IMD Weather Alert: नई दिल्ली से मौसम विभाग ने 16 जून को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए अहम मौसम चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने बताया कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 18 से 22 जून के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में हल्की से मध्यम बारिश लेकर आएगा।
दरअसल, दक्षिण पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा अब भी 18°उत्तर/60°पूर्व से लेकर हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर और 28.3°उत्तर/83°पूर्व से होकर गुजर रही है। देखा जाए तो मॉनसून अगले 4-5 दिनों में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
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पिछले 24 घंटों में कहां हुई कितनी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, 15 जून को सुबह 8:30 बजे से लेकर 16 जून सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल के हिल्ला टी.ई. में 12-20 सेमी तक भारी से अति भारी बारिश हुई।
दिलचस्प बात यह है कि त्रिपुरा के सोनामुरा में 8 सेमी, बिहार के सुपौल में 7 सेमी और तटीय आंध्र प्रदेश के बालाजीपेटा (परवतीपुरम मान्यम जिला) में 7 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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93 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में तेज रफ्तार आंधी-तूफान चला। पंजाब के फाजिल्का में 74 किमी प्रति घंटे, भटिंडा में 61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर और बरेली में 74 और 68 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हरियाणा के रोहतक में 72 किमी, जींद में 70 किमी और सोनीपत में 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज की गई।
हैरान करने वाली बात यह है कि दिल्ली में बीते 24 घंटों में 93 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
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उत्तराखंड और हिमाचल में ओलावृष्टि
अगर गौर करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। वहीं, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी भी चली।
तापमान: कहां 43 डिग्री पार, कहां सामान्य से कम
15 जून को दिन का अधिकतम तापमान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात राज्य, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, विदर्भ, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40-43°C के बीच रहा।
समझने वाली बात यह है कि देश का सबसे अधिकतम तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.4°C दर्ज किया गया। वहीं, देश के बाकी हिस्सों में तापमान 40°C से नीचे रहा।
16 जून को रात का न्यूनतम तापमान कोंकण और गोवा, विदर्भ, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, लक्षद्वीप में सामान्य से 3.1°C से 5.0°C अधिक रहा।
18 जून से पश्चिमी विक्षोभ का असर शुरू
मौसम विभाग ने बताया कि 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:
- मौसमी गर्त पंजाब से बिहार तक निचले ट्रोपोस्फियर स्तर पर फैला हुआ है
- हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में निचले ट्रोपोस्फियर स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है
- दक्षिण हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फियर स्तर के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ है
- पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में निचले ट्रोपोस्फियर स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है
कहां-कहां बारिश की संभावना?
उत्तर पश्चिम भारत:
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 16-17 जून के दौरान अलग-अलग जगहों पर बारिश, 18-22 जून के दौरान काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में 16-17 जून और 19-22 जून के दौरान, उत्तराखंड में 16-22 जून के दौरान बारिश हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान, हरियाणा-चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में 16-22 जून के दौरान अलग-अलग जगहों पर बारिश होगी।
मध्य भारत:
छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16-22 जून के दौरान अलग-अलग जगहों पर बारिश की संभावना है।
पूर्वी भारत:
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16-22 जून के दौरान काफी व्यापक से व्यापक बारिश होगी।
गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 20-22 जून के दौरान काफी व्यापक बारिश की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत:
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16-22 जून के दौरान काफी व्यापक से व्यापक बारिश होगी।
दक्षिण भारत:
केरल और माहे में 16-22 जून के दौरान काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है।
भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
चिंता का विषय यह है कि सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17-22 जून के दौरान अलग-अलग जगहों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है।
असम और मेघालय में 18-20 जून के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है।
बिहार में 17-20 जून के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
अरुणाचल प्रदेश में 18-22 जून, असम और मेघालय में 16-17 जून और 21-22 जून, नगालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में 16 जून और 18-20 जून के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए आंधी-तूफान की विस्तृत चेतावनी जारी की है:
60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी:
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 और 18 जून को 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (80 किमी तक झोंके) से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 जून, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 17 और 19 जून को 50-60 किमी प्रति घंटे (70 किमी तक झोंके) की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18-19 जून, झारखंड में 19-20 जून और बिहार में 18-19 जून और 21-22 जून के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
ओलावृष्टि:
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 16 जून और 18-19 जून के दौरान ओलावृष्टि हो सकती है।
उत्तराखंड में 16 और 19 जून को ओलावृष्टि की संभावना है।
विदर्भ, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में लू का खतरा
हैरान करने वाली बात यह है कि जब देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ राज्यों में लू (Heat Wave) की स्थिति बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ में 16-17 जून तक, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 18-19 जून, ओडिशा में 16 जून, तेलंगाना में 16-18 जून, विदर्भ में 16-19 जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19-22 जून के दौरान अलग-अलग जगहों पर लू चल सकती है।
गर्म और उमस भरा मौसम
गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 16-18 जून, ओडिशा में 16-20 जून, कोंकण और गोवा में 16-19 जून, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 16-17 जून के दौरान गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 16 जून से 21 जून 2026 के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी से सटे कोमोरिन क्षेत्र, श्रीलंका तट के पास 16 से 21 जून तक, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश भागों में 16, 18 और 20 जून को।
दक्षिण म्यांमार तट के पास पूर्वोत्तर और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे क्षेत्र में 16 से 19 और 20 जून को, उत्तरी अंडमान सागर में 16 से 19 जून के दौरान।
अरब सागर: सोमालिया तट के पास दक्षिण पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों से सटे क्षेत्र में, ओमान तट के पास उत्तर पश्चिम अरब सागर से सटे क्षेत्र में 16 से 21 जून और पूर्वोत्तर अरब सागर से सटे क्षेत्र में 17 से 20 जून के दौरान।
दिल्ली-NCR में क्या है मौसम का हाल?
राजधानी दिल्ली और NCR के लिए मौसम विभाग ने विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है:
16 जून 2026: आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर/शाम की तरफ कई जगहों पर बहुत हल्की/हल्की बारिश के साथ आंधी/बिजली/तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे, 50 किमी तक झोंके) चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 30°C से 32°C के बीच रहेगा।
17 जून 2026: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह/दोपहर की तरफ आंधी/बिजली के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 33°C से 35°C और 26°C से 28°C के बीच रहेगा।
18 जून 2026: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। शाम/रात की तरफ आंधी/बिजली के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 35°C से 37°C और 27°C से 29°C के बीच रहेगा।
19 जून 2026: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह/दोपहर की तरफ आंधी/बिजली के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 36°C से 38°C और 27°C से 29°C के बीच रहेगा।
किसानों के लिए सलाह
ओलावृष्टि के प्रभाव के लिए:
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फलों के बगीचों और सब्जी के पौधों में यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाल या ओला टोपी का उपयोग करें। जलभराव को रोकने के लिए प्रभावी फील्ड जल निकासी सुनिश्चित करें। परिपक्व फलों की तुड़ाई जल्द से जल्द करें। कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
भारी वर्षा के प्रभाव के लिए:
अरुणाचल प्रदेश में सब्जियों, मक्का, धान नर्सरी और अन्य फसल खेतों में जलभराव को रोकने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। फसल के नुकसान से बचने के लिए परिपक्व सब्जियों और फलों की कटाई करें।
असम में धान नर्सरी, जूट, अदरक, सब्जियां, केला, खट्टे फल और पपीता से अतिरिक्त पानी को जल्दी से हटाने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करें। भारी वर्षा के दौरान साली धान की नर्सरी बुवाई से बचें। धान नर्सरी की क्यारियों को पतली पॉलिथीन शीट से ढकें।
केरल में केला, नारियल, इलायची, अदरक, काली मिर्च और सब्जियों से अतिरिक्त पानी निकालने का प्रबंध करें। केले के पौधों में सहायक डंडे लगाएं और सब्जी की फसलों के पंडालों को मजबूत करें। भारी बारिश के दौरान धान की रोपाई से बचें।
उच्च तापमान/लू के प्रभाव के लिए:
विदर्भ और तेलंगाना में सब्जी की फसलों और फलों के बागों में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें।
पशुधन/मुर्गी पालन/मत्स्य पालन के लिए सलाह
भारी वर्षा के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार दें। चारा और चारे को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
उच्च तापमान और लू की स्थिति वाले क्षेत्रों में पशुओं को स्वच्छ, ठंडा पीने का पानी दें, और गर्मी के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए मुर्गी पालन शेड की छतों को घास से ढकें।
तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट का निर्माण करें ताकि अतिरिक्त पानी निकाला जा सके, जिससे ओवरफ्लो की स्थिति में मछली के भागने से रोका जा सके।
जनता के लिए सुरक्षा सलाह
आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण:
- मौसम के अपडेट पर नजर रखें और बिगड़ती परिस्थितियों की जानकारी रखें
- घर के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें
- खिड़कियां और दरवाजे सुरक्षित रूप से बंद करें
- सुरक्षित स्थानों में शरण लें और खुले क्षेत्रों से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली गिरने की गतिविधि के दौरान कंक्रीट के फर्श पर न लेटें या कंक्रीट की दीवारों के खिलाफ न झुकें
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
- तुरंत जल निकायों से बाहर निकल जाएं
- बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहें
भारी/अति भारी वर्षा के कारण:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने मार्ग पर यातायात जमाव की जांच करें
- इस संबंध में जारी किसी भी यातायात सलाह का पालन करें
- उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलभराव की समस्या होती है
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
लू की स्थिति के कारण:
- गर्मी के संपर्क से बचें – ठंडा रहें। निर्जलीकरण से बचें
- पर्याप्त पानी पिएं – भले ही प्यास न लगे
- ORS, घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें ताकि आप हाइड्रेटेड रहें
क्यों महत्वपूर्ण है यह मौसम अपडेट?
समझने वाली बात यह है कि इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम की स्थिति है। जहां एक तरफ मॉनसून आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में अच्छी बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्यों में अभी भी लू की स्थिति बनी हुई है।
देखा जाए तो किसानों के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। खरीफ की फसल की बुवाई का समय चल रहा है और मॉनसून की बारिश पर ही पूरी खेती निर्भर है।
दूसरी ओर, भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से जान-माल के नुकसान का खतरा भी है। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 18-22 जून के दौरान पश्चिमी विक्षोभ से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होगी
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17-22 जून के दौरान अति भारी बारिश की चेतावनी
- असम और मेघालय में 18-20 जून के दौरान अति भारी बारिश की संभावना
- विदर्भ में 19 जून तक, तेलंगाना में 18 जून तक और छत्तीसगढ़ में 17 जून तक लू की स्थिति
- दक्षिण पश्चिम मॉनसून अगले 4-5 दिनों में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ेगा
- पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 और 18 जून को 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी
- हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 16, 18-19 जून को ओलावृष्टि की संभावना
- दिल्ली-NCR में 16-19 जून के दौरान आंधी-बारिश और 16 जून को 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं











