Southwest Monsoon 2026 Progress: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार 7 जुलाई 2026 को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। आने वाले 2-3 दिनों में मॉनसून पूरे देश में फैल जाएगा। 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
देखा जाए तो यह मॉनसून की सामान्य प्रगति है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।
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मॉनसून की उत्तरी सीमा: अब कहां पहुंचा?
7 जुलाई 2026 तक मॉनसून की उत्तरी सीमा 24.5°N/65°E, बाड़मेर, जोधपुर, राजगढ़ (चुरु जिला), भटिंडा और 32.5°N/70°E से होकर गुजर रही है।
IMD के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में मॉनसून उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा। इसका मतलब है कि पूरे देश में मॉनसून सक्रिय हो जाएगा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस साल मॉनसून की प्रगति सामान्य से थोड़ी धीमी रही है, लेकिन अब यह तेजी पकड़ रहा है।
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पिछले 24 घंटों में कहां कितनी बारिश हुई?
6 जुलाई सुबह 8:30 बजे से 7 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक:
अत्यधिक भारी बारिश (≥21 सेमी):
- तटीय कर्नाटक
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
- गुजरात क्षेत्र
- कोंकण
- मध्य महाराष्ट्र
बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी):
- छत्तीसगढ़
- असम और मेघालय
- पूर्वी मध्य प्रदेश
- सौराष्ट्र और कच्छ
- केरल
- उत्तरी आंतरिक कर्नाटक
भारी बारिश (7-11 सेमी):
- उत्तर प्रदेश
- पूर्वी राजस्थान
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
- ओडिशा
- झारखंड
- अरुणाचल प्रदेश
- पश्चिम मध्य प्रदेश
- त्रिपुरा
- तमिलनाडु
| स्थान | बारिश (सेमी) | जिला/क्षेत्र |
|---|---|---|
| लोनावाला | 53 | पुणे, महाराष्ट्र |
| वाडा | 43 | पालघर, कोंकण |
| सिलवासा | 27 | दादरा और नगर हवेली |
| शक्तिनगर | 23 | दक्षिण कन्नड़, कर्नाटक |
| कोट्टिगेहरा | 23 | चिक्कमगलुरु, कर्नाटक |
| मावसिनराम | 17 | मेघालय |
दिलचस्प बात यह है कि मेघालय का मावसिनराम, जो दुनिया का सबसे ज्यादा बारिश वाला स्थान माना जाता है, में भी 17 सेमी बारिश दर्ज की गई।
आज और आने वाले दिनों में कहां होगी बारिश?
उत्तर-पश्चिम भारत:
- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में व्यापक बारिश
- हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 7-9 जुलाई तक
- पश्चिम उत्तर प्रदेश में 7-10 जुलाई तक
- 8-13 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश
मध्य भारत:
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 7-11 जुलाई तक व्यापक बारिश
- विदर्भ में 7-9 जुलाई और 13 जुलाई को
- छत्तीसगढ़ में 7 जुलाई और 13 जुलाई को
पूर्वी भारत:
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7-13 जुलाई तक व्यापक बारिश
- 8 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना
- झारखंड और बिहार में छिटपुट बारिश
पश्चिम भारत:
- कोंकण और गोवा में 7-13 जुलाई तक व्यापक बारिश
- 7 जुलाई को कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश
- मराठवाड़ा और सौराष्ट्र में 7 जुलाई को
दक्षिण भारत:
- केरल और माहे में 7-11 जुलाई तक व्यापक बारिश
- तटीय कर्नाटक में 7-13 जुलाई तक
- 7 जुलाई को केरल और कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश
तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी
पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर 60-80 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं:
- रायलसीमा, तेलंगाना, पंजाब, कोंकण, महाराष्ट्र, गुजरात: 60-80 किमी/घंटा
- कोलाबा (मुंबई): 76 किमी/घंटा
- मथेरान (रायगढ़): 70 किमी/घंटा
- नीलगिरी (तमिलनाडु): 84 किमी/घंटा
समझने वाली बात यह है कि तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का भी खतरा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखें।
मछुआरों के लिए चेतावनी: समुद्र में न जाएं
अरब सागर:
- सोमालिया, ओमान, दक्षिण गुजरात, कोंकण, गोवा, कर्नाटक तटों के साथ 6-11 जुलाई तक
- केरल तट के साथ 7-10 जुलाई तक
बंगाल की खाड़ी:
- गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों के साथ 6-7 जुलाई तक
- अंडमान सागर में 8-11 जुलाई तक
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इस दौरान समुद्र में न जाएं क्योंकि लहरें ऊंची हो सकती हैं और हवा की गति तेज हो सकती है।
दिल्ली/NCR के लिए मौसम का हाल
7 जुलाई 2026: आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली की संभावना। हवा की गति 30-40 किमी/घंटा। अधिकतम तापमान 35-37°C।
8 जुलाई 2026: सुबह/दोपहर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली। शाम/रात को फिर से बारिश। अधिकतम तापमान 32-34°C, न्यूनतम 25-27°C। सामान्य से कम तापमान।
9 जुलाई 2026: दिनभर बारिश की संभावना। तापमान सामान्य से नीचे रहेगा।
10 जुलाई 2026: सुबह हल्की बारिश की संभावना। बाद में बादल छाए रहेंगे। तापमान 34-36°C।
बाढ़ का खतरा: Flash Flood Guidance
मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम (8 जुलाई तक):
- सौराष्ट्र और कच्छ: राजकोट, सुरेंद्रनगर, बोटाड, भावनगर
- गुजरात क्षेत्र: अहमदाबाद, खेड़ा, आनंद, वडोदरा, भरूच, दमन, दादरा और नगर हवेली
- मध्य महाराष्ट्र: पुणे, सतारा, कोल्हापुर
- कोंकण और गोवा: मुंबई, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग
- तटीय कर्नाटक: दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़
कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम:
- केरल और माहे: कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड, पालक्काड, त्रिशूर
- मिजोरम
अगर गौर करें तो जिन क्षेत्रों में पहले से ही मिट्टी पूरी तरह संतृप्त (saturated) है, वहां थोड़ी बारिश से भी बाढ़ आ सकती है। निचले इलाकों और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
कृषि सलाह: किसानों को क्या करना चाहिए?
गुजरात: खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई स्थगित करें जब तक बारिश की तीव्रता कम न हो जाए। धान की रोपाई जलमग्न खेतों में न करें। अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें।
कोंकण: धान, ज्वार, सब्जियों की नर्सरी बुवाई, मूंगफली और कद्दूवर्गीय सब्जियों की बुवाई स्थगित करें। नर्सरी और खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पके हुए हरे चने, सब्जियों और फलों की कटाई करें और सुरक्षित स्थान पर रखें। सोयाबीन की बुवाई स्थगित करें। धान और सब्जी नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था करें।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल: धान की नर्सरी क्यारियों को पुआल, सूखी घास या पॉलिथीन/एग्रो-नेट से ढकें ताकि बीज बह न जाएं। जूट, अदरक, मिर्च, टमाटर के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें।
केरल और कर्नाटक: केला, नारियल, इलायची, काली मिर्च, सब्जियों में जल निकासी की व्यवस्था करें। केले के पौधों को सहारा दें। भारी बारिश के दौरान धान की रोपाई न करें।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: मक्का, ज्वार, सब्जियों के खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें। भारी बारिश के दौरान राजमा की बुवाई स्थगित करें।
पशुपालन और मत्स्य पालन सलाह
- भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और संतुलित आहार दें
- चारा और दाना सुरक्षित जगह पर रखें ताकि खराब न हो
- गर्म क्षेत्रों में पशुओं को ठंडा और साफ पानी दें
- मुर्गी घरों की छत को घास से ढकें ताकि गर्मी का प्रभाव कम हो
- तालाबों के चारों ओर जाली लगाकर निकास बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए और मछलियां भाग न जाएं
आम जनता के लिए सुझाव
अपेक्षित प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय बाढ़ और निचले इलाकों में जलभराव
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- शहरों में सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात में बाधा
- कच्ची सड़कों को मामूली क्षति
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी धंसना
- जलभराव के कारण बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
क्या करें:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले यातायात की स्थिति जांच लें
- यातायात सलाह का पालन करें
- जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
मुख्य बातें (Key Points):
- दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अगले 2-3 दिनों में पूरे देश में फैल जाएगा
- 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, कोंकण, गुजरात, केरल, कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश
- लोनावाला (पुणे) में 53 सेमी, वाडा (पालघर) में 43 सेमी बारिश दर्ज
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
- कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
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