Mohali Mayor Election पंजाब के मोहाली नगर निगम को मंगलवार को आखिरकार अपना नया मेयर मिल गया है। इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह समाना को नया मेयर चुना गया। देखा जाए तो इस फैसले से पार्टी के ही वरिष्ठ नेता सनी आहलूवालिया को एक तगड़ा झटका लगा है, जिन्हें इस पद का सबसे मजबूत और तय दावेदार माना जा रहा था। इस पूरे सियासी ड्रामे के बीच पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आप प्रधान अमन अरोड़ा ने खुद मौके पर पहुंचकर नए मेयर को कुर्सी पर बिठाया और मुंह मीठा कराकर बधाई दी।
🔍 यह भी पढ़ें- बड़ा फैसला: Mohali NIA Court ने कश्मीर के 3 Students को UAPA Case में सुनाई 10 साल की सजा
राजनीति के गलियारों में चर्चा तेज थी कि संगठन पर मजबूत पकड़ रखने वाले सनी आहलूवालिया आसानी से बाजी मार लेंगे। वह पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी भी माने जाते हैं। लेकिन अचानक ही अंतिम क्षणों में समीकरण पूरी तरह बदल गए। अगर गौर करें तो असली खेल चुनाव से ठीक पहले शुरू हुआ, जब विधायक कुलवंत सिंह अपने खेमे के सभी पार्षदों को लेकर अचानक हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू चले गए थे। रिजॉर्ट पॉलिटिक्स के इस दांव ने पूरे मुकाबले का रुख ही मोड़ दिया। चूंकि जीतकर आए ज्यादातर पार्षद कुलवंत सिंह के पुराने वफादार साथी हैं, इसलिए उनके बेटे सरबजीत का पलड़ा भारी हो गया। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी जिसने सबको चौंका दिया।
🔍 यह भी पढ़ें- Mohali Mayor Election: सरबजीत सिंह समाणा का मेयर बनना तय, Manish Sisodia करेंगे एलान
‘इस तरह रहा निगम का पूरा दलीय समीकरण’
मोहाली नगर निगम में सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए वोटों का गणित समझना बेहद जरूरी है। निगम में कुल 50 निर्वाचित पार्षद हैं, जबकि एक वोट स्थानीय विधायक का होता है। इस तरह सदन में कुल 51 वोट बनते हैं और बहुमत के लिए 26 वोटों की जादुई संख्या की आवश्यकता होती है। आइए एक नजर डालते हैं कि किस पार्टी के पास कितनी सीटें थीं:
| राजनीतिक दल / उम्मीदवार | जीती गई सीटें (पार्षद) | कुल प्रभावी वोट |
| आम आदमी पार्टी (AAP) | 27 | 28 (27 पार्षद + 1 विधायक) |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) | 12 | 12 |
| शिरोमणि अकाली दल (SAD) | 04 | 04 |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 03 | 03 |
| निर्दलीय (Independent) | 04 | 04 |
‘सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त और विपक्ष का बॉयकॉट’
सदन के भीतर माहौल बेहद तनावपूर्ण और पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। हैरान करने वाली बात यह रही कि मतदान शुरू होने से पहले ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया का पूरी तरह से बॉयकॉट कर दिया। इसके तुरंत बाद शिरोमणि अकाली दल के इकलौते पार्षद ने भी सदन से वॉकआउट कर दिया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए एसएसपी हरमंदीप सिंह हंस खुद मौके पर मोर्चा संभाले हुए थे। नगर निगम भवन के मुख्य गेट पर ही सभी माननीय पार्षदों के मोबाइल फोन बाहर जमा करवा लिए गए थे ताकि कोई भी जानकारी लीक न हो सके। एक और भावुक कर देने वाला पल तब दिखा जब पार्षद अमित सिंह अपने दिवंगत पिता अमरीक सिंह तहसीलदार की तस्वीर हाथ में लेकर शपथ लेने और वोट डालने पहुंचे।
🔍 यह भी पढ़ें- Mohali Mayor Election में AAP में खींचतान तेज, MLA कुलवंत सिंह ने किया 4 आजाद पार्षदों के समर्थन का दावा
‘सियासी गलियारों का बड़ा और गहरा संदेश’
इस चुनाव के नतीजों से साफ होता है कि पंजाब की स्थानीय राजनीति में जमीनी पकड़ रखने वाले पुराने नेताओं का दबदबा आज भी कायम है। भले ही संगठन स्तर पर किसी भी चेहरे को आगे बढ़ाया जा रहा हो, लेकिन जब बात वोट बैंक और पार्षदों की वफादारी की आती है, तो स्थानीय विधायक का पलड़ा ही भारी रहता है। कुलवंत सिंह ने अपने इस कदम से पार्टी आलाकमान को अपनी ताकत का सीधा एहसास कराया है। सनी आहलूवालिया को झटका लगना यह दर्शाता है कि हाईकमान के करीबी होने से ज्यादा जरूरी स्थानीय स्तर पर अपनी गोटियां सही बिठाना है। इससे यह भी तय हो गया है कि आने वाले समय में मोहाली के विकास कार्यों पर पूरी तरह से विधायक खेमे का ही नियंत्रण रहेगा।
‘जानें क्या है इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि’
अगर इस पूरे मामले के इतिहास पर नजर डालें, तो मोहाली नगर निगम के चुनाव इसी साल 26 मई को संपन्न हुए थे, जिसके नतीजे 29 मई 2026 को घोषित किए गए। इससे पहले साल 2021 के चुनावों के बाद कांग्रेस पार्टी के अमरजीत सिंह जीती सिद्धू यहां के मेयर बने थे, जो पंजाब के पूर्व कद्दावर मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के सगे भाई हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस बार अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने खुद चुनाव नहीं लड़ा था। हालांकि, उनके परिवार की साख बचाने के लिए बलबीर सिंह सिद्धू के बेटे एडवोकेट कंवरबीर सिंह रूबी सिद्धू ने कांग्रेस के टिकट पर वार्ड नंबर 10 से अपनी किस्मत जरूर आजमाई थी, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। यहीं से कांग्रेस का पत्ता साफ हो गया और आम आदमी पार्टी के लिए सत्ता का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया था।
💡 यह भी पढ़ें- LPG Price Today: गैस सिलेंडर ₹60 महंगा, बुकिंग के नियम भी बदले
‘मुख्य बातें (Key Points)’
विधायक कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह समाना को सर्वसम्मति से मोहाली का नया मेयर चुन लिया गया है।
अरविंद केजरीवाल के करीबी और मजबूत दावेदार माने जा रहे सनी आहलूवालिया को इस फैसले से बड़ा राजनीतिक झटका लगा।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान विपक्षी पार्टी कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने सदन से पूरी तरह वॉकआउट कर दिया।
मोहाली नगर निगम की कुल 51 वोटों में से 28 वोटों के प्रचंड बहुमत के साथ आम आदमी पार्टी का कब्जा बरकरार रहा।













