Bhagwant Mann President Meeting: नई दिल्ली में मंगलवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सात राज्यसभा सांसदों को बर्खास्त करने की मांग की। देखा जाए तो यह वही सांसद हैं जिन्होंने हाल ही में पार्टी बदलकर BJP का दामन थाम लिया था।
Bhagwant Mann President Meeting के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि इन सात सांसदों ने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है और अवैध तरीके से BJP की तरफ रुख कर लिया है।
ਅੱਜ ਦਿੱਲੀ ਵਿਖੇ ਮਾਨਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਅਸੀਂ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੇ 'ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੇ ਕਤਲ' ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨਾਲ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਗੈਰ-ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਤੋੜਨਾ ਅਤੇ ED-CBI ਵਰਗੀਆਂ ਕੇਂਦਰੀ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਦਾਗੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਭਾਜਪਾ ਦੀ 'ਵਾਸ਼ਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ' ਵਿੱਚ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਸਾਡੇ… pic.twitter.com/9pBxuaoExl
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 5, 2026
लोकतंत्र की हत्या और संवैधानिक मजाक
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। दिलचस्प बात यह है कि या तो पूरी पार्टी को प्रस्ताव पास करना चाहिए था, लेकिन इन सात सांसदों ने असंवैधानिक तरीके से अपनी निष्ठा बदल दी। इससे लोकतंत्र का मजाक बनाया गया है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि BJP के पास पंजाब में सिर्फ दो विधायक हैं लेकिन सात राज्यसभा सांसद हैं। यह देश के संविधान के साथ एक मजाक है। अगर गौर करें तो इन सांसदों को नई पार्टी में शामिल होने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था, जिस पार्टी की वे पहले निंदा किया करते थे।
रिकॉल का अधिकार: संविधान संशोधन की मांग
Bhagwant Mann ने राष्ट्रपति से संविधान में संशोधन की मांग की है। उन्होंने कहा कि जैसा राघव चड्ढा मांग करते रहे हैं, वैसा ही रिकॉल का प्रावधान संविधान में होना चाहिए ताकि इन सांसदों को विश्वासघात की सजा दी जा सके।
समझने वाली बात यह है कि पंजाबी ऐसे विश्वासघात को बर्दाश्त नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता इन्हें सजा देगी। इन नेताओं में अब घबराहट है जिसके कारण वे अतार्किक बयान दे रहे हैं।
BJP की ढाल नहीं बचा पाएगी: सीएम का चेतावनी
मान ने साफ शब्दों में कहा कि BJP में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि इन नेताओं को उनके कुकर्मों के लिए बुक नहीं किया जा सकता। भविष्य में भी अगर इनके पापों की कोई रिपोर्ट आती है तो इन्हें निश्चित रूप से बुक किया जाएगा।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि मुख्यमंत्री ने कहा कि BJP की ढाल इन नेताओं को दूसरे राज्यों में कानून के फंदे से बचा सकती है लेकिन पंजाब में नहीं। इन नेताओं को पंजाबियों को धमकाने से बचना चाहिए क्योंकि वे वापसी करेंगे और अपनी असली स्थिति दिखाएंगे।
जनप्रतिनिधियों द्वारा चुने गए सांसदों को निकाला जाए
Bhagwant Mann President Meeting में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के प्रतिनिधियों द्वारा चुने गए इन नेताओं को सदन से बर्खास्त किया जाना चाहिए क्योंकि इन्होंने राज्य की जनता के साथ विश्वासघात किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग से देश के संविधान का उल्लंघन कर रही है। विडंबना देखिए कि वही अशोक मित्तल जिनके परिसर में कुछ दिन पहले ED ने छापेमारी की थी, उन्हें BJP ने Z प्लस सुरक्षा प्रदान की है।
राघव चड्ढा की वॉशिंग मशीन टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि राघव चड्ढा लगातार कहते थे कि BJP एक ऐसी वॉशिंग मशीन है जिसमें डिटर्जेंट नहीं है जहां राजनीतिक नेताओं के पाप धुल जाते हैं। और अब वही चड्ढा उसी पार्टी के साथ हाथ मिला रहे हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि चड्ढा ने भगवा पार्टी में शामिल होकर अपना ही मुंह काला किया है। उन्हें BJP में शामिल होने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था।
Bhagwant Mann ने संकट की इस घड़ी में पार्टी के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विधायकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वे इस ताकत के प्रदर्शन के लिए व्यक्तिगत रूप से आभारी हैं।
पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार
BJP पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवा पार्टी को पांच दरियाओं की इस धरती से जीतने का सपना नहीं देखना चाहिए। राज्य की जनता BJP के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ है और वे निश्चित रूप से इसे सबक सिखाएंगे।
देखा जाए तो हालांकि BJP कुछ राज्यों में चुनावी लाभ से उत्साहित है लेकिन जहां तक पंजाब का सवाल है, यहां भगवा पार्टी के अन्याय और राज्य व इसके लोगों के साथ सौतेले व्यवहार की एक लंबी कहानी है।
Bhagwant Mann ने आरोप लगाया कि BJP पंजाब को पंजाब यूनिवर्सिटी, झांकी, चंडीगढ़, भाखड़ा बांध और हर वैध अधिकार से वंचित करना चाहती है।
विकास रोकने का आरोप
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इन लोगों ने पंजाब के विकास को खतरे में डालने के लिए राज्य के अनुदान के वैध हिस्से को रोक दिया है।
उन्होंने कहा कि हवा में महल बनाने के बजाय BJP नेतृत्व को यह भूल जाना चाहिए कि वे कभी राज्य में सत्ता में आएंगे क्योंकि राज्य और इसके लोगों के खिलाफ उनके पाप अक्षम्य हैं। किस मुंह से BJP पंजाब आएगी जब उनके नेताओं ने कभी राज्य और इसके लोगों के मुद्दे नहीं उठाए।
Bhagwant Mann ने कहा कि राज्य के बहादुर और समझदार लोग भगवा पार्टी को उनके कुकर्मों के लिए कभी नहीं भूलेंगे और उन्हें करारा सबक सिखाएंगे।
दो से शून्य सीटों की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में BJP के पास राज्य में दो विधायक हैं लेकिन जिस तरह से वे राज्य में आने का दावा कर रहे हैं, वह उन्हें शून्य सीटों तक कम कर सकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाबी ऐसी तानाशाही रणनीति के आगे नहीं झुकते और हमेशा ऐसी विखंडनकारी ताकतों को करारा सबक सिखाते हैं जो पंजाब पर भारी हाथ से शासन करना चाहती हैं।
निंदा कानून पर BJP की परेशानी
Bhagwant Mann ने कहा कि जब से राज्य सरकार ने निंदा के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, तब से BJP परेशान है क्योंकि वह राज्य में अपना विभाजनकारी एजेंडा नहीं चला पाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि BJP, जिसे पंजाब में बार-बार खारिज किया गया है, ने धमकी, प्रलोभन और दल-बदल के प्रयासों के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने के हताश प्रयासों द्वारा राज्य के प्रति शत्रुता के साथ प्रतिक्रिया दी है।
आम लोगों से शक्ति मिलती है AAP को
Bhagwant Mann ने जोर देकर कहा कि AAP अपनी शक्ति आम लोगों से प्राप्त करती है और एक सिद्धांतवादी, परिवर्तनकारी दृष्टि में निहित रहती है।
चिंता का विषय यह है कि ऐसी रणनीति लोकतंत्र में राजनीतिक जीत हासिल नहीं कर सकती जहां पंजाब के लोग सर्वोपरि रहते हैं। पंजाबी उन्हें करारा सबक सिखाएंगे।
राजनीतिक संकट में AAP का रुख
हैरान करने वाली बात यह है कि Bhagwant Mann President Meeting सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी बल्कि यह AAP की एक रणनीतिक चाल है। राष्ट्रपति से मिलकर मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया है कि पार्टी दल-बदल के मुद्दे पर सख्त है।
राज्यसभा सांसदों के दल-बदल से AAP को बड़ा झटका लगा है। लेकिन मुख्यमंत्री का यह कदम पार्टी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि AAP अपने नेताओं की जवाबदेही को लेकर कितनी गंभीर है।
समझने वाली बात है कि Bhagwant Mann President Meeting का राजनीतिक महत्व बहुत बड़ा है। इससे साफ होता है कि पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ आने वाला है।
मुख्य बातें (Key Points):
• पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सात राज्यसभा सांसदों को बर्खास्त करने की मांग की
• इन सांसदों ने हाल ही में AAP छोड़कर BJP ज्वाइन की है जिसे मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र की हत्या और विश्वासघात बताया
• मुख्यमंत्री ने संविधान में रिकॉल के अधिकार के लिए संशोधन की मांग की ताकि ऐसे सांसदों को सजा दी जा सके
• Bhagwant Mann ने BJP पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया











