Guru Granth Sahib Satkar Amendment Bill 2026 – यह सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि पंजाब के सिखों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा एक ऐतिहासिक कदम है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने पहले किए अपने वादे के अनुसार ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ की प्रति आज समाना में टावर मोर्चे की संगत को सौंपी।
और बस यहीं से पूरा हुआ एक लंबे इंतजार का सिलसिला। इस दौरान मोर्चे के मंच से जयकारों की गूंज के बीच पंजाब सरकार द्वारा बिल पास करने को सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया गया।
वादा पूरा करने पर संगत का धन्यवाद
स्पीकर संधवा ने कहा कि वादे पूरे करना भी गुरु की कृपा के बिना संभव नहीं होता। उन्होंने जो वादा किया था, उसी के अनुसार वे आज यह बिल की प्रति भाई गुरजीत सिंह खालसा और संगत को सौंपने आए हैं।
देखा जाए तो, यह एक भावनात्मक क्षण था। लंबे समय से टावर पर बैठे भाई गुरजीत सिंह खालसा और पूरी संगत का यह संघर्ष आखिरकार रंग लाया।
टावर से उतरने की अपील
यहां ध्यान देने वाली बात है कि स्पीकर ने बड़े जनहित को देखते हुए भाई गुरजीत सिंह खालसा से अपील की कि वे अब टावर से नीचे उतर आएं।
दिलचस्प बात यह है कि भाई गुरजीत सिंह खालसा लंबे समय से टावर पर बैठकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून की मांग कर रहे थे। अब जब सरकार ने बिल पास कर दिया है, तो उनसे टावर से उतरने की अपील की जा रही है।
संगत को दिया श्रेय
स्पीकर संधवा ने इस बिल का श्रेय संगत को देते हुए समूची संगत का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जो वचन दिया था, उसे आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह ऐतिहासिक बिल पास कर पूरा कर दिया है।
समझने वाली बात यह है कि यह बिल संगत के दबाव और मांग का ही परिणाम है। सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यह कदम उठाया।
राज्यपाल की मंजूरी तक चैन नहीं
संधवा ने कहा कि अब इसे कानूनी रूप देने के लिए राज्यपाल की मंजूरी मिलने तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्यपाल इस बिल को मंजूरी देंगे, क्योंकि यह राज्य का बिल है और सरकार ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी है।
अगर गौर करें तो यह संगत की उम्मीदों से भी अधिक सख्त कानून है। स्पीकर ने भरोसा दिलाया कि सरकारी स्तर पर कोई देरी नहीं होगी।
विस्तृत जवाब से संतुष्ट संगत
कुलतार सिंह संधवा ने मोर्चे की संगत द्वारा उठाए गए सवालों और शंकाओं का संतोषजनक जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि जैसे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्ष को कहा था कि वे सभी के साथ मिलकर राज्यपाल से इस बिल को पास करवाने के लिए तैयार हैं, उसी तरह सरकारी स्तर पर कोई देरी नहीं होगी।
यह आश्वासन संगत के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। क्योंकि अतीत में भी कई बार ऐसे बिल बने लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया।
बैसाखी की शुभकामनाएं
स्पीकर संधवा ने समूची संगत को खालसा साजना दिवस और बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस बिल के पास होने पर गुरु का धन्यवाद करने के लिए समाना आए हैं।
क्योंकि संगत के सहयोग और आशीर्वाद से ही पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, इस बिल को पास कराने में सफल हुई है।
भाई गुरजीत सिंह की लंबी उम्र की अरदास
स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने टावर पर बैठे भाई गुरजीत सिंह खालसा की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की अरदास की। उन्होंने कहा कि हमें भी उनके जैसा अपने गुरु से प्रेम करना सीखना चाहिए।
यह टिप्पणी भाई गुरजीत सिंह खालसा के त्याग और समर्पण को सम्मान देती है।
पिछले कानूनों में थीं राजनीतिक गलतियां
संधवा ने बताया कि पिछली सरकारों द्वारा बनाए गए ऐसे कानूनों में राजनीतिक गलतियां थीं। लेकिन अब जो बेअदबी रोकने वाला कानून बनाया गया है, उसमें कोई कमी नहीं छोड़ी गई है।
उन्होंने कहा कि पहले भी गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से संबंधित कानून थे, लेकिन अब उससे भी अधिक सख्त कानून बनाया जा रहा है। इसलिए इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
बेअदबी पर उम्रकैद का प्रावधान
कानून के बारे में बोलते हुए स्पीकर ने कहा कि यह अधिनियम सुनिश्चित करेगा कि जो भी बेअदबी जैसे घिनौने अपराध में शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आने वाली पीढ़ियां भी दी गई सजा को याद रखेंगी। उन्होंने कहा कि यह कानून सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए जरूरी है। बेअदबी के प्रयासों के लिए उम्रकैद सहित सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
यह सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान है। पहले जो कानून था, उसमें सजा कम थी। अब उम्रकैद का प्रावधान करके सरकार ने दिखाया है कि वह इस मुद्दे पर कितनी गंभीर है।
मोर्चे के नेताओं ने किया धन्यवाद
इस दौरान मंच से मोर्चे के नेताओं ने संगत और भाई गुरजीत सिंह के परिवार की ओर से पंजाब सरकार और स्पीकर संधवा का धन्यवाद किया।
विधायक चेतन सिंह का बयान
समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने कहा कि 13 अप्रैल का दिन विशेष है और इस बिल को पास करवाने में समाना टावर मोर्चे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि बीते समय में उनसे और प्रशासन से जो भी अनजाने में गलतियां हुई हैं, वे उसके लिए माफी मांगते हैं।
यह बयान दिखाता है कि प्रशासन भी अपनी गलतियों को स्वीकार कर रहा है और संगत से सुलह की कोशिश कर रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर, SP गुरबंस सिंह बैंस, SDM रिचा गोयल, DSP फतेह सिंह बराड़, मार्केट कमेटी चेयरमैन बलकार सिंह गज्जूमाजरा सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित थी।
ऐतिहासिक महत्व
यह कानून पंजाब के सिख समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ सालों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की कई घटनाएं हुई थीं। इससे पूरे सिख समुदाय में गहरा आक्रोश था।
अब जब सख्त कानून बन गया है, तो उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी। और अगर कोई ऐसा करने की हिम्मत करेगा, तो उसे कड़ी सजा मिलेगी।
राजनीतिक संदेश
यह कदम AAP सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भी फायदेमंद है। सिख समुदाय पंजाब में बहुसंख्यक है और उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना सरकार के लिए जरूरी था।
विपक्ष भी इस कदम की आलोचना नहीं कर सकता, क्योंकि यह पूरे सिख समुदाय की मांग थी।
मुख्य बातें (Key Points)
- स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने समाना मोर्चे को बिल की प्रति सौंपी
- ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ पास हुआ
- बेअदबी पर उम्रकैद सहित सख्त सजा का प्रावधान
- भाई गुरजीत सिंह खालसा से टावर से उतरने की अपील
- राज्यपाल की मंजूरी तक नहीं बैठेंगे चैन
- 13 अप्रैल को सौंपी गई बिल की प्रति











