RBI Gold Reserve: अमेरिका की प्रतिष्ठित आर्थिक मीडिया कंपनी Bloomberg ने भारतीय रिजर्व बैंक पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि RBI ने 12 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹1.14 लाख करोड़ का सोना बेच दिया है। यह खबर आते ही भारतीय बाजार में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर तूफान आ गया। लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।
देखा जाए तो यह पूरा मामला एक बड़ी पत्रकारिता की लापरवाही और बिना Due Diligence के छापी गई खबर का नतीजा था। RBI ने तुरंत खंडन किया और Bloomberg को अपनी रिपोर्ट वापस लेनी पड़ी। लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।
🔍 यह भी पढ़ें- बड़ा फैसला: Silver Import पर भारत सरकार का सख्त प्रतिबंध, Gold पर भी नई सीमा
Bloomberg ने क्या दावा किया था?
2 जून को Bloomberg की एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें Bloomberg Economics के अभिषेक गुप्ता ने दावा किया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 22 मई 2026 तक 12 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹1.14 लाख करोड़ का सोना बेच दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह निष्कर्ष कैसे निकाला? Bloomberg Economics की टीम ने RBI की बैलेंस शीट में स्वर्ण भंडार के डॉलर मूल्य में गिरावट देखी। फिर उन्होंने बाजार में सोने की कीमत देखी जो स्थिर थी। इन दोनों आंकड़ों को मिलाकर उन्होंने यह कन्क्लूजन निकाल लिया कि RBI डॉलर खरीदने के लिए सोना बेच रही है।
🔍 यह भी पढ़ें- बड़ा खुलासा: RBI Gold Reserve विवाद की पूरी सच्चाई
असली गलती क्या थी?
अगर गौर करें तो Bloomberg के इकोनॉमिस्ट ने जो तरीका अपनाया वो गलत था। उन्होंने भारत के घरेलू सोने के दाम को आधार बनाया। जबकि RBI जो अपने सोने की कीमत का आकलन करती है, वह London Bullion Market Association (LBMA) के अंतरराष्ट्रीय भाव के हिसाब से करती है।
समझने वाली बात यह है कि भारतीय घरेलू कीमत और LBMA के अंतरराष्ट्रीय भाव में हमेशा अंतर होता है। Bloomberg की टीम ने इस अंतर को ही सोने की बिकवाली मान लिया। जबकि हकीकत यह थी कि RBI ने एक ग्राम भी सोना नहीं बेचा था।
🔍 यह भी पढ़ें- RBI Gold Reserves Fake News: आरबीआई ने सोना बेचने की खबर को बताया झूठा
क्यों उठा यह सवाल?
दरअसल, पिछले कुछ महीनों से भारतीय रुपया ऐतिहासिक रूप से अपने निचले स्तर पर पहुंच गया था। करीब-करीब ₹100 प्रति डॉलर के पास रुपया पहुंच गया। इसके पीछे कई कारण थे – ईरान-इजराइल युद्ध, Strait of Hormuz बंद होने की आशंका, कच्चे तेल के दाम बढ़ना और विदेशी निवेशकों (FII) द्वारा भारतीय बाजार से भारी पैमाने पर पैसा निकालना।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि RBI पर भारी दबाव था कि वह रुपये को गिरने से रोके। इसके लिए RBI ने विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) का इस्तेमाल किया। छोटे स्तर पर फॉरेक्स बेचा भी गया। लेकिन उससे रुपये की कीमत पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
इसी पृष्ठभूमि में Bloomberg ने यह अटकल लगाई कि शायद RBI सोना बेच रहा है। लेकिन यह पूरी तरह से गलत साबित हुआ।
RBI ने कैसे किया खंडन?
3 जून को Reserve Bank of India ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि भारत की स्वर्ण भंडार की स्थिति अपरिवर्तित है। RBI ने एक ग्राम भी सोना नहीं बेचा है। साथ ही, Press Information Bureau (PIB) ने भी Fact Check करके बताया कि Bloomberg का दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है।
राहत की बात यह है कि RBI ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और स्थिति को साफ किया। अगर देरी होती तो बाजार में और अस्थिरता आ सकती थी।
Bloomberg ने मांगी माफी
4 जून को Bloomberg ने अपनी रिपोर्ट को Retract (वापस) कर लिया। कंपनी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनके मूल्यांकन में त्रुटि हुई थी और इसके लिए वे अफसोस जताते हैं।
लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ माफी काफी है? जब गलत खबर छपती है तो वह तुरंत वायरल हो जाती है। लाखों लोग पढ़ लेते हैं। लेकिन माफी के बारे में शायद 10% लोगों को भी पता चलता है। इससे संस्था की साख पर गंभीर असर पड़ता है।
भारत के पास कितना सोना है?
अप्रैल 2026 तक भारत के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना है। यह हमारे विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) का लगभग 16.85% है।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ सालों में भारत का स्वर्ण भंडार घटा नहीं है, बल्कि लगातार बढ़ा ही है। इसमें से 23% सोना अंतरराष्ट्रीय संस्था Bank for International Settlements (BIS) में सुरक्षित है और 77% सोना RBI की घरेलू तिजोरियों में भारत के भीतर ही है।
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| कुल स्वर्ण भंडार | 880.52 मीट्रिक टन (अप्रैल 2026) |
| Forex में हिस्सा | 16.85% |
| विदेश में (BIS) | 23% |
| भारत में (RBI वॉल्ट) | 77% |
| वृद्धि दर | लगातार बढ़ रहा है |
भारत सोना विदेश से क्यों ला रहा है?
आपको पता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों ने रूस के लगभग 300 बिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार को फ्रीज कर दिया था। इस घटना ने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया कि विदेश में रखी संपत्ति कभी भी जब्त की जा सकती है।
समझने वाली बात यह है कि RBI भी इसी सबक से सीख रहा है। विदेश में रखे सोने को धीरे-धीरे भारत वापस लाया जा रहा है। 2020 में जो घरेलू भंडारण 66% था, वह 2023 तक बढ़कर 77% हो गया है।
डॉलर की जगह सोना क्यों?
दुनियाभर में De-Dollarization यानी डॉलर से दूरी की बात हो रही है। कई देश अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सोना एक सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सोना एक Non-Liquid Asset है, लेकिन यह सबसे सुरक्षित भी है। अगर 1991 जैसी कोई आर्थिक संकट की स्थिति फिर से आती है, तो यही सोना देश को बचा सकता है।
पश्चिमी मीडिया का एजेंडा?
कई विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी मीडिया अक्सर भारत की अर्थव्यवस्था या नीतियों को कमजोर दिखाने की कोशिश करता है। Bloomberg की यह रिपोर्ट भी उसी का एक उदाहरण है।
चिंता का विषय यह है कि इस तरह की गलत खबरें बाजार में अस्थिरता पैदा कर देती हैं। निवेशकों का भरोसा कम होता है। शेयर बाजार प्रभावित होता है। और सबसे बड़ी बात, RBI जैसी संस्था की साख पर सवाल उठते हैं।
Due Diligence की जरूरत
देखा जाए तो यह पूरा मामला Due Diligence की कमी का नतीजा था। Bloomberg जैसी प्रतिष्ठित आर्थिक मीडिया कंपनी से ऐसी गलती की उम्मीद नहीं की जाती। खासकर जब बात किसी देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली हो।
पत्रकारिता में, विशेष रूप से आर्थिक पत्रकारिता में, हर तथ्य को कई बार वेरिफाई करना जरूरी होता है। क्योंकि एक गलत खबर अरबों रुपये का नुकसान करा सकती है।
भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत
इस पूरे विवाद से एक बात साफ हो गई कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत है। हमारा स्वर्ण भंडार सुरक्षित है और लगातार बढ़ रहा है। RBI की नीतियां पारदर्शी हैं और समय पर सही जानकारी सार्वजनिक की जाती है।
हालांकि, यह भी सच है कि 24 अप्रैल के बाद का कुछ डेटा तुरंत उपलब्ध नहीं था। इसी कारण Bloomberg जैसी कंपनियों ने अटकलें लगाईं। अब RBI को और भी पारदर्शी तरीके से नियमित डेटा जारी करना चाहिए ताकि इस तरह की गलतफहमियां न हों।
मुख्य बातें (Key Points)
- Bloomberg ने दावा किया कि RBI ने ₹1.14 लाख करोड़ का सोना बेचा।
- यह दावा पूरी तरह गलत और बिना Due Diligence का था।
- RBI ने एक ग्राम भी सोना नहीं बेचा था।
- गलती LBMA और घरेलू कीमतों के अंतर को समझने में हुई।
- 3 जून को RBI ने खंडन किया, 4 जून को Bloomberg ने माफी मांगी।
- भारत के पास 880.52 मीट्रिक टन सोना है।
- 77% सोना भारत में, 23% BIS में सुरक्षित।
- स्वर्ण भंडार लगातार बढ़ रहा है, घटा नहीं।













