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The News Air - Breaking News - Southwest Monsoon 2026: कर्नाटक में अति भारी बारिश का अलर्ट, 8-10 जून खतरनाक

Southwest Monsoon 2026: कर्नाटक में अति भारी बारिश का अलर्ट, 8-10 जून खतरनाक

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, केरल-तमिलनाडु-पूर्वोत्तर में भी भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का मौसम पूर्वानुमान

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
सोमवार, 8 जून 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
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Monsoon
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Southwest Monsoon 2026 ने 7 जून को भारत के और अधिक हिस्सों में दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने शनिवार दोपहर 2:30 बजे जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, संपूर्ण पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर लिया है।

लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि कर्नाटक में 8 से 10 जून के बीच अति भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है। यानी 24 घंटे में 204.4 मिमी से भी अधिक बारिश हो सकती है। देखा जाए तो यह स्थिति बाढ़, भूस्खलन और जनजीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि आपके राज्य में मौसम कैसा रहने वाला है और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

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मानसून की मौजूदा स्थिति: कहां-कहां पहुंचा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 7 जून 2026 तक मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) इन क्षेत्रों से होकर गुजर रही है:

  • 17.5°N/60°E, 17.5°N/65°E, 17°N/70°E
  • देवगड, कोप्पल, अनंतपुरम, चेन्नई
  • 15.5°N/85°E, 22°N/90.0°E
  • कैलाशहर, लैमडिंग, उत्तरी लखीमपुर और 29°N/95°E

समझने वाली बात यह है कि मानसून अब धीरे-धीरे पूरे देश में फैलने की प्रक्रिया में है। अगले 3-4 दिनों में यह मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा।

कर्नाटक में रेड अलर्ट: 8-10 जून सबसे खतरनाक

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि IMD ने कर्नाटक के लिए अति भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया है। यह कितना गंभीर है, इसे समझने के लिए बारिश के वर्गीकरण को देखें:

बारिश का प्रकार24 घंटे में वर्षा (मिमी में)
भारी बारिश (Heavy Rain)64.5 – 115.5 मिमी
अति भारी बारिश (Very Heavy Rain)115.6 – 204.4 मिमी
अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rain)204.4 मिमी से अधिक

कर्नाटक में अत्यधिक भारी वर्षा कहां:

  • तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka): 8, 9 और 10 जून
  • उत्तरी आंतरिक कर्नाटक (North Interior Karnataka): 10 जून
  • दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक (South Interior Karnataka): 9 और 10 जून

दिलचस्प बात यह है कि पिछले 24 घंटों में केरल के होसदुर्ग में 18 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो बेहद भारी मानी जाती है।

केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर में भी भारी बारिश

अगर गौर करें तो सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, बल्कि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 7 दिनों तक भारी से अति भारी वर्षा का अनुमान है।

केरल और माहे:

  • 10 से 13 जून तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
  • 7 से 9 जून तक अति भारी वर्षा की संभावना

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल:

  • 7 से 11 जून तक भारी बारिश

पूर्वोत्तर भारत:

  • अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय: 9 से 13 जून तक अति भारी वर्षा
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 9 से 13 जून तक अति भारी वर्षा
पिछले 24 घंटों में कहां कितनी बारिश हुई

भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 6 जून सुबह 8:30 बजे से 7 जून सुबह 8:30 बजे तक विभिन्न स्थानों पर दर्ज की गई बारिश:

राज्य/क्षेत्रस्थानवर्षा (सेमी में)
केरल और माहेहोसदुर्ग18
केरल और माहेपडन्नाक्कड14
केरल और माहेतेल्लिचेरी11
असमक्वीके कचार10
लक्षद्वीपअमिनी, अगाथी9
ओडिशाराजनगर9
पूर्वी राजस्थानवंशथली9
तटीय कर्नाटकयेल्लापुर8
गंगीय पश्चिम बंगालसिमुलिया8

यह आंकड़े बताते हैं कि मानसून सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने वाली है।

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उत्तर-पश्चिम भारत में लू (Heat Wave) की चेतावनी

जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर में भारी बारिश हो रही है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में लू (Heat Wave) की स्थिति बनी हुई है।

लू की चेतावनी वाले क्षेत्र:

राज्य/क्षेत्रलू की अवधि
तटीय आंध्र प्रदेश और यानम7-8 जून
पूर्वी मध्य प्रदेश10-11 जून
पूर्वी उत्तर प्रदेश9-10 जून
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली8-11 जून
हिमाचल प्रदेश9-10 जून
पंजाब8-11 जून
पश्चिम मध्य प्रदेश10-11 जून
पश्चिम राजस्थान7-11 जून
पश्चिम उत्तर प्रदेश9-11 जून

समझने वाली बात यह है कि पश्चिम राजस्थान के श्रीगंगानगर में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 44.3°C रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद गर्म माना जाता है।

दिल्ली-NCR का मौसम पूर्वानुमान (7-10 जून)

राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र के लोगों के लिए मौसम की स्थिति यह रहने वाली है:

7 जून 2026 (रविवार):

  • आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
  • दोपहर/शाम को गड़गड़ाहट के साथ बारिश की संभावना
  • अधिकतम तापमान: 39-41°C
  • हवा की गति: 20 किमी/घंटा (दोपहर में)

8 जून 2026 (सोमवार):

  • मुख्य रूप से साफ आकाश
  • अधिकतम तापमान: 40-42°C
  • न्यूनतम तापमान: 27-29°C
  • तापमान सामान्य से अधिक (1.6°C से 3.0°C)

9 जून 2026 (मंगलवार):

  • मुख्य रूप से साफ आकाश
  • दिन में तेज हवाएं 20-30 किमी/घंटा
  • अधिकतम तापमान: 40-42°C
  • न्यूनतम तापमान: 27-29°C

10 जून 2026 (बुधवार):

  • मुख्य रूप से साफ आकाश
  • दिन में तेज हवाएं 20-30 किमी/घंटा
  • अधिकतम तापमान: 40-42°C
  • न्यूनतम तापमान: 28-30°C

दिल्लीवासियों को सलाह दी जाती है कि लू से बचने के उपाय करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

तूफानी हवाओं और आंधी की चेतावनी

IMD ने कई राज्यों में 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं और आंधी की चेतावनी जारी की है:

7 जून को तूफानी आंधी (Thundersquall) की चेतावनी:

  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • पश्चिम उत्तर प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • ओडिशा

पिछले 24 घंटों में दर्ज तूफानी हवाएं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़: 93 किमी/घंटा
  • तेलंगाना के तांदूर: 78 किमी/घंटा
  • पश्चिम मध्य प्रदेश के सीहोर: 70 किमी/घंटा
  • बिहार के अरवल: 69 किमी/घंटा

यह हवाएं पेड़ों को उखाड़ सकती हैं, बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और कच्चे मकानों को क्षति पहुंचा सकती हैं।

मछुआरों के लिए चेतावनी: समुद्र में न जाएं

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे निम्नलिखित क्षेत्रों में समुद्र में न जाएं:

बंगाल की खाड़ी:

  • मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन, श्रीलंका तट, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर (7-12 जून)
  • ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल तट के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (7-9 जून)
  • उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी (8 जून)
  • मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्से (7-10 जून)

अरब सागर:

  • दक्षिण महाराष्ट्र, गोवा तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर (7-12 जून)
  • कर्नाटक तट के पास समुद्री क्षेत्र (7-11 जून)
  • केरल तट, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव क्षेत्र के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर (7-10 जून)
  • सोमालिया तट के पास दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर (7-12 जून)
भारी बारिश से क्या प्रभाव पड़ेगा

IMD ने भारी बारिश से होने वाले संभावित प्रभावों की सूची जारी की है:

संभावित खतरे:

  • स्थानीय बाढ़: सड़कों पर पानी भरना, निचले इलाकों में जलभराव
  • यातायात में रुकावट: शहरों में ट्रैफिक जाम, यात्रा समय में वृद्धि
  • कच्ची सड़कों को नुकसान
  • कमजोर संरचनाओं को क्षति
  • भूस्खलन/मिट्टी धसकना: विशेषकर पहाड़ी इलाकों में
  • बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान: जलभराव के कारण
  • नदियों में बाढ़ की संभावना
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह

भारी बारिश के दौरान:

  • मौसम की स्थिति पर नजर रखें और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
  • घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
  • यदि संभव हो तो यात्रा से बचें
  • सुरक्षित शरण लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें
  • कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के पास न खड़े हों
  • बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
  • जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें
  • बिजली ले जाने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें

लू के दौरान:

  • गर्मी के संपर्क से बचें – ठंडा रहें
  • निर्जलीकरण से बचें
  • पर्याप्त पानी पिएं – भले ही प्यास न लगे
  • ORS, घर पर बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें
  • शिशुओं, बुजुर्गों, पुरानी बीमारियों वाले लोगों के लिए विशेष देखभाल
किसानों के लिए कृषि सलाह

केरल:

  • केला, नारियल, इलायची, अदरक, काली मिर्च और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
  • केले में सहारे के लिए डंडे लगाएं और सब्जियों के पंडालों को मजबूत करें

तमिलनाडु:

  • धान, बाजरा बोए गए क्षेत्रों, मूंगफली, गन्ना, केला और सब्जियों में उचित जल निकासी बनाए रखें
  • कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें

कर्नाटक:

  • धान के खेतों, सुपारी, आम के बागों और अन्य खड़ी फसलों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
  • टमाटर के पौधों को डंडे लगाएं
  • तटीय कर्नाटक में धान के लिए नर्सरी बीज बोना स्थगित करें

पूर्वोत्तर राज्य:

  • सब्जी, मक्का, धान नर्सरी और अन्य फसल खेतों में जलभराव को रोकने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
  • भारी बारिश के दौरान रोपाई से बचें

पंजाब और हरियाणा (लू के लिए):

  • खड़ी फसलों, फलों के पौधों और सब्जी की फसलों को हल्की और बार-बार सिंचाई करें
  • धान की नर्सरी को उच्च तापमान से बचाने के लिए नियमित आवश्यकता आधारित सिंचाई लागू करें
पशुपालन और मछली पालन के लिए सलाह
  • भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित चारा प्रदान करें
  • खराब होने से बचाने के लिए चारा और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें
  • तालाबों के चारों ओर उचित जाल के साथ एक आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके
  • उच्च तापमान और लू वाले क्षेत्रों में जानवरों के लिए स्वच्छ, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल प्रदान करें
  • प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए मुर्गीपालन शेड की छतों को घास से ढकें
क्षेत्रवार विस्तृत मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत:

  • हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 7-13 जून तक छिटपुट बारिश
  • हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 11-13 जून को बारिश
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10-13 जून को बारिश

मध्य भारत:

  • छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिम मध्य प्रदेश में 7-13 जून तक छिटपुट बारिश
  • गड़गड़ाहट, बिजली और तेज हवाओं के साथ

पूर्वी भारत:

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7-13 जून तक व्यापक बारिश
  • बिहार और ओडिशा में 7-13 जून तक छिटपुट बारिश
  • सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 जून को अति भारी वर्षा

पश्चिम भारत:

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  • कोंकण और गोवा में 7-9 जून तक व्यापक बारिश
  • गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 7-13 जून तक छिटपुट बारिश
  • कोंकण और गोवा में 7-11 जून तक भारी बारिश
तापमान में बदलाव का पूर्वानुमान

IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में:

  • 10 जून तक 2-3°C की क्रमिक वृद्धि
  • उसके बाद 2-4°C की गिरावट

देश के बाकी हिस्सों में 13 जून 2026 तक अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने की संभावना है।

मौसम प्रणालियां जो मौसम को प्रभावित कर रही हैं

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि निम्नलिखित मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
  • उत्तरी हरियाणा पर निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
  • पूर्व-मध्य अरब सागर में दक्षिण कोंकण तट से दूर मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
  • तटीय कर्नाटक से तटीय आंध्र प्रदेश तक निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक पूर्व-पश्चिम गर्त
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक छत्तीसगढ़ के पार निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक गर्त
  • म्यांमार और अंडमान सागर के ऊपर निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण
  • 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने के लिए एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) आने की संभावना
जलवायु परिवर्तन का संकेत या सामान्य मानसून?

अगर गौर करें तो इस साल मानसून की गतिविधि सामान्य से अधिक तीव्र दिख रही है। विशेषकर कर्नाटक में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी चिंताजनक है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम की घटनाएं (Extreme Weather Events) बढ़ रही हैं। एक तरफ कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़, तो दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में लू और सूखा – यह नया सामान्य (New Normal) बनता जा रहा है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि 2024 में भी भारत ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश और बाढ़ देखी थी। इस साल भी इसी तरह की स्थिति बन रही है।

सरकार और प्रशासन की तैयारी

केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने मानसून से पहले आपदा प्रबंधन की तैयारियां शुरू कर दी थीं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।

कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में NDRF की टीमें पहले से ही तैनात हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

केंद्रीय जल आयोग (Central Water Commission – CWC) बांधों और नदियों के जल स्तर की लगातार निगरानी कर रहा है। बाढ़ की स्थिति में समय पर चेतावनी जारी करने के लिए तंत्र तैयार है।

आम लोगों के लिए जरूरी सुझाव

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में:

  • अपने रूट पर ट्रैफिक की भीड़ की जांच करें
  • किसी भी ट्रैफिक सलाह का पालन करें
  • उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलभराव की समस्या होती है
  • कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
  • आपातकालीन नंबर (108, 112) अपने पास रखें
  • आवश्यक सामान (दवाइयां, खाना, पानी, टॉर्च, बैटरी) घर में रखें

लू वाले क्षेत्रों में:

  • दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलें
  • हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें
  • सिर ढककर रखें (टोपी, कपड़ा)
  • हर 15-20 मिनट में पानी पिएं
  • कैफीन और अल्कोहल से बचें
  • भारी भोजन न करें
  • AC या कूलर का उपयोग करें
IMD की सेवाएं और अपडेट कहां से लें

अधिक जानकारी के लिए:

  • राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन: https://mausam.imd.gov.in/responsive/all_india_forcast_bulletin.php
  • जिलेवार चेतावनी: https://mausam.imd.gov.in/responsive/districtWiseWarningGIS.php
  • मछुआरों के लिए चेतावनी: https://rsmcnewdelhi.imd.gov.in/fishermenwarning.php
  • IMD मोबाइल ऐप: Mausam App (Android और iOS पर उपलब्ध)
  • हेल्पलाइन: 011-24629798
ऐतिहासिक संदर्भ: 8 जून को क्या-क्या हुआ

8 जून का दिन इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है:

  • 1949: जॉर्ज ऑरवेल का प्रसिद्ध उपन्यास “नाइनटीन एटी-फोर” प्रकाशित हुआ
  • 1789: जेम्स मैडिसन ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बिल ऑफ राइट्स का प्रस्ताव पेश किया
  • 1968: मार्टिन लूथर किंग जूनियर के हत्यारे जेम्स अर्ल रे को गिरफ्तार किया गया
  • 1984: फिल्म “घोस्टबस्टर्स” का प्रीमियर हुआ
  • 1955: टिम बर्नर्स-ली (वर्ल्ड वाइड वेब के आविष्कारक) का जन्म

मुख्य बातें (Key Points)
  • Southwest Monsoon ने 7 जून को भारत के और अधिक हिस्सों में प्रवेश किया
  • कर्नाटक में 8-10 जून के बीच अत्यधिक भारी वर्षा (204.4 मिमी से अधिक) का रेड अलर्ट
  • केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर में अगले 7 दिनों तक भारी से अति भारी वर्षा
  • पश्चिम राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में 7-11 जून तक लू की चेतावनी
  • मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
  • 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आंधी की चेतावनी
  • दिल्ली में अधिकतम तापमान 40-42°C रहने की संभावना
  • NDRF की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: कर्नाटक में इतनी भारी बारिश क्यों हो रही है?

कर्नाटक में अत्यधिक भारी वर्षा का मुख्य कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता है। पूर्व-मध्य अरब सागर में दक्षिण कोंकण तट से दूर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। साथ ही तटीय कर्नाटक से तटीय आंध्र प्रदेश तक एक पूर्व-पश्चिम गर्त भी सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के कारण कर्नाटक के तटीय और आंतरिक हिस्सों में 8-10 जून के दौरान 204.4 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है।

प्रश्न 2: दिल्ली में लू कब तक रहेगी?

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली-NCR क्षेत्र में 8 से 11 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 40-42°C के बीच रह सकता है। 10 जून तक तापमान में 2-3°C की क्रमिक वृद्धि संभव है। उसके बाद तापमान में 2-4°C की गिरावट आने की उम्मीद है। लोगों को सलाह दी जाती है कि दोपहर के समय बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

प्रश्न 3: मानसून कब तक पूरे भारत में फैल जाएगा?

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, ओडिशा, शेष पूर्वोत्तर राज्यों और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा। सामान्यत: मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरे भारत में फैल जाता है। इस साल भी यही पैटर्न अपेक्षित है।

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अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

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