Ashok Mittal ED Raid : नई दिल्ली, 15 अप्रैल। पंजाब में आम आदमी पार्टी के सांसद और राज्यसभा में उपनेता डॉ. अशोक मित्तल के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर पार्टी के भीतर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सीधे तौर पर सांसद राघव चड्ढा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. अशोक मित्तल के घर पर ईडी की रेड के पीछे राघव चड्ढा का हाथ है।
देखा जाए तो यह सिर्फ एक ईडी रेड का मामला नहीं है। यह आंतरिक पार्टी राजनीति, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और भाजपा के साथ कथित सांठगांठ की कहानी है। और सबसे दिलचस्प बात—ईडी रेड के ठीक बाद राघव चड्ढा को केंद्र सरकार से जेड प्लस सुरक्षा मिल गई।
उपनेता पद से हटे, ईडी रेड हुई, सुरक्षा मिली—सब संयोग?
अनुराग ढांडा ने कहा कि ये चर्चा जोरों पर है कि कुछ दिन पहले राघव चड्ढा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी। उसी बैठक में यह तय हुआ था कि डॉ. अशोक मित्तल के यहां ईडी की छापेमारी कराई जाएगी और इसी के साथ भाजपा का पंजाब में चुनाव अभियान का भी आगाज होगा।
समझने वाली बात यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही डॉ. अशोक मित्तल को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का उपनेता बनाया गया। इससे पहले यह पद राघव चड्ढा के पास था। यह बताया जा रहा है कि राघव चड्ढा इस बात को लेकर बहुत नाराज थे कि उन्हें हटाकर डॉ. अशोक मित्तल को उपनेता क्यों बनाया गया?
अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया, “क्या यह महज संयोग हो सकता है कि राघव चड्ढा उस पद से हटे, डॉ. अशोक मित्तल उपनेता बने और उसके कुछ ही दिन बाद डॉ. अशोक मित्तल के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी हो गई तथा राघव चड्ढा को केंद्र सरकार की तरफ से जेड प्लस सुरक्षा मिल गई? क्या यह महज एक संयोग हो सकता है?”
हैरान करने वाली बात यह है कि टाइमिंग इतनी सटीक है कि संयोग मानना मुश्किल है।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की चर्चा
अनुराग ढांडा ने कहा कि सूत्र यह बता रहे हैं कि पिछले दिनों राघव चड्ढा की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात हुई है। उसी बैठक में यह तय हो गया था कि डॉ. अशोक मित्तल के यहां ईडी की छापेमारी कराई जाएगी और इसी से भाजपा के पंजाब चुनाव अभियान का आगाज होगा।
“राघव चड्ढा इस बात को लेकर बेहद नाराज थे कि डॉ. अशोक मित्तल को उनकी जगह उपनेता क्यों बनाया गया। इसीलिए उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर सबसे पहली मांग यही की कि डॉ. अशोक मित्तल के यहां ईडी की छापेमारी कराई जाए और उन्हें डराने की कोशिश की जाए,” उन्होंने आरोप लगाया।
यदि यह सच है, तो यह अपनी ही पार्टी के साथ गद्दारी की सबसे बड़ी मिसाल होगी। व्यक्तिगत नाराजगी के चलते पार्टी साथी पर ईडी भेजवाना—यह किसी भी राजनीतिक मानक से गलत है।
ईडी रेड और जेड प्लस सुरक्षा—प्रयोग, संयोग नहीं
अनुराग ढांडा ने कहा कि ईडी की रेड के बीच केंद्र सरकार का राघव चड्ढा को जेड प्लस सुरक्षा देना महज एक संयोग नहीं है, बल्कि प्रयोग है। यह पुरस्कार है उस “सेवा” के लिए जो उन्होंने भाजपा के लिए की।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ईडी की रेड और सुरक्षा देने में सिर्फ कुछ दिन का अंतर है। और यह दोनों घटनाएं राघव चड्ढा के उपनेता पद से हटने के तुरंत बाद हुईं। यह इतना स्पष्ट पैटर्न है कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
संजीव झा का आरोप—पंजाब में चुनाव अभियान शुरू
बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि बुधवार को पंजाब में सांसद अशोक मित्तल के यहां ईडी की छापेमारी हुई। इससे यह साबित हो गया है कि भाजपा ने पंजाब में अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया है। “जहां-जहां विपक्ष की सरकार है, वहां भाजपा पहले ईडी भेजती है और फिर चुनाव प्रचार के लिए अपने नेताओं को भेजती है,” उन्होंने कहा।
समझने वाली बात यह है कि भाजपा की यह स्टैंडर्ड प्लेबुक है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल पर ईडी केस, महाराष्ट्र में विपक्षी नेताओं पर रेड, बंगाल में टीएमसी नेताओं को निशाना बनाना—यह सब एक ही पैटर्न है।
“अभी हाल ही में अशोक मित्तल को राज्यसभा में राघव चड्ढा की जगह उपनेता बनाया गया था। जैसे ही वे उपनेता बने, उनके घर पर छापेमारी हो गई,” संजीव झा ने कहा।
राघव चड्ढा पर भी ईडी की दबिश, फिर बदल गए
संजीव झा ने बताया कि ईडी की एक दबिश तो राघव चड्ढा पर भी पड़ी थी, लेकिन वे उससे इतना घबरा गए कि उन्होंने पार्टी से ही गद्दारी कर ली। “भाजपा के कई नेता और सूत्र यह कह रहे थे कि राघव चड्ढा की बैठक भाजपा के नेताओं के साथ हुई थी और उनके कहने पर ही यह छापेमारी की गई है,” उन्होंने कहा।
दिलचस्प बात यह है कि पहले तो संजीव झा को भी इस बात पर भरोसा नहीं हुआ। लेकिन जब मीडिया में देखा कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार द्वारा राघव चड्ढा को सुरक्षा दी गई है, तब लगा कि वे सूत्र बिल्कुल सही कह रहे थे।
“आज राघव चड्ढा को यह सुरक्षा इसलिए दी गई है ताकि जब-जब भाजपा को उनकी जरूरत पड़े, वे उनका उपयोग कर सकें,” संजीव झा ने आरोप लगाया।
AAP नेता जेल से नहीं डरते
संजीव झा ने कहा कि राघव चड्ढा भी यह बेहतर तरीके से जानते हैं कि “आप” नेता जेल जाने से नहीं डरते हैं और न ही ईडी की छापेमारी से डरते हैं। “हमारे सबसे बड़े नेता अरविंद केजरीवाल जेल से होकर आ गए हैं, तो अब जेल से क्या डरना? सच्चाई के रास्ते पर बाधाएं जरूर आती हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी एक चट्टान की तरह खड़ी है,” उन्होंने कहा।
यह बात बिल्कुल सही है। केजरीवाल जेल गए, लेकिन जनता का साथ मिला और वे वापस आए। ईडी और सीबीआई से डरने वाली पार्टी नहीं है AAP।
संजीव झा ने आगे कहा, “भाजपा की इस तरह की हर ओछी हरकत का मुंहतोड़ जवाब अरविंद केजरीवाल और पूरी आम आदमी पार्टी के लोग मिलकर देंगे।”
पंजाब चुनाव की तैयारी में भाजपा
यहां पर समझने वाली बात यह है कि पंजाब में चुनाव आने वाले हैं। और भाजपा को पंजाब में पैर जमाना है। इसके लिए वे हर हथकंडा अपना रही हैं—ईडी, सीबीआई, आंतरिक फूट डालना, नेताओं को तोड़ना।
राघव चड्ढा को जेड प्लस सुरक्षा देना इसी रणनीति का हिस्सा है। उन्हें अपनी तरफ करना, या कम से कम उन्हें इस्तेमाल करना—यह भाजपा की पुरानी चाल है।
AAP की एकता पर सवाल
यह पूरा प्रकरण AAP की आंतरिक एकता पर भी सवाल उठाता है। अगर पार्टी के ही सांसद एक-दूसरे के खिलाफ ईडी भेजवाने लगें, तो पार्टी की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है।
हालांकि AAP नेतृत्व ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है और राघव चड्ढा पर आरोप लगाए हैं। यह दिखाता है कि पार्टी गद्दारी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
• ईडी रेड के पीछे राघव चड्ढा का हाथ: AAP ने आरोप लगाया कि अशोक मित्तल के घर ईडी रेड के लिए राघव चड्ढा जिम्मेदार, भाजपा से मुलाकात की चर्चा
• उपनेता पद से हटे तो नाराजगी: राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को बनाया गया, इसी नाराजगी में भाजपा से मिले
• जेड प्लस सुरक्षा सिर्फ संयोग नहीं: ईडी रेड के तुरंत बाद राघव चड्ढा को केंद्र ने जेड प्लस सुरक्षा दी, यह प्रयोग है, संयोग नहीं
• पंजाब में चुनाव अभियान की शुरुआत: भाजपा ने ईडी रेड के साथ पंजाब चुनाव अभियान शुरू किया, यही पैटर्न हर राज्य में दोहराया जाता है
• AAP नेता जेल से नहीं डरते: संजीव झा ने कहा अरविंद केजरीवाल जेल से आ चुके, ईडी और सीबीआई से नहीं डरते













