Punjab Sugarcane Payment को लेकर किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने इतिहास रच दिया है। पहली बार राज्य में गन्ना किसानों के 100 प्रतिशत बकाए का भुगतान कर दिया गया है। साल 2025-26 के पेराई सीजन के दौरान प्रदेश भर की शुगर मिलों ने रिकॉर्ड 167.20 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की और कुल 695.36 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया है। यह उपलब्धि किसान कल्याण, फसल विविधीकरण और ग्रामीण समृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
चंडीगढ़ से 1 जून को मिली जानकारी के मुताबिक, किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलने और गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कृषि विकास के नए अवसर पैदा किए हैं।
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गन्ना किसानों को मिली पूरी राशि, सीधे खाते में
देखा जाए तो गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या यही रहती थी कि बकाया भुगतान समय पर नहीं मिलता था। कई बार किश्तों में पैसे आते थे और किसान महीनों इंतजार करते रहते थे। लेकिन इस बार भगवंत मान सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि सभी भुगतान एक ही बार में, सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर हो जाएं।
समझने वाली बात यह है कि 695.36 करोड़ रुपये की यह राशि किसान परिवारों के लिए बड़ी वित्तीय राहत है। इससे उनका गन्ने की खेती में भरोसा बढ़ा है और वे गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
शुगर मिलों की किसान-हितैषी पहलें
गन्ने की खेती और शुगर मिलें रोजगार के अवसर पैदा करने और हजारों किसान परिवारों की सहायता में अहम भूमिका निभाती आ रही हैं। कृषि को और प्रोत्साहित करने के लिए सहकारी शुगर मिलों ने किसान-हितैषी कई पहल की हैं।
इन पहलों में उन्नत बीजों की आपूर्ति, सब्सिडी वाली कृषि मशीनरी, उर्वरक, खरपतवार और कीटनाशक, मिट्टी जांच की सुविधाएं, जागरूकता शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इन प्रयासों ने उत्पादन बढ़ाने और गन्ने की खेती में किसानों के विश्वास को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है।
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किसान पाल सिंह: “हमें 20 लाख तक सीधे खाते में मिले”
गांव हुथियां के सरपंच और बटाला शुगर मिल से जुड़े किसान पाल सिंह ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “मैं पिछले 30 सालों से गन्ने की खेती कर रहा हूं और इस समय मेरे पास 20 एकड़ में गन्ने की खेती है। हम बटाला शुगर मिल से जुड़े हैं और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार के अधीन मिल ने यह सुनिश्चित किया है कि राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचे।”
उन्होंने आगे बताया, “कुछ किसानों को 20 लाख रुपये, कुछ को 10 लाख रुपये और कुछ को 15 लाख रुपये सीधे उनके खातों में मिले हैं। हमारे खातों में जमा भुगतान ने किसानों का उत्साह बढ़ाया है। पहले भुगतान राशि समय के साथ किश्तों में आती थी। अब किसानों को बकाए सीधे उनके खातों में मिल गए हैं, जिससे हममें से कई लोगों को गेहूं और धान से आगे बढ़ने और गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहन मिला है।”
किसान लखबीर सिंह: “भुगतान में काफी सुधार हुआ”
मिल की शुरुआत से ही इससे जुड़े गांव आलोवाल के लखबीर सिंह ने कहा, “जब से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सत्ता में आए हैं, फसल के भुगतान में काफी सुधार हुआ है। पूरा भुगतान जारी करने के फैसले से बटाला मिल से जुड़े किसानों में खुशी की लहर है। जमीन मालिकों को उनके बकाए मिल गए हैं और वे बेहद संतुष्ट हैं।”
अगर गौर करें तो किसानों की यह खुशी बेहद स्वाभाविक है। सालों से बकाया भुगतान के लिए चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब एक झटके में पूरा पैसा मिल गया है।
लखबीर सिंह ने आगे कहा, “अगर गन्ने का भुगतान इसी तरह होता रहा तो किसान अधिक से अधिक गन्ने की खेती करने और मिलों से जुड़े रहने के लिए बहुत प्रेरित होंगे। मिल ने किसानों को बड़ी राहत दी है और उनके विश्वास को मजबूत किया है।”
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मिल के स्टाफ की मेहनत को सराहना
मिल के स्टाफ के योगदान की सराहना करते हुए लखबीर सिंह ने कहा, “मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी लगन से काम किया है और इसे सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मिलों में से एक बनाने में मदद की है। इन परिणामों को हासिल करने में उनके प्रयासों ने अहम भूमिका निभाई है।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सिर्फ सरकारी नीति ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की मेहनत ने भी इस सफलता में योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री की पहल ने दिया बड़ा भरोसा
मुख्यमंत्री की पहल की सराहना करते हुए लखबीर सिंह ने आगे कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह सुनिश्चित करके किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है कि भुगतान राशि समय पर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो। इससे किसानों का भरोसा बढ़ा और उन्हें गन्ने की खेती जारी रखने का प्रोत्साहन मिला है।”
राहत की बात यह है कि इस कदम से न केवल किसानों को आर्थिक मदद मिली, बल्कि उनका सरकार पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा
पंजाब में गेहूं-धान का चक्र लंबे समय से चल रहा है, जिसके कारण मिट्टी की उर्वरा शक्ति घट रही है और भूजल स्तर गिर रहा है। सरकार किसानों को वैकल्पिक फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और गन्ना इसमें एक बेहतरीन विकल्प है।
जब किसानों को समय पर और पूरा भुगतान मिलता है, तो उनका भरोसा बढ़ता है और वे नई फसलें आजमाने को तैयार होते हैं। यह पहल फसल विविधीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
गन्ने की खेती और शुगर मिलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। जब किसानों के पास पैसा आता है, तो वह स्थानीय बाजारों में खर्च होता है, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बल मिलता है।
695.36 करोड़ रुपये की यह राशि सीधे किसानों के हाथों में आई है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक बड़ा इंजेक्शन है। इससे छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और स्थानीय उद्योगों को भी फायदा होगा।
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मुख्य बातें (Key Points):
- पंजाब में पहली बार गन्ने के 100% बकाए का भुगतान पूरा किया गया
- 2025-26 पेराई सीजन में 167.20 लाख क्विंटल गन्ने की रिकॉर्ड खरीद हुई
- कुल 695.36 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए
- बटाला शुगर मिल के किसानों को 10-20 लाख रुपये तक का भुगतान मिला
- किसानों का गन्ने की खेती में भरोसा बढ़ा, फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न













