Harbhajan Singh AAP Allegations: पंजाब की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा हो गया है। राज्यसभा सांसद और दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) पर राज्यसभा की सीटें बेचने का सीधा आरोप लगा दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब AAP नेता दविंदर यादव ने उन्हें सोशल मीडिया पर ‘गद्दार’ कहकर निशाना साधा था। भज्जी के इस पलटवार ने सूबे की सियासत में नया मोड़ ला दिया है।
देखा जाए तो हरभजन सिंह उन छह राज्यसभा सांसदों में शामिल हैं जिन्हें AAP ने पंजाब से भेजा था। लेकिन हाल ही में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इसके बाद से ही AAP कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भज्जी को घेरना शुरू कर दिया था। जलंधर स्थित उनके घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन हुए, पुतला जलाया गया और सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोलिंग की गई।
समय आने पर आपकी हर बात का जवाब दिया जाएगा । और मैं आपके किसी लीडर को गाली नहीं दी । अपनी जुबान क्यों गंदी करूँ मै । और मुझे ग़द्दार कहने वालो पहले अपने लोगो से पूछो पंजाब की राज्य सभा सीट कितने मे बेची थी । अगर ना बताए तो मैं आपको बताऊंगा किसको कितना चढ़ावा गया था और किसकी तरफ से… https://t.co/5sd2sxQDO7
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) May 22, 2026
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
असल में यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब AAP नेता दविंदर यादव ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से हरभजन सिंह को ‘गद्दार’ कहते हुए कई सवाल उठाए। यादव ने लिखा था, “जब पार्टी के नेता के साथ दुर्व्यवहार हुआ था तो आपने राज्यसभा से इस्तीफा क्यों नहीं दिया? पंजाब के 800 से ज्यादा किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार BJP में शामिल होने की क्या मजबूरी थी? आपने अपनी जमीर की कितनी कीमत वसूली? सुना है BJP ने गद्दारों के लिए 25-25 करोड़ की बोली लगाई है, क्या यह सच है?”
इन आरोपों के जवाब में हरभजन सिंह ने चुप रहने के बजाय खुलकर मोर्चा संभाला। गौर करें तो भज्जी ने अपने जवाब में AAP पर ही पलटवार किया और कहा, “मुझे गद्दार कहने वालों, पहले अपने लोगों से पूछो कि पंजाब में राज्यसभा की सीट कितने में बेची गई थी। अगर वे तुम्हें नहीं बताते, तो मैं बताऊंगा कि किसको कितनी रिश्वत मिली और किससे मिली।”
‘रिश्वत और घोटाले’ के दावे
हरभजन सिंह ने अपने बयान में साफ किया कि वे समय आने पर हर सवाल का जवाब देंगे। उन्होंने कहा, “मैंने किसी नेता का अपमान नहीं किया और मैं अपनी जुबान क्यों गंदी करूं? लेकिन जो लोग मुझे गद्दार कह रहे हैं, उन्हें पहले अपने घर में झांकना चाहिए। मैं बताऊंगा कि कैसे किसी को मंत्री या चौकीदार बनाया गया ताकि वह पंजाब को लूट सके।”
दिलचस्प बात यह है कि भज्जी ने यह भी आरोप लगाया कि जिस राजनीतिक पार्टी (AAP) ने उनके घर के बाहर पुतला जलाया और उस पर ‘गद्दार’ लिखा, वह आम लोग नहीं बल्कि पार्टी के निर्देशित कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा, “आम लोग ऐसे काम नहीं करते। पार्टी के लोगों को यह सब करने के लिए किसने निर्देश दिए?”
20 साल देश का नाम रोशन किया, अब गद्दार?
भावुक होते हुए हरभजन सिंह ने कहा, “इस देश ने मुझे इतना प्यार दिया है। मैंने 20 साल खेल के मैदान में देश का नाम ऊंचा किया। आओ, इस देश के लोगों को फैसला करने दो कि वे मुझे कैसे याद रखेंगे। मुझे कोई परवाह नहीं है कि कुछ भुगतान किए गए ट्रोलर्स मेरे बारे में क्या लिखते हैं।”
समझने वाली बात यह है कि हरभजन सिंह का यह बयान सिर्फ एक व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप नहीं रह गया है, बल्कि यह पंजाब की राजनीति में राज्यसभा सीटों के आवंटन को लेकर एक नई बहस छेड़ सकता है।
AAP के छह सांसदों में से एक थे भज्जी
गौरतलब है कि AAP ने पंजाब से कुल छह राज्यसभा सांसद भेजे थे, जिनमें हरभजन सिंह भी शामिल थे। लेकिन हाल ही में उनके BJP में शामिल होने के बाद AAP ने उन्हें सार्वजनिक रूप से ‘गद्दार’ घोषित कर दिया था। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भज्जी ने अभी तक राज्यसभा से इस्तीफा नहीं दिया है, जिस पर दविंदर यादव ने सवाल उठाए थे।
वहीं, AAP का आरोप है कि BJP गद्दारों को खरीदने के लिए 25-25 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है। हालांकि, हरभजन सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि असल में AAP ने ही राज्यसभा की सीटें ‘बेची’ थीं।
पंजाब की सियासत में नया मोड़
अगर गौर करें तो यह विवाद सिर्फ हरभजन सिंह और AAP के बीच नहीं रह गया है। यह पूरे पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ साबित हो सकता है। खासतौर पर तब, जब राज्यसभा सीटों के आवंटन में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप सामने आ रहे हैं।
हरभजन सिंह ने यह भी संकेत दिया कि वे सही समय आने पर सभी सबूतों के साथ सामने आएंगे और बताएंगे कि किसको कितनी रिश्वत मिली और किसके माध्यम से मिली। यह बयान AAP के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है, खासकर तब जब पार्टी पहले से ही कई मोर्चों पर घिरी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषण: क्या है असली मुद्दा?
इस पूरे प्रकरण से साफ होता है कि पंजाब में AAP की राजनीति अब अंदरूनी कलह और आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ रही है। एक तरफ जहां पार्टी अपने पूर्व सांसद को ‘गद्दार’ कह रही है, वहीं दूसरी ओर वही सांसद पार्टी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहा है।
यह मामला आने वाले दिनों में और भी गर्म हो सकता है, खासकर अगर हरभजन सिंह अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश करते हैं। वहीं, AAP को भी अब इन आरोपों का जवाब देना होगा, वरना पार्टी की साख पर सवालिया निशान लग सकता है।
जनता यह देखने को उत्सुक है कि क्या हरभजन सिंह अपने आरोपों को साबित कर पाएंगे या फिर यह महज एक राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएगी। एक बात तय है कि पंजाब की सियासत में यह विवाद लंबे समय तक सुर्खियों में रहने वाला है।
मुख्य बातें (Key Points)
- हरभजन सिंह ने AAP पर राज्यसभा की सीटें बेचने का गंभीर आरोप लगाया
- AAP नेता दविंदर यादव ने भज्जी को ‘गद्दार’ कहा था, जिसका यह पलटवार है
- हरभजन सिंह ने कहा कि वे सही समय पर बताएंगे किसे कितनी रिश्वत मिली
- AAP ने भज्जी के घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया और पुतला जलाया
- भज्जी ने 20 साल देश की सेवा करने के बाद ‘गद्दार’ कहलाने पर दुख जताया
- यह विवाद पंजाब की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है













