Southwest Monsoon Advance 2026 को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने बड़ा अपडेट जारी किया है। 17 जून 2026 को दोपहर 2:10 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 4-5 दिनों में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ भागों में प्रवेश करने वाला है। अनुमान है कि 23 जून 2026 के आसपास यह प्रगति होगी।
देखा जाए तो इस साल मानसून की रफ्तार सामान्य से थोड़ी धीमी रही है, लेकिन अब स्थिति बदलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) इस समय 18°N/60°E, 18°N/65°E, 18°N/70°E, हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर और 28.3°N/83°E से होकर गुजर रही है।
दिलचस्प बात यह है कि आने वाले सप्ताह में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज एकदम अलग रहने वाला है। जहां एक ओर पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है, वहीं मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना में गर्मी की लहर (Heat Wave) जारी रहने की संभावना है।
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पिछले 24 घंटे का हाल: कहां हुई कितनी बारिश
भारतीय मानक समय के अनुसार आज सुबह 8:30 बजे तक के पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई है। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और केरल के अलग-अलग स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा (12-20 सेमी) दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा बारिश के आंकड़े (सेमी में):
| राज्य/क्षेत्र | स्थान | बारिश (सेमी) |
|---|---|---|
| असम | उदयपुर | 17 |
| अरुणाचल प्रदेश | देवमाली AWS | 13 |
| केरल | पोन्नानी (मलप्पुरम जिला) | 16 |
| केरल | पट्टांबी (पलक्कड़ जिला) | 13 |
| सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल | कुमारग्राम T.E. | 13 |
| मिजोरम | लेंगपुई | 9 |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | पानागढ़ | 9 |
इसके अलावा गंगीय पश्चिम बंगाल, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, ओडिशा और मिजोरम के अलग-अलग स्थानों पर 7-11 सेमी की भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
तूफानी हवाओं का तांडव: 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर तूफानी हवाएं भी चलीं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 60-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
सबसे तेज हवाओं की रफ्तार:
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: गोरखपुर (AWS State) और सिद्धार्थनगर (AWS State) – 80 किमी/घंटा
- पूर्वी राजस्थान: सीकर – 76 किमी/घंटा
- ओडिशा: राउरकेला – 74 किमी/घंटा
- पश्चिम मध्य प्रदेश: ग्वालियर – 70 किमी/घंटा
- पूर्वी मध्य प्रदेश: जबलपुर – 65 किमी/घंटा
समझने वाली बात यह है कि ऐसी तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बिजली और संचार लाइनें प्रभावित हो सकती हैं तथा कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।
मानसून की प्रगति: किन राज्यों में कब होगी बारिश
अगर गौर करें तो आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ेगी। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
वर्तमान स्थिति:
मानसून ने पहले ही केरल, कर्नाटक के अधिकांश भाग, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र, तेलंगाना के कुछ हिस्से, महाराष्ट्र के कुछ भाग, ओडिशा के कुछ क्षेत्र, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से और पूर्वोत्तर राज्यों को कवर कर लिया है।
आगामी प्रगति (23 जून 2026 के आसपास):
- तेलंगाना के कुछ और हिस्से
- ओडिशा के कुछ और भाग
- झारखंड के कुछ क्षेत्र
- बिहार के कुछ हिस्से
- छत्तीसगढ़ के कुछ भाग
भारी बारिश की चेतावनी: किन राज्यों को रहना होगा सतर्क
चिंता का विषय यह है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है।
अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी (Very Heavy Rainfall):
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 17-22 जून तक
- असम और मेघालय: 17-23 जून तक
- केरल और माहे: 17 जून को
भारी वर्षा की चेतावनी (Heavy Rainfall):
- अरुणाचल प्रदेश: 17-23 जून तक
- नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 17-23 जून तक
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 23 जून को
- बिहार: 17-20 जून तक
- ओडिशा: 19 जून को
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 17-21 जून तक
- केरल और माहे: 18 जून और 21-23 जून तक
गर्मी की लहर: 5 राज्यों में Heat Wave Alert
राहत की बात यह नहीं है कि जहां कुछ राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है, वहीं मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी की लहर जारी रहेगी।
Heat Wave चेतावनी:
| राज्य/क्षेत्र | अवधि |
|---|---|
| पूर्वी मध्य प्रदेश | 17-21 जून |
| पश्चिम मध्य प्रदेश | 17-21 जून |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 17-22 जून |
| विदर्भ | 17-20 जून |
| तेलंगाना | 17-19 जून |
| मध्य महाराष्ट्र | 17-19 जून |
| मराठवाड़ा | 18-19 जून |
| पश्चिम उत्तर प्रदेश | 19-22 जून |
| बिहार | 17-18 जून |
| ओडिशा | 17-18 जून |
| छत्तीसगढ़ | 17 जून |
कहने का मतलब साफ है कि इन क्षेत्रों में तापमान 40-44°C के बीच रह सकता है। 16 जून को सबसे अधिक तापमान प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में 44.0°C दर्ज किया गया।
तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
Thundersquall (60-80 किमी/घंटा की रफ्तार):
- पश्चिम राजस्थान: 18 जून को (60-70 किमी/घंटा तक 80 किमी/घंटा)
- पूर्वी राजस्थान: 18-19 जून (60-70 किमी/घंटा तक 80 किमी/घंटा)
- पश्चिम राजस्थान: 19 जून को (50-60 किमी/घंटा तक 70 किमी/घंटा)
ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना:
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद: 18-19 जून
- हिमाचल प्रदेश: 17-19 जून
- झारखंड: 19-21 जून
- बिहार: 18-19 जून
- ओडिशा: 17-18 जून
दिल्ली-NCR का मौसम: अगले 4 दिनों का हाल
राजधानी दिल्ली और NCR के निवासियों के लिए खास अपडेट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान में 4-6°C की गिरावट आई है।
17 जून 2026 (आज):
- आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
- दोपहर/शाम को हल्की बारिश, गड़गड़ाहट/बिजली के साथ तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा तक 50 किमी/घंटा) की संभावना
- अधिकतम तापमान: 36-38°C
18 जून 2026:
- आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
- शाम/रात को हल्की बारिश, गड़गड़ाहट/बिजली की संभावना
- तापमान: 37-39°C (अधिकतम), 25-27°C (न्यूनतम)
19 जून 2026:
- आंशिक रूप से बादल
- सुबह/दोपहर में गड़गड़ाहट/बिजली की संभावना
- तापमान: 38-40°C (अधिकतम), 27-29°C (न्यूनतम)
20 जून 2026:
- हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा तक 60 किमी/घंटा) की संभावना
- तापमान: 36-38°C (अधिकतम), 28-30°C (न्यूनतम)
मछुआरों के लिए चेतावनी
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया है।
17-22 जून के दौरान इन क्षेत्रों में न जाएं:
बंगाल की खाड़ी:
- मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण श्रीलंका तट: 17-22 जून
- ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल तट: 18-22 जून
- दक्षिण म्यांमार तट, उत्तर अंडमान सागर: 17-19 जून
अरब सागर:
- सोमालिया तट, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर: 17-22 जून
- ओमान तट, उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर: 18-22 जून
क्षेत्रवार विस्तृत पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत:
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 17-22 जून तक व्यापक बारिश
- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 17-23 जून तक बारिश
- पंजाब में 18-22 जून तक बारिश
- हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 17-22 जून तक बारिश
- पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 17-23 जून तक बारिश
मध्य भारत:
- छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 17-23 जून तक बारिश
- पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-19 जून तक बारिश
पूर्वी भारत:
- अंडमान-निकोबार और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में 17-23 जून तक व्यापक बारिश
- गंगीय पश्चिम बंगाल में 20-23 जून तक बारिश
- बिहार और झारखंड में 17-23 जून तक बारिश
पूर्वोत्तर भारत:
- सभी पूर्वोत्तर राज्यों में 17-23 जून तक व्यापक वर्षा
दक्षिण भारत:
- केरल और माहे में 17-23 जून तक व्यापक वर्षा
- तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में बिखरी बारिश
सार्वजनिक सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने जनता को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में:
- निचले इलाकों में जलभराव से बचें
- यात्रा से पहले ट्रैफिक की स्थिति जांच लें
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
- भूस्खलन/मिट्टी धंसने का खतरा है, सतर्क रहें
गर्मी की लहर वाले क्षेत्रों में:
- धूप में लंबे समय तक रहने से बचें
- पर्याप्त पानी पिएं, प्यास न लगे तब भी
- ORS, लस्सी, नींबू पानी, छाछ का सेवन करें
- बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों का विशेष ध्यान रखें
तूफान और बिजली गिरने से बचाव:
- घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें
- पानी के स्रोतों से तुरंत बाहर निकलें
- कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें
किसानों के लिए कृषि सलाह
ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल):
- फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को ओले से बचाने के लिए जाली या कवर का उपयोग करें
- खेतों में जलनिकासी सुनिश्चित करें
- पके फलों की तुरंत तुड़ाई करें
भारी वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में:
- धान, सब्जियों, मक्का के खेतों में उचित जलनिकासी व्यवस्था करें
- केले, अदरक, काली मिर्च के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
- सब्जियों की फसलों को सहारा दें
- भारी बारिश के दौरान धान की रोपाई से बचें
गर्मी की लहर प्रभावित क्षेत्रों में:
- सब्जियों और फलों के बगीचों में हल्की सिंचाई करें
- मिट्टी की नमी बचाने के लिए मल्चिंग करें
- अस्थायी छाया जाल का उपयोग करें
पशुपालन/मुर्गीपालन:
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें
- चारा और फ़ीड को सुरक्षित स्थान पर रखें
- गर्मी से बचाव के लिए पशुओं को ठंडा पानी दें
- मुर्गी शेड की छतों को घास से ढकें
तापमान में बदलाव का पूर्वानुमान
मध्य भारत: 19 जून तक 2-3°C की क्रमिक वृद्धि, उसके बाद स्थिर
पूर्वी भारत: 18 जून तक स्थिर, फिर 19-21 जून के दौरान 2-3°C की गिरावट
महाराष्ट्र: 19 जून तक 2°C की क्रमिक वृद्धि, फिर 2-3°C की गिरावट
शेष भारत: 23 जून तक कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं
मौसम तंत्र और कारण
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान मौसम स्थिति के पीछे कई मौसम तंत्र काम कर रहे हैं:
- मौसमी गर्त पंजाब से बिहार तक फैला है
- पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर स्थित है
- दक्षिण पंजाब के ऊपर प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण
- उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण
- पूर्वी विदर्भ और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण
- 18 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा
मुख्य बातें (Key Points)
✓ दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून 2026 के आसपास तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगा
✓ सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, असम-मेघालय में 17-23 जून तक अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी
✓ पूर्वी और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17-21 जून तक गर्मी की लहर जारी रहेगी
✓ पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17-22 जून तक Heat Wave Alert
✓ पूर्वी राजस्थान में 18-19 जून को 60-80 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं
✓ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना
✓ दिल्ली-NCR में 20 जून को तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान
✓ मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में 17-22 जून तक न जाने की सलाह











