकार ने एक Cover Story बनाई कि retirement के बाद हबीब जाहिर Faisalabad की Rafhan Mills नाम की कंपनी में private job कर रहे हैं।
यह cover इसलिए जरूरी था ताकि किसी को पता न चले कि असल में वे ISI के लिए काम कर रहे थे।
2015: कुलभूषण जाधव पर नजर
साल 2015 में ISI को एक hint मिलता है। उन्हें पता चलता है कि ईरान में हुसैन मुबारक पटेल नाम के passport से एक भारतीय businessman काम कर रहा है।
ISI की team उसके Phone Calls Intercept करने लगती है। दिलचस्प बात यह है कि calls में यह शख्स अपने परिवार से Marathi में बात करता था।
यहीं से ISI को शक हुआ—यह कोई सामान्य businessman नहीं है। यह कुलभूषण जाधव है।
2016: कुलभूषण जाधव की Kidnapping
करीब एक साल तक tracking के बाद, 2016 में कुलभूषण जाधव को एक Business Opportunity का लालच देकर ईरान के Sarawan Area में Pakistan border के पास बुलाया जाता है।
वहां Jaish-ul-Adl नामक Salafi Jihadi Group के commander Mulla Umar Irani की मदद से ISI की एक team उन्हें kidnap कर लेती है।
और बस यहीं से शुरू होती है वह कहानी जो आज तक अधूरी है। Reports में बताया जाता है कि इस ISI team में एक lead role में था—लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब जाहिर।
पाकिस्तान का Denial
जब 2016 में यह बात सामने आई, तो पाकिस्तान की सरकार ने साफ इनकार कर दिया। Media briefings में कहा गया कि हबीब जाहिर का इसमें कोई role नहीं है, वे तो Rafhan Mills में काम कर रहे हैं।
लेकिन दुनिया के सामने हकीकत आ चुकी थी। चिंता का विषय यह था कि पाकिस्तान झूठ बोल रहा था, लेकिन सबूत कम थे।
2017: Death Sentence की Planning
9-10 महीने निकलते हैं। साल 2017 आता है। इस बीच पाकिस्तान लगातार भारत पर आरोप लगाता रहा कि कुलभूषण जाधव RAW Agent हैं, Balochistan में activities coordinate कर रहे थे।
Secret Trial चलाई गई और Death Sentence तक दे दी गई। यह सब February-March 2017 की बात है।
और ठीक इसी समय, एक और drama शुरू होता है—हबीब जाहिर का नेपाल से गायब होना।
Theory 1: Pakistan की Official Story
पाकिस्तान की Foreign Affairs Office का कहना है:
Late 2016 या Early 2017 में हबीब जाहिर private job की तलाश में थे। उन्होंने अपना CV LinkedIn और UN Job Portal पर upload किया।
March 2017 में उन्हें एक email आया और एक phone call भी—London से। Caller का नाम था Mark Thomson। उनकी company थी Strategic Solutions Consultancy, एक UK-based firm।
Mark Thomson ने हबीब जाहिर को Zonal Director की post offer की। Salary: £8500 per month (करीब ₹7-8 लाख per month उस समय)।
लेकिन शर्त यह थी कि posting Nepal में होगी और Personal Interview के लिए Nepal आना होगा। Date: 6 April 2017।
समझने वाली बात यह है कि Thomson ने business class ticket भी email से भेज दिया—Pakistan → Oman → Kathmandu।
हबीब जाहिर ने Pakistan government से NOC (No Objection Certificate) के लिए apply किया। Reason दिया: Umrah के लिए Mecca जाना है।
Theory 2: The Real Story (Alleged)
दूसरी theory, जिसे ज्यादा credible माना जाता है, यह है:
हबीब जाहिर किसी casual interview के लिए Nepal नहीं गए थे। वे ISI की तरफ से एक Sensitive Mission पर भेजे गए थे।
उन्हें एक Source से input मिला था कि Nepal में एक “Big Catch” मिलने वाला है। यह उनके career के लिए बड़ी बात होगी।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जिस आदमी ने उन्हें contact किया था, हबीब जाहिर उससे पहले भी Oman में दो बार मिल चुके थे। इसलिए उन्होंने उस पर भरोसा किया।
6 April 2017: Kathmandu Airport
दोनों ही theories में एक बात common है—हबीब जाहिर 3-4 April 2017 को Pakistan से Oman पहुंचे, और फिर अगले दिन Kathmandu पहुंच गए।
Kathmandu Airport पर उनकी मुलाकात हुई Javed Ansari नाम के शख्स से, जो Mark Thomson का associate बताया गया।
Javed Ansari ने उन्हें एक Local Mobile Phone दिया ताकि वे अपनी family को inform कर सकें।
हबीब जाहिर ने अपनी family को inform किया और एक Photograph भी भेजी—Buddha Air के aircraft के सामने खड़े होकर।
Lumbini की तरफ: आखिरी Message
Kathmandu से हबीब जाहिर और Javed Ansari Buddha Air की flight में board करते हैं। Destination: Gautam Buddha International Airport, Siddharthanagar, Nepal—जो Lumbini से करीब 25 km दूर है।
Flight land करने के बाद, करीब दोपहर 1:00 बजे, हबीब जाहिर ने अपनी family को एक और message किया।
लेकिन यह उनका आखिरी message था। इसके बाद उनका phone switch off हो गया। और आज 2026 तक वह phone कभी on नहीं हुआ।
हबीब जाहिर गायब हो चुके थे।
FIR और Pakistan का Narrative
जब काफी समय निकल गया और कोई contact नहीं हुआ, तो हबीब जाहिर के बेटे Saad ने Rawalpindi के Rawat Police Station में FIR दर्ज कराई।
FIR में लिखा था: “मेरे पिता को Javed Ansari ने Nepal में receive किया। उन्हें Siddharthanagar/Lumbini ले जाया गया। मुझे शक है कि Enemy Spy Agency ने उन्हें kidnap किया है।”
पाकिस्तान के officers जब “enemy spy agency” कहते हैं, तो साफ है कि वे RAW (Research and Analysis Wing) की बात कर रहे हैं।
Pakistan के आरोप: RAW ने किया Kidnap
पाकिस्तान की Foreign Office ने तुरंत कहना शुरू कर दिया:
- RAW ने हबीब जाहिर को kidnap किया है
- UK number से calls आ रहे थे, लेकिन वह Computer-Generated Internet Number था
- Strategic Solutions Consultancy की website का domain India से operate हो रहा था
- Lumbini airport पर जो लोग मिले, वे Indian Nationals थे
- Lumbini भारतीय बॉर्डर से सिर्फ 5-10 km दूर है
राहत की बात यह नहीं है, बल्कि चिंता का विषय यह है कि पाकिस्तान ने यही narrative लगातार repeat किया—2017, 2019, 2021 में।
भारत का Stand: हमें नहीं पता
भारत सरकार ने साफ इनकार किया। भारत का कहना था:
“हमें नहीं पता कि हबीब जाहिर कहां हैं। हमारा इसमें कोई involvement नहीं है।”
भारतीय खुफिया agencies ने भी investigation की, लेकिन कोई सबूत नहीं मिला।
Nepal की Investigation
पाकिस्तान ने Nepal की सरकार से request की कि वे हबीब जाहिर को खोजने में मदद करें।
Nepal ने एक Special Team बनाई। Lumbini और आसपास के इलाकों में भेजा गया। CCTV Footage check किए गए। Hotel records check किए गए। Local witnesses से बात की गई।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि Nepal की special team को कोई Concrete Evidence नहीं मिला। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि Nepal ने제대로 investigation नहीं की।
10 April 2017: Death Sentence
हबीब जाहिर के गायब होने के सिर्फ 4 दिन बाद, 10 April 2017 को, पाकिस्तान की Military Court ने कुलभूषण जाधव को Death Sentence दे दी।
यह coincidence था या planned timing—यह आज भी एक सवाल है।
लेकिन उम्मीद की किरण यह है कि भारत ने तुरंत International Court of Justice (ICJ) में appeal की और death sentence को Overturn करा दिया। कुलभूषण जाधव आज भी जिंदा हैं।
Pakistan का Double Face
यहां एक बड़ा contradiction है:
- पाकिस्तान कहता है हबीब जाहिर Kulbhushan Jadhav kidnapping में involved नहीं थे
- लेकिन जब हबीब जाहिर गायब हुए, तो पाकिस्तान ने कहा यह Retaliation है
यह दर्शाता है कि पाकिस्तान हमेशा अपना double face दिखाता है।
UN Working Group में Petition
हबीब जाहिर के परिवार ने UN Working Group on Enforced and Involuntary Disappearances में petition भेजी।
2019 में फिर से media briefing हुई। 2021 में भी। हर बार वही narrative: India ने kidnap किया, RAW involved है।
लेकिन कोई सबूत नहीं, कोई progress नहीं।
ISI ने Distance बनाया
Reports बताती हैं कि हबीब जाहिर को ISI ने formally एक Sensitive Mission पर भेजा था, NOC भी ISI से ही मिली थी।
लेकिन जब वे गायब हुए, तो ISI ने उनसे distance बना ली। उनके बारे में पता करना उचित नहीं समझा।
और सारा blame डाल दिया RAW पर।
आज तक Unsolved
आज 2026 में भी यह case Unsolved है। हबीब जाहिर का कोई अता-पता नहीं है।
Possibilities क्या हैं?
- क्या RAW ने सच में retaliation में kidnap किया?
- क्या ISI ने ही अपने asset को खत्म कर दिया क्योंकि वह liability बन गया था?
- क्या कोई तीसरा player involved था?
सवाल उठता है कि सच क्या है? लेकिन जवाब आज तक नहीं मिला।
मुख्य बातें (Key Points)
- लेफ्टिनेंट कर्नल हबीब जाहिर 2014 में Pakistan Army से retire हुए
- 2015-16 में ISI के लिए covert operations में शामिल
- कुलभूषण जाधव की kidnapping (2016) में alleged involvement
- 6 April 2017 को Nepal के Lumbini से गायब
- Pakistan का claim: RAW ने kidnap किया
- भारत का stand: हमें नहीं पता
- Nepal की investigation inconclusive
- 10 April 2017 को Jadhav को death sentence (बाद में ICJ ने overturn किया)
- आज तक case unsolved













