LIVE | ...
सोमवार, 21 सितम्बर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - 7 साल की प्रेरणा की मजबूरी! School Fees न दे पाए तो 75 KM पैदल चले 4 बच्चे, मांगी शिव से यह दुआ

7 साल की प्रेरणा की मजबूरी! School Fees न दे पाए तो 75 KM पैदल चले 4 बच्चे, मांगी शिव से यह दुआ

छाले पड़े पैरों से 75 KM की यात्रा, भगवान शिव से प्रार्थना - फीस का इंतजाम हो जाए

Ajay Kumar by Ajay Kumar
सोमवार, 10 अगस्त 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
Kanwar Yatra, School Fees Crisis
104
SHARES
696
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Kanwar Yatra School Fees: फरीदाबाद के कोसीकलां कस्बे से लगभग 75 किलोमीटर दूर हरिद्वार तक – चार भाई-बहनों की यह यात्रा सिर्फ एक तीर्थ यात्रा नहीं है, बल्कि गरीबी, मजबूरी और शिक्षा के अधिकार की एक मार्मिक कहानी है। 7 साल की प्रेरणा, शिवम, उनका एक भाई और बड़ी बहन साधना ने छाले पड़े पैरों और मोढ़ों पर कांवड़ उठाकर एक अनोखी अर्दास की – कि भगवान शिव उनके माता-पिता को स्कूल की फीस अदा करने में मदद करें।

और बस यहीं से शुरू हुई इस कहानी की असली त्रासदी। क्योंकि फीस न भर पाने के कारण इन चारों बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया था। दिलचस्प बात यह है कि जब कोई रास्ता नहीं सूझा, तो इन मासूमों ने आस्था का सहारा लिया।

🔍 यह भी पढ़ें- Punjab School Fee Regulation: प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाम, अब सिर्फ 5% बढ़ेगी


30 जुलाई को शुरू हुई 75 किमी की पैदल यात्रा

ये बच्चे 30 जुलाई को हरिद्वार से गंगा का पवित्र जल लेकर पैदल रवाना हुए थे। उनका लक्ष्य है अपने गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करना। लेकिन उनकी प्रार्थना सामान्य नहीं है – वे चाहते हैं कि किसी तरह चमत्कार हो जाए और उनकी पढ़ाई फिर से शुरू हो सके।

यह भी पढे़ं 👇

EPFO Salary Limit Increase

EPFO Salary Limit Increase: वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000, मिलेगी ज्यादा Pension

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
Ration Card e-KYC Last Date

Ration Card E-KYC Mandatory: नया राशन कार्ड बनते ही तुरंत कराएं E-KYC, वरना नहीं मिलेगा राशन

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
LPG Cylinder

LPG Cylinder Dual Price System: E-KYC नहीं कराई तो ज्यादा कीमत देनी होगी! 10 साल बाद वापसी

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
UPI Payment Limit

UPI Payment Limit: पेट्रोल पंप पर ₹2000 से ज्यादा UPI Payment पर रोक! भोपाल में 16 अक्टूबर से लागू

सोमवार, 21 सितम्बर 2026

बच्चों का परिचय:

  • प्रेरणा (7 साल): तीसरी कक्षा की छात्रा
  • शिवम: सातवीं कक्षा का छात्र
  • एक भाई: नौवीं कक्षा में पढ़ता था
  • साधना (बड़ी बहन): ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा

समझने वाली बात यह है कि ये सभी बच्चे पढ़ाई में अच्छे थे, लेकिन गरीबी ने उनके सपने तोड़ दिए।

🔍 यह भी पढ़ें- School Bomb Threat: PM मोदी के दौरे से पहले चंडीगढ़-मोहाली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी


माता-पिता की विकलांगता और आर्थिक मजबूरी

परिवार के अनुसार, इनके माता-पिता सुनीता और भरत सिंह दोनों दिव्यांग हैं और आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं। पिता शारीरिक रूप से अक्षम हैं और मां भी बीमार रहती हैं। परिवार कई महीनों से बच्चों की प्राइवेट स्कूल की फीस नहीं दे सका, जिसके बाद इन भाई-बहनों को स्कूल से निकाल दिया गया।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह परिवार सरकारी मदद का हकदार था, लेकिन शायद व्यवस्था तक उनकी पहुंच नहीं थी।

परिवार की स्थिति:

पारिवारिक सदस्यस्थितिआय स्रोत
भरत सिंह (पिता)दिव्यांगबहुत सीमित
सुनीता (मां)दिव्यांगकोई नहीं
4 बच्चेस्कूल से निकाले गए–
परिवारगरीबी रेखा से नीचेअनिश्चित

रिश्तेदारों से मदद नहीं मिली, तो कांवड़ का रास्ता चुना

रिश्तेदारों या दोस्तों से कोई मदद न मिलने पर, बच्चों ने यह तीर्थ यात्रा करने का फैसला किया। इस उम्मीद के साथ कि उनकी अर्दासों से भगवान शिव द्वारा कोई चमत्कार हो जाएगा और किसी तरह उनकी पढ़ाई फिर से शुरू हो सकेगी।

अगर गौर करें तो, यह घटना हमारी शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या शिक्षा का अधिकार सिर्फ कागजों तक सीमित है?

🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Private School Fee Bill: अब स्कूल मनमानी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे, 32 लाख विद्यार्थियों को मिलेगी राहत


सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी, जगी संवेदना

इन भाई-बहनों की कहानी ने बहुत सारे लोगों का दिल जीत लिया है और उनकी यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में साधना कहती है, “हमारे माता-पिता की विकलांगता के कारण परिवार फीसें नहीं भर सका। फिलहाल, हम श्रद्धा पर निर्भर हैं और किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं। हम कांवड़ यात्रा कर रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि हमें हमारे स्कूल बैग वापस मिल जाएं।”

दिलचस्प बात यह है कि एक 11वीं कक्षा की लड़की को “स्कूल बैग वापस मिलने” की प्रार्थना करनी पड़ रही है। यह किसी भी संवेदनशील समाज के लिए शर्म की बात होनी चाहिए।

वायरल वीडियो में बच्चों की बातें:

  • “हमें स्कूल से निकाल दिया गया”
  • “मां-बाप दिव्यांग हैं, फीस नहीं दे सकते”
  • “रिश्तेदारों ने मदद नहीं की”
  • “भगवान शिव से प्रार्थना कर रहे हैं”
  • “पढ़ाई फिर से शुरू हो जाए”

प्रशासन कहां है? कमजोर वर्गों की उपेक्षा

बच्चों की श्रद्धा ने बहुत सारे लोगों को प्रभावित किया है, पर इसने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि:

सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं:

  • दिव्यांग पेंशन योजना
  • गरीब परिवारों के लिए शिक्षा सहायता
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
  • छात्रवृत्ति कार्यक्रम
  • निःशुल्क शिक्षा का अधिकार (RTE)

लेकिन लागू नहीं हो रहीं:

  • जानकारी का अभाव
  • प्रशासनिक लापरवाही
  • भ्रष्टाचार और लालफीताशाही
  • जमीनी स्तर पर कमजोर निगरानी
  • लाभार्थियों तक पहुंच नहीं

शिक्षा का अधिकार: सिर्फ कानून या हकीकत?

भारत में Right to Education (RTE) Act के तहत 6 से 14 साल तक के हर बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है। लेकिन प्रेरणा (7 साल, तीसरी कक्षा) जैसे बच्चे को स्कूल से निकाल दिया गया – यह कानून का खुला उल्लंघन है।

समझने वाली बात यह है कि:

  • RTE के तहत: 6-14 साल के बच्चों को मुफ्त शिक्षा
  • प्राइवेट स्कूलों में: 25% सीटें EWS (आर्थिक रूप से कमजोर) बच्चों के लिए
  • फीस न देने पर: बच्चे को नहीं निकाला जा सकता
  • सरकार देती है: स्कूल को फीस की भरपाई

तो सवाल है – कानून लागू क्यों नहीं हुआ?


NCR में गरीब परिवारों की दुर्दशा

यह कहानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और इसके आस-पास रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की दुखदाई हालत को भी उजागर करती है। दिल्ली-NCR जैसे विकसित क्षेत्र में भी गरीब परिवार बुनियादी सेवाओं और अवसरों से वंचित हैं।

NCR में गरीबी की सच्चाई:

  • महंगाई और जीवन यापन की उच्च लागत
  • प्राइवेट स्कूलों की बेतहाशा फीस
  • सरकारी स्कूलों में सीटों की कमी
  • दिव्यांग परिवारों के लिए कोई खास सहायता नहीं
  • स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच मुश्किल

समाज की जिम्मेदारी: क्या हम मदद करेंगे?

यह कहानी वायरल हो गई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या हम सिर्फ भावुक होकर शेयर करेंगे या वास्तव में मदद भी करेंगे?

हम क्या कर सकते हैं:

  1. स्थानीय प्रशासन को सूचित करें
  2. बच्चों की शिक्षा के लिए दान करें
  3. परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ें
  4. NGOs की मदद लें
  5. मीडिया में मुद्दा उठाएं
  6. RTE कानून लागू कराने में मदद करें

प्राइवेट स्कूलों की जिम्मेदारी

जिस प्राइवेट स्कूल ने इन बच्चों को निकाला, उसने न सिर्फ कानून का उल्लंघन किया बल्कि मानवता को भी शर्मसार किया। स्कूलों की यह जिम्मेदारी है कि वे:

  • RTE का पालन करें
  • EWS बच्चों को प्रवेश दें
  • फीस माफी की व्यवस्था हो
  • गरीब बच्चों को समर्थन दें
  • शिक्षा को व्यापार न बनाएं

सरकार को क्या करना चाहिए?

यह मामला सीधे हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग की जवाबदेही का सवाल है। तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए:

तत्काल कदम:

  1. बच्चों को तुरंत स्कूल में दाखिला
  2. परिवार को दिव्यांग पेंशन दिलाना
  3. छात्रवृत्ति की व्यवस्था
  4. स्कूल के खिलाफ कार्रवाई
  5. परिवार को आर्थिक सहायता

दीर्घकालिक सुधार:

  1. RTE कानून की सख्त निगरानी
  2. गरीब परिवारों की पहचान और मदद
  3. दिव्यांग परिवारों के लिए विशेष योजना
  4. प्राइवेट स्कूलों पर नियंत्रण
  5. जागरूकता अभियान

मुख्य बातें (Key Points)
  • फरीदाबाद के 4 बच्चों ने की 75 KM की कांवड़ यात्रा
  • स्कूल फीस न भर पाने पर निकाले गए थे
  • माता-पिता दोनों दिव्यांग, आर्थिक मजबूरी
  • हरिद्वार से पैदल यात्रा शुरू की
  • भगवान शिव से प्रार्थना – फीस का इंतजाम हो
  • सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी
  • RTE कानून का खुला उल्लंघन
  • प्रशासनिक उपेक्षा पर सवाल
ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

NEET Paper Leak पर Amit Shah तोड़ेंगे चुप्पी! लेकिन विपक्ष को रखनी होगी यह शर्त

Next Post

Punjab Congress में खुली बगावत! 15 MLA ने हाईकमांड को लिखी चिट्ठी, राजा वड़िंग पर बड़ा आरोप

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

EPFO Salary Limit Increase

EPFO Salary Limit Increase: वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000, मिलेगी ज्यादा Pension

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
Ration Card e-KYC Last Date

Ration Card E-KYC Mandatory: नया राशन कार्ड बनते ही तुरंत कराएं E-KYC, वरना नहीं मिलेगा राशन

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
LPG Cylinder

LPG Cylinder Dual Price System: E-KYC नहीं कराई तो ज्यादा कीमत देनी होगी! 10 साल बाद वापसी

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
UPI Payment Limit

UPI Payment Limit: पेट्रोल पंप पर ₹2000 से ज्यादा UPI Payment पर रोक! भोपाल में 16 अक्टूबर से लागू

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
5 Days Bank Strike

5 Days Bank Strike: 26 से 30 सितंबर बंद रहेंगे Bank! UFBU ने दी हड़ताल की चेतावनी

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
India Population Policy

India Population Policy: PM की आर्थिक सलाहकार परिषद ने की नसबंदी Incentive बंद करने की सिफारिश

सोमवार, 21 सितम्बर 2026
Next Post
Congress Punjab

Punjab Congress में खुली बगावत! 15 MLA ने हाईकमांड को लिखी चिट्ठी, राजा वड़िंग पर बड़ा आरोप

Siddhi Yoga

11 अगस्त को इन 5 राशियों की खुल जाएगी किस्मत! Siddhi Yoga का धमाकेदार संयोग, जानें अपना Rashifal

Breaking News Live Updates 11

Breaking News Live Updates 11 अगस्त 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।