Lehragaga Medical College : चंडीगढ़/लहड़ागागा, 15 अप्रैल। पंजाब के लहड़ागागा में एक नया सवेरा आया है। हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल ने मंगलवार को कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC), लहड़ागागा में OPD और IPD सेवाओं का शुभारंभ किया। यह पंजाब सरकार के उस ऐतिहासिक फैसले की दिशा में पहला ठोस कदम है, जिसमें लहड़ागागा में एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने का वादा किया गया था। और अब वह सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है।
देखा जाए तो यह सिर्फ एक CHC का उद्घाटन नहीं है। यह उस इलाके के लाखों लोगों के लिए राहत की बड़ी सांस है, जो दशकों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रहे थे। लहड़ागागा और इसके 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और कस्बों के लोगों को अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं अपने नजदीक मिल सकेंगी।
जर्जर हालत से लेकर आधुनिक CHC तक का सफर
कुछ समय पहले तक यह CHC जर्जर हालत में पड़ा था। खस्ताहाल इमारत, टूटी-फूटी सुविधाएं, और डॉक्टरों की कमी—यही तस्वीर थी। लेकिन अब इसे पूरी तरह से नवीनीकृत और अपग्रेड किया गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के साथ OPD और IPD सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
लहड़ागागा के CHC में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इन चिकित्सा सेवाओं का संचालन जनहित ट्रस्ट की इकाई, आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह पहल न केवल संगरूर में बल्कि पूरी दुनिया में लहड़ागागा की पहचान स्थापित करेगी।”
दिलचस्प बात यह है कि यह सिर्फ एक अस्पताल नहीं है। यह एक मेडिकल कॉलेज बनने की दिशा में पहला कदम है। और इसका मतलब है—रोजगार के हजारों अवसर, युवाओं के लिए मेडिकल शिक्षा की सुविधा, और क्षेत्र के आर्थिक विकास में तेजी।
निजीकरण नहीं, बल्कि जनहित के लिए साझेदारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि इस संस्थान को किसी भी रूप में निजी हाथों में नहीं सौंपा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सेवाओं की जिम्मेदारी जनहित ट्रस्ट की इकाई को सौंपी गई है, जिसका एकमात्र उद्देश्य मानवता की सेवा करना है, न कि मुनाफा कमाना।
समझने वाली बात यह है कि जनहित ट्रस्ट जैन समुदाय की एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो धर्म और समाज सेवा के लिए जानी जाती है। इसका मकसद कमाई नहीं, बल्कि सेवा है। और यही भरोसा डॉ. बलबीर सिंह ने जनता को दिलाया।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार के अथक प्रयासों से बंद पड़े बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को अब मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में पुनर्जीवित किया जा रहा है। यह मेडिकल कॉलेज मूनक और खनौरी दोनों क्षेत्रों की सेवा करेगा और इन क्षेत्रों के अस्पताल भी इसी के ढांचे के तहत काम करेंगे।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी अब इतिहास
पहले इस इलाके में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी। लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि आर्थिक विकास में भी तेजी आएगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में सेवा देने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों का भी सम्मान किया। उन्होंने कहा कि ये डॉक्टर इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के नए युग की शुरुआत करने जा रहे हैं।
नर्सिंग, MD और MS कोर्स भी शुरू होंगे
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को धन्यवाद दिया कि उनके समर्थन से मेडिकल कॉलेज परियोजना इस मुकाम तक पहुंची। उन्होंने जानकारी दी कि अगले साल मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग क्लासेज शुरू होंगी, साथ ही MD और MS कोर्स भी चलाए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र के कई सक्षम छात्र सुविधाओं की कमी के कारण चिकित्सा के क्षेत्र में करियर नहीं बना पाते थे। लेकिन अब वे अपने सपने पूरे क�� सकेंगे। यह युवाओं के लिए बड़ी राहत की बात है।
इमरजेंसी में अब संगरूर या पटियाला नहीं भागना पड़ेगा
बरिंदर कुमार गोयल ने एक बेहद भावुक बात कही। उन्होंने कहा कि पहले इमरजेंसी सेवाओं की कमी के कारण लोगों को संगरूर या पटियाला तक जाना पड़ता था। कई बार देरी होने से जानें भी चली जाती थीं। अब ऐसी स्थितियों से बचा जा सकेगा, क्योंकि स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यह सुनकर ही समझ आता है कि इस परियोजना का जनता के जीवन पर कितना गहरा असर पड़ने वाला है।
100 MBBS सीटें और 440 बेड का अस्पताल
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जैन समुदाय द्वारा स्थापित होने वाले मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और सीट आवंटन सख्ती से राज्य सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों और अधिसूचनाओं का पालन करते हुए किया जाएगा। सभी श्रेणियों के लिए फीस संरचना भी सरकारी मानदंडों के अनुसार ही तय की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में 100 MBBS सीटों की क्षमता और न्यूनतम 440 बेड के साथ स्थापित किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि निवासियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाए और पंजाब को चिकित्सा शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
जनहित ट्रस्ट और जैन समुदाय की भूमिका
इस अवसर पर जनहित ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. धर्मपाल जैन, ट्रस्टी डॉ. राजनीश जैन, SDM राकेश प्रकाश गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर, म्युनिसिपल काउंसिल की अध्यक्ष कांता गोयल, गौरव गोयल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी और शहर तथा आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
जैन समुदाय की यह पहल सेवा और धर्म की भावना से प्रेरित है। और इसका लाभ सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोगों को मिलेगा।
लहड़ागागा की अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट
देखा जाए तो यह परियोजना लहड़ागागा निर्वाचन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा बूस्ट साबित होगी। मेडिकल कॉलेज से हजारों नौकरियां पैदा होंगी—डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों, प्रशासनिक कर्मचारियों से लेकर सफाई कर्मचारियों तक।
साथ ही, छात्रों और उनके परिवारों के आने से स्थानीय व्यवसायों को भी फायदा होगा—होटल, रेस्तरां, किराने की दुकानें, किताबों की दुकानें, परिवहन सेवाएं, सभी को लाभ मिलेगा। यह क्षेत्रीय विकास का एक पूरा चक्र शुरू होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
• CHC में OPD-IPD सेवाएं शुरू: लहड़ागागा के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ OPD और IPD सेवाएं शुरू, 50 किमी के दायरे में लाभ
• मेडिकल कॉलेज की दिशा में पहला कदम: बाबा हीरा सिंह भट्टल इंजीनियरिंग कॉलेज को मेडिकल कॉलेज में बदला जा रहा, 100 MBBS सीटें और 440 बेड की योजना
• जनहित ट्रस्ट संभालेगा संचालन: आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज द्वारा गैर-लाभकारी आधार पर संचालन, निजीकरण नहीं
• नर्सिंग, MD, MS कोर्स भी: अगले साल से नर्सिंग क्लासेज और स्नातकोत्तर चिकित्सा कोर्स शुरू होंगे
• रोजगार और आर्थिक विकास: मेडिकल कॉलेज से हजारों नौकरियां, लहड़ागागा की अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलेगा













