Gold Price 2026
अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं या सोने के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर सीधे आपकी जेब से जुड़ी है। World Bank की ताजा Commodity Markets Outlook रिपोर्ट ने सोने की कीमतों को लेकर एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में सोने की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 37% तक बढ़ सकती हैं।
देखा जाए तो यह सिर्फ एक अनुमान भर नहीं है। वैश्विक स्तर पर चल रही भू-राजनीतिक अनिश्चितता, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कमोडिटी बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने का रुख कर रहे हैं।
World Bank की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
विश्व बैंक की Commodity Markets Outlook रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में सोने की औसत कीमत $4,700 प्रति औंस यानी भारतीय करेंसी में करीब ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। यह कीमत 2025 के मुकाबले 37% ज्यादा है।
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि रिपोर्ट में 2027 के लिए गिरावट का अनुमान लगाया गया है। अगले साल यानी 2027 में गोल्ड की कीमतों में करीब 8.5% की गिरावट आने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक 2027 में औसत कीमत $4,300 प्रति औंस यानी भारतीय रुपयों के हिसाब से ₹1,31,000 प्रति 10 ग्राम रहने का अनुमान है।
क्यों बढ़ेंगी सोने की कीमतें? समझिए असली वजह
अब सवाल उठता है कि आखिर सोने में इतनी तेजी क्यों आएगी? जबकि युद्ध का माहौल है और गोल्ड और सिल्वर की कीमतें लगातार गिर रही हैं।
इसके पीछे जो कारण है वो वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव हैं। खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने कमोडिटी बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी है। आमतौर पर देखा जाता है कि जब भी दुनिया में राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड का रुख करते हैं।
वहीं मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और सप्लाई चेन में बाधाओं का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। Strait of Hormuz से शिपिंग में आ रही परेशानियां बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रही हैं।
विश्व बैंक ने की चेतावनी, ये आंकड़े अनिश्चितताओं से भरे
समझने वाली बात यह है कि विश्व बैंक ने साफ कहा है कि यह अनुमान कुछ धारणाओं पर आधारित हैं। World Bank का मानना है कि Middle East में चल रहे युद्ध और सप्लाई चेन में बाधाओं का सबसे बुरा दौर मई 2026 तक खत्म हो सकता है।
अगर Strait of Hormuz से शिपिंग धीरे-धीरे पटरी पर आती है तो साल के अंत तक स्थिति सामान्य होने लगेगी। फिलहाल बाजार में जो तेजी है वह युद्ध के कारण आई अनिश्चितता का नतीजा है।
किन कारणों से बढ़ सकती है और कीमत?
विश्व बैंक ने आगाह किया है कि यह आंकड़े अभी अनिश्चितताओं से भरे हैं। सोने की कीमतों में तेजी के दो बड़े कारण हो सकते हैं।
पहला, सुरक्षित निवेश की मांग। यदि वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ता है तो निवेशक सोने और चांदी की ओर ज्यादा भागेंगे, जिससे कीमतें अनुमान से भी ऊपर जा सकती हैं।
दूसरा, स्पेकुलेटिव डिमांड। बाजार में सट्टेबाजी और निवेश का रुख कीमतों में बड़े बदलाव ला सकता है।
गिरावट के भी हैं आसार, जानिए कैसे
अगर गौर करें तो कुछ ऐसे कारण भी हैं जो सोने की कीमतों को नीचे ला सकते हैं।
अगर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी करती हैं तो गोल्ड रखने की लागत बढ़ जाएगी। इससे निवेशक इससे दूर हो सकते हैं।
साथ ही अगर जियोपॉलिटिकल टेंशन कम हुआ तो सुरक्षित निवेश के रूप में गोल्ड की मांग में कमी आ सकती है।
घरेलू और वैश्विक बाजार में क्या है हालात?
इस रिपोर्ट आने के बाद से बाजार में हलचल तेज है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक COMEX पर गोल्ड का जून वायदा 1.53% बढ़कर $4,631 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।
वहीं घरेलू बाजार MCX में जून का कॉन्ट्रैक्ट करीब 1.53% की बढ़त के साथ ₹75,137 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि आने वाले दिन सोने के निवेशकों के लिए बड़े उतार-चढ़ाव भरे साबित हो सकते हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
देखा जाए तो यह समय निवेशकों के लिए बेहद अहम है। अगर विश्व बैंक की भविष्यवाणी सही साबित होती है तो 2026 में सोने में निवेश करने वालों को शानदार रिटर्न मिल सकता है।
हालांकि 2027 में गिरावट का अनुमान है, इसलिए लॉन्ग टर्म निवेशकों को सावधानी से काम लेना होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखनी चाहिए।
हैरान करने वाली बात यह है कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में सोना एक बार फिर safe haven asset के तौर पर उभर रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
• World Bank की रिपोर्ट के अनुसार 2026 में Gold Price में 37% की बढ़ोतरी संभव
• सोने की कीमत ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है
• 2027 में 8.5% की गिरावट का अनुमान
• भू-राजनीतिक तनाव और Middle East संकट मुख्य कारण
• COMEX और MCX दोनों में तेजी का रुख
• निवेशकों को सावधानी से निवेश करना चाहिए













