Canada Advisory for Indians: कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। टोरांटो स्थित भारत के कौंसुलेट जनरल ने बढ़ती स्पूफिंग और ठगी की कॉलों के खिलाफ सख्त सलाह दी है। कौंसुलेट ने स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों को वीजा, स्थाई निवास (PR), इमिग्रेशन स्थिति और नौकरियों से संबंधित धोखाधड़ी वाली कॉलें प्राप्त हो रही हैं।
देखा जाए तो यह पहली बार नहीं है जब ऐसी धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन हाल के दिनों में इनकी संख्या में खतरनाक वृद्धि हुई है, जिसके चलते कौंसुलेट को आधिकारिक एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।
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कैसे ठग बन रहे कौंसुलेट अधिकारी
कौंसुलेट ने सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई कि ठग कॉल करने वाले अपने आप को टोरांटो स्थित भारतीय कौंसुलेट के अधिकारी के रूप में पेश कर रहे हैं। वे लोगों को वीजा, PR या अन्य दस्तावेजों से जुड़ी गलत जानकारी देकर उन्हें डराते हैं या फिर झूठे आश्वासन देते हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसी कॉलों का कौंसुलेट से कोई संबंध नहीं है। कौंसुलेट के अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि वे कभी भी फोन पर किसी से व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी नहीं मांगते।
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किन-किन सेवाओं के नाम पर हो रही धोखाधड़ी
कौंसुलेट की एडवाइजरी में बताया गया है कि पासपोर्ट, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), वीजा, OCI (Overseas Citizen of India), हलफनामे और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसी सेवाओं के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग केवल आधिकारिक ई-मेल के जरिए की जाती है।
अगर गौर करें तो हर आधिकारिक संचार में अधिकारी का नाम, पद, विभाग और आवेदन नंबर स्पष्ट रूप से दर्ज होता है। अगर किसी कॉल में ये जानकारियां नहीं हैं, तो यह निश्चित रूप से धोखाधड़ी है।
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फोन पर कभी नहीं मांगा जाता पेमेंट
कौंसुलेट ने सबसे महत्वपूर्ण बात यह बताई कि कोई भी अधिकारी कभी फोन के माध्यम से भुगतान की मांग नहीं करता। समझने वाली बात यह है कि अगर कोई फोन पर पैसे मांग रहा है और खुद को कौंसुलेट अधिकारी बता रहा है, तो यह 100% धोखाधड़ी है।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे ऐसी संदिग्ध कॉलों का जवाब न दें और किसी भी हालत में अपनी निजी या वित्तीय जानकारी साझा न करें। दिलचस्प बात यह है कि कई बार ठग इतने चालाक होते हैं कि वे असली लगने वाली कॉलर आईडी भी दिखाते हैं।
कहां करें शिकायत
कौंसुलेट ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों या कैनेडियन एंटी-फ्रॉड सेंटर (Canadian Anti-Fraud Centre) को दें। चिंता का विषय यह है कि कई लोग शर्म या डर के कारण ऐसी धोखाधड़ी की रिपोर्ट नहीं करते, जिससे ठगों का हौसला और बढ़ता है।
राहत की बात यह है कि कनाडा में एंटी-फ्रॉड सेंटर बेहद सक्रिय है और ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करता है।
पानी से जुड़ी दुर्घटनाओं पर चिंता
इसी एडवाइजरी में कौंसुलेट जनरल ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया है – कनाडा में भारतीय नागरिकों, खासकर विद्यार्थियों में पानी से संबंधित दुर्घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि। हाल के महीनों में झीलों, नदियों और बीचों पर डूबने की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गर्मी के मौसम में कनाडा में लोग झीलों और नदियों पर मनोरंजन के लिए जाते हैं। लेकिन कई भारतीय विद्यार्थी जो पहली बार कनाडा आए हैं, वे इन जल स्रोतों के खतरों से अनजान हैं।
पानी में सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
कौंसुलेट ने सलाह दी है कि गर्मी के मौसम के दौरान पानी वाली जगहों पर विशेष सावधानी बरती जाए। नागरिकों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- अनजान या असुरक्षित पानी वाले इलाकों में जाने से बचें
- स्थानीय सुरक्षा निर्देशों की सख्ती से पालना करें
- जहां लाइफ जैकेट अनिवार्य या सिफारिशी हो, वहां इसका उपयोग जरूर करें
- अकेले तैरने न जाएं
- शराब पीकर पानी में बिल्कुल न उतरें
- मौसम की स्थिति पर नजर रखें
क्यों बढ़ रही हैं डूबने की घटनाएं
भारत से आने वाले कई विद्यार्थी ठंडे पानी और तेज धाराओं के खतरों से अनजान होते हैं। कनाडा की झीलें और नदियां दिखने में शांत लग सकती हैं, लेकिन इनमें छिपे खतरे जानलेवा हो सकते हैं।
समझने वाली बात यह है कि ठंडे पानी में शरीर जल्दी सुन्न हो जाता है और तैरना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, कई झीलों में अचानक गहराई बढ़ जाती है, जो खतरनाक साबित हो सकती है।
भारतीय विद्यार्थियों के लिए खास संदेश
कनाडा में लाखों भारतीय विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। गर्मियों में वे छुट्टियों का आनंद लेने के लिए प्रकृति के करीब जाते हैं। लेकिन कौंसुलेट ने विशेष रूप से विद्यार्थियों से अपील की है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
उम्मीद की किरण यह है कि सही जानकारी और सावधानी से इन दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। कौंसुलेट ने कहा है कि जागरूकता और सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है।
कौंसुलेट की जिम्मेदारी
टोरांटो कौंसुलेट जनरल लगातार कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए काम कर रहा है। समय-समय पर ऐसी एडवाइजरी जारी करना इसी जिम्मेदारी का हिस्सा है।
दिलचस्प बात यह है कि कौंसुलेट ने दोनों मुद्दों – फर्जी कॉलों और पानी से जुड़ी दुर्घटनाओं – को एक साथ उठाया है। इससे साफ होता है कि ये दोनों ही गंभीर समस्याएं हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
नागरिकों की भूमिका
हालांकि कौंसुलेट अपनी तरफ से सभी संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध कॉल का जवाब देने से पहले सोचना चाहिए। अगर कोई दबाव बनाकर तुरंत फैसला लेने को कह रहा है, तो यह धोखाधड़ी का संकेत है।
वहीं दूसरी ओर, पानी से जुड़ी गतिविधियों में भी जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए। रोमांच के चक्कर में अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points):
• टोरांटो कौंसुलेट ने कनाडा में भारतीयों को स्पूफिंग और ठगी कॉलों से सावधान रहने की सलाह दी
• ठग खुद को कौंसुलेट अधिकारी बताकर वीजा, PR और इमिग्रेशन के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे हैं
• कौंसुलेट ने स्पष्ट किया कि फोन पर कभी भुगतान नहीं मांगा जाता
• आधिकारिक संचार केवल ऑफिशियल ई-मेल से होता है, जिसमें अधिकारी का नाम और विभाग दर्ज होता है
• पानी से जुड़ी दुर्घटनाओं में भी चिंताजनक वृद्धि, खासकर भारतीय विद्यार्थियों में
• गर्मी के मौसम में झीलों और नदियों पर जाते समय विशेष सावधानी बरतें
• लाइफ जैकेट का इस्तेमाल जरूर करें और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें
• संदिग्ध गतिविधि की सूचना कैनेडियन एंटी-फ्रॉड सेंटर को दें










