IMD Weather Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने 4 मई 2026 को एक गंभीर मौसम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 48 घंटों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में तूफानी हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं हो सकती हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई इलाकों में हवा की रफ्तार 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
देखा जाए तो यह मौसम का एक खतरनाक मोड़ है। पिछले 24 घंटों में पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 13 सेंटीमीटर तक बारिश हो चुकी है। तेलंगाना के आदिलाबाद में पारा 45.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।

दिल्ली NCR में बिगड़ेगा मौसम, स्कूलों को अलर्ट
राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र के लोगों के लिए अगले तीन दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। IMD की चेतावनी के अनुसार 4 मई की शाम से दिल्ली में तूफानी बारिश शुरू हो सकती है। हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
अगर गौर करें तो पिछले 24 घंटों में दिल्ली के अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट आई है। अभी तापमान 35-37 डिग्री के बीच चल रहा है, लेकिन 4 मई को यह घटकर 30-32 डिग्री तक आ सकता है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा से आ रही हवाओं की रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी। रात में बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
10 राज्यों में रेड अलर्ट, जानें कहां-कहां खतरा
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। थंडरस्क्वॉल (तूफानी आंधी) की चेतावनी इन इलाकों के लिए जारी की गई है:
4 मई को थंडरस्क्वॉल (50-60 kmph, झोंके 70 kmph तक):
- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ी
- पश्चिम उत्तर प्रदेश
- सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम
- गंगा के मैदानी वेस्ट बंगाल
- झारखंड और ओडिशा
- छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश
- तटीय आंध्र प्रदेश और यानम
5 मई को:
- पूर्वी उत्तर प्रदेश
- गंगा के मैदानी वेस्ट बंगाल, झारखंड और ओडिशा (जारी)
- तटीय आंध्र प्रदेश और यानम (जारी)
दिलचस्प बात यह है कि बिहार में 4 और 6 मई को तूफानी हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
ओलावृष्टि का खतरा, किसानों को भारी नुकसान की आशंका
समझने वाली बात यह है कि इस बार ओलावृष्टि का खतरा भी कई राज्यों पर मंडरा रहा है। 4 मई को इन राज्यों में ओलावृष्टि हो सकती है:
- जम्मू-कश्मीर
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- पंजाब
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
- पश्चिम उत्तर प्रदेश
- पूर्वी राजस्थान
- झारखंड और ओडिशा
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़
- तेलंगाना
ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। केले, पपीते के पेड़ों को सबसे ज्यादा खतरा है। बिजली और संचार लाइनें टूट सकती हैं।
पिछले 24 घंटे में कहां-कहां मची तबाही
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और तूफानी हवाओं ने तबाही मचाई:
सबसे अधिक बारिश:
- पश्चिम उत्तर प्रदेश के गुन्नौर (संभल जिला) में 13 सेंटीमीटर
- सहावर (कासगंज) में 10 सेंटीमीटर
- तटीय आंध्र प्रदेश के अमलापुरम में 9 सेंटीमीटर
- तेलंगाना के कुसुमांची में 7 सेंटीमीटर
सबसे तेज हवाएं (किलोमीटर प्रति घंटे में):
- त्रिपुरा के पनिसागर में 128 kmph (रिकॉर्ड तोड़)
- उत्तराखंड के जॉलीग्रांट में 91 kmph
- त्रिपुरा के अंबासा में 89 kmph
- पंजाब के संगरूर और आनंदपुर साहिब में 76 kmph
- दिल्ली के पुसा में 70 kmph
- उत्तर प्रदेश के बरेली (IAF) में 80 kmph
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मौसम की मार कितनी भयंकर रही है।
उत्तर-पश्चिम भारत: अगले 4 दिन रहें सतर्क
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड:
4 से 6 मई तक बर्फबारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में यह स्थिति 8 मई तक जारी रह सकती है। 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली:
5, 6 और 10 मई को बारिश का दौर रहेगा। बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश:
पश्चिम उत्तर प्रदेश में 5 और 6 मई को जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 मई को बारिश का अनुमान है। 4 मई को भारी बारिश हो सकती है।
राजस्थान:
पश्चिम राजस्थान में 4-7 मई और पूर्वी राजस्थान में 4-8 मई तक हल्की बारिश संभव है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए स्थिति और भी गंभीर है। व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है:
अरुणाचल प्रदेश:
4 और 5 मई को भारी बारिश हो सकती है। 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
असम और मेघालय:
4 मई को भारी बारिश का अनुमान है। 5-7 मई को बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा:
4-6 मई तक तूफानी बारिश का दौर जारी रहेगा। 4 मई को भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर के लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
पूर्वी भारत: वेस्ट बंगाल और बिहार में अलर्ट
सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम:
5-8 मई तक व्यापक बारिश होगी। 4-6 मई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 4 मई को तूफानी हवाओं (50-60 kmph) का खतरा है।
गंगा के मैदानी वेस्ट बंगाल:
6-8 मई तक बारिश का दौर रहेगा। 4 और 5 मई को थंडरस्क्वॉल की आशंका है।
बिहार:
5, 7 और 8 मई को हल्की से मध्यम बारिश होगी। 4 और 6 मई को भारी बारिश हो सकती है।
झारखंड और ओडिशा:
6-10 मई तक झारखंड और 6-8 मई तक ओडिशा में बारिश रहेगी। दोनों राज्यों में 4 और 5 मई को ओलावृष्टि हो सकती है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तूफान
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 और 5 मई को 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के भोपाल में 54 kmph और सागर में 63 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं। ओलावृष्टि भी रिपोर्ट की गई।
मध्य प्रदेश:
6-8 मई तक हल्की से मध्यम बारिश होगी। 4 मई को ओलावृष्टि की आशंका है।
विदर्भ:
4-7 मई तक तूफानी हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़:
6-8 मई तक बारिश का दौर रहेगा। 4 मई को ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में अगले 5 दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल:
अगले 5 दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। 4 मई को 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
केरल और माहे:
4-8 मई तक बारिश का दौर जारी रहेगा। 4 और 6 मई को भारी बारिश हो सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश और यानम:
6-8 मई तक बारिश होगी। 4 और 5 मई को 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
तेलंगाना:
4-8 मई तक हल्की बारिश संभव है। 4 मई को ओलावृष्टि हो सकती है।
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक:
6 और 7 मई को भारी बारिश का अनुमान है।
तापमान में उतार-चढ़ाव: कहां बढ़ेगी गर्मी, कहां मिलेगी राहत
देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में बड़े बदलाव होने वाले हैं:
उत्तर-पश्चिम भारत:
4 मई तक तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आएगी। लेकिन 5-9 मई के बीच तापमान फिर से 4-6 डिग्री बढ़ सकता है।
मध्य भारत:
6 मई तक तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट रहेगी। उसके बाद कोई खास बदलाव नहीं होगा।
महाराष्ट्र:
5 मई तक तापमान स्थिर रहेगा। 6-8 मई के बीच 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी।
पिछले 24 घंटों में विदर्भ, तेलंगाना और मराठवाड़ा के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। तेलंगाना के आदिलाबाद में 45.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
गर्म और उमस भरा मौसम: इन इलाकों में परेशानी
कुछ तटीय इलाकों में गर्मी के साथ उमस भी परेशान करेगी:
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 मई को
- तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 4-6 मई
- रायलसीमा में 4 और 5 मई
- गुजरात क्षेत्र में 9 और 10 मई
- कोंकण और गोवा में 6-8 मई
ऐसे मौसम में लू लगने और डिहाइड्रेशन का खतरा बना रहता है।
मछुआरों के लिए चेतावनी: समुद्र में न जाएं
बंगाल की खाड़ी:
4 और 5 मई को ओडिशा, पश्चिम बंगाल तट और बांग्लादेश तट के पास तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में समुद्र उफान पर रहेगा। मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है।
अरब सागर:
4 मई को गुजरात तट और उत्तर-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्री स्थिति खराब रहेगी।
मछुआरों को सलाह दी गई है कि 4-9 मई तक समुद्र में न जाएं।
किसानों के लिए विशेष सलाह: फसलों को बचाएं
मौसम विभाग ने किसानों के लिए राज्यवार विस्तृत सलाह जारी की है:
ओलावृष्टि से बचाव:
- फलों के बगीचों और सब्जी के पौधों पर हेल नेट (जाली) या हेल कैप लगाएं
- खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें
- पके हुए फलों को जल्द से जल्द तोड़ लें
- कटी हुई फसल को सुरक्षित जगह पर रखें
भारी बारिश से बचाव:
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय:
- धान की नर्सरी की बुवाई स्थगित करें
- खड़ी फसलों में जल भराव से बचाएं
- पके गोभी, मटर, सरसों और आलू की फसल जल्द काट लें
मणिपुर:
- सोयाबीन और मूंगफली की बुवाई स्थगित करें
- मिर्च, अदरक, हल्दी, केले के खेतों में पानी जमा न होने दें
नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा:
- धान के खेतों के चारों ओर जल निकासी नालियां बनाएं
- केले के पौधों को सहारा दें
- मक्के की फसल को गिरने से बचाने के लिए सहारा दें
पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- अदरक, टमाटर और दले खोरसानी के खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करें
- नर्सरी को पॉलीथीन शीट या एग्रो-नेट से ढकें
- अदरक के खेतों में स्थानीय मल्चिंग सामग्री डालें
बिहार और ओडिशा:
- सिंचाई, निराई-गुड़ाई और उर्वरक का छिड़काव स्थगित करें
- धान की नर्सरी, दालों और सब्जियों के खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करें
तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश:
- केले, नारियल, सब्जियों में जल निकासी का प्रबंध करें
- गन्ने के खेतों में पानी जमा न होने दें
- केले के पौधों को सहारा दें
कर्नाटक:
- रागी, मक्का, दालों और सब्जियों में जलभराव से बचाएं
पशुपालन और मछली पालन के लिए सलाह
पशुपालन:
- ओलावृष्टि और भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
- संतुलित आहार दें
- चारे को सुरक्षित जगह पर स्टोर करें
मछली पालन:
- तालाबों के चारों ओर जाली लगाकर निकास बनाएं
- अधिक पानी के कारण मछलियों के भागने से रोकें
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह: ऐसे बचाएं जान
मौसम विभाग ने आम जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
तूफान और बिजली गिरने पर:
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
- संभव हो तो यात्रा से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- कंक्रीट की दीवारों, फर्श और पानी के स्रोतों से दूर रहें
- बिजली के तारों और उपकरणों से दूर रहें
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें
भारी बारिश में:
- अपने रूट पर ट्रैफिक जाम की जांच कर लें
- ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें
- जलभराव वाले इलाकों से बचें
- कमजोर संरचनाओं में न रुकें
- निचले इलाकों में स्थानीय जलभराव हो सकता है
ओलावृष्टि में:
- खुले स्थानों में न रहें
- पशुओं को भी सुरक्षित जगह पर रखें
कल की दिल्ली: क्या होगा मौसम का हाल
5 मई 2026:
आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिजली गिरेगी और 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
तापमान 31-33 डिग्री (अधिकतम) और 18-20 डिग्री (न्यूनतम) के बीच रहेगा।
6 मई 2026:
आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर में गरज के साथ बादल विकसित हो सकते हैं। तापमान 35-37 डिग्री (अधिकतम) और 21-23 डिग्री (न्यूनतम) रहेगा।
7 मई 2026:
आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। तापमान 36-38 डिग्री (अधिकतम) और 22-24 डिग्री (न्यूनतम) के बीच रहेगा।
मौसम की मार से होने वाले नुकसान
मौसम विभाग ने संभावित नुकसान की चेतावनी भी दी है:
तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि से:
- पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं, बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं
- खड़ी फसलों को नुकसान
- केले और पपीते के पेड़ों को गंभीर क्षति
- बिजली और संचार लाइनें टूट सकती हैं
- कच्चे मकानों और झोपड़ियों को आंशिक नुकसान
- ढीली वस्तुएं उड़ सकती हैं
- ओलों से खुले में खड़े लोगों और पशुओं को चोट लग सकती है
भारी बारिश से:
- सड़कों पर स्थानीय जलभराव
- निचले इलाकों में पानी जमा होना
- शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होना
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- प्रमुख शहरों में यातायात व्यवधान
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन
- कुछ नदियों में बाढ़ की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी
मौसम विभाग के अनुसार मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त (trough) बना हुआ है जो 28 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में 72 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ स्थित है।
इसके अलावा:
- हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण है
- पूर्वी मध्य प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण
- आंतरिक ओडिशा में चक्रवाती परिसंचरण
- दक्षिण छत्तीसगढ़ से मणिपुर तक एक गर्त फैला हुआ है
- विदर्भ से कन्याकुमारी क्षेत्र तक उत्तर-दक्षिण गर्त
- उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश में चक्रवाती परिसंचरण
दिलचस्प बात यह है कि 10 मई 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाला है। इसका मतलब है कि मौसम की यह अस्थिरता कुछ और दिनों तक जारी रह सकती है।
क्यों हो रहा है ऐसा मौसम का बदलाव
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह मौसम परिवर्तन कई कारकों का मिला-जुला परिणाम है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और मानसून पूर्व की गतिविधियां एक साथ सक्रिय हो गई हैं।
मई का महीना आमतौर पर भारत में गर्मी का होता है, लेकिन इस साल विभिन्न मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से असामान्य स्थिति बन गई है। एक तरफ तेलंगाना में 45 डिग्री से ऊपर तापमान है तो दूसरी तरफ उत्तर भारत में तूफानी बारिश और ओलावृष्टि हो रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD ने 4-5 मई 2026 को 10 से अधिक राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है
- तूफानी हवाएं 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी
- दिल्ली NCR में 4 मई की शाम से तूफानी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
- तेलंगाना के आदिलाबाद में 45.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया
- मछुआरों को 4-9 मई तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल उपाय करने होंगे
- पश्चिम उत्तर प्रदेश में 13 सेंटीमीटर तक बारिश हो चुकी है











