Census 2027 Punjab
Census 2027 की शुरुआत पंजाब में हो चुकी है और मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने खुद आगे बढ़कर इसमें भागीदारी की है। चंडीगढ़, 30 अप्रैल 2026 को सीएम ने अपने गांव में Self-Enumeration पूरा करते हुए लोगों से Punjabi को अपनी मातृभाषा के रूप में पंजीकृत करने की जोरदार अपील की है।
देखा जाए तो यह केवल एक औपचारिकता नहीं है। सीएम भगवंत मन ने स्पष्ट किया कि राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई निर्णय जनगणना के डेटा पर निर्भर करते हैं। इसलिए पंजाबियों को आगे आकर इस अभियान को सफल बनाना चाहिए।
सीएम ने खुद किया Self-Enumeration, दिखाई राह
मुख्यमंत्री भगवंत मन ने आज अपने गांव में आधिकारिक ऑनलाइन Census पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपना Self-Enumeration पूरा किया। उन्होंने लोगों से कहा कि Punjabi को मातृभाषा के रूप में पंजीकृत करें क्योंकि राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित कई निर्णय जनगणना डेटा पर निर्भर करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि सीएम ने Census 2027 की पहली फेज “House Listing and Housing Census” को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। यह डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Digital Census में भागीदारी जरूरी, 30 अप्रैल से 14 मई तक Self-Enumeration
सीएम भगवंत मन ने निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके व्यक्तिगत रूप से Self-Enumeration प्रक्रिया अपनाकर इस पहल की सरलता, पहुंच और नागरिक-केंद्रित प्रकृति का प्रदर्शन किया।
समझने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने पंजाब के सभी निवासियों से जनगणना गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस तकनीक-संचालित प्रक्रिया को अपनाने का आग्रह किया। उनकी सक्रिय भागीदारी एक मजबूत उदाहरण स्थापित करती है।
भगवंत सिंह मन ने पंजाब के सभी निवासियों से 30 अप्रैल से 14 मई तक उपलब्ध Self-Enumeration सुविधा का अधिकतम उपयोग करने की अपील की ताकि एक व्यापक और विश्वसनीय राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने में योगदान दिया जा सके।
सटीक डेटा शासन की रीढ़, नीति निर्माण के लिए जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा डेटाबेस प्रभावी योजना और नीति निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सटीक जनगणना डेटा शासन की रीढ़ है, जो कल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और संसाधनों के समान वितरण को सुनिश्चित करता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि Census 2027 की एक प्रमुख विशेषता Self-Enumeration है, जो व्यक्तियों को सुविधाजनक तरीके से अपने जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक विवरण ऑनलाइन भरने में सक्षम बनाती है।
पारदर्शिता, दक्षता और डेटा सटीकता बढ़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पारदर्शिता, दक्षता और डेटा सटीकता को बढ़ाती है, जो जनगणना संचालन को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अगर गौर करें तो यह मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता को कम करता है, तेजी से डेटा संग्रह सुनिश्चित करता है, और राष्ट्रीय डेटाबेस की समग्र अखंडता को मजबूत करता है।
15 मई से 13 जून तक घर-घर सर्वेक्षण
भगवंत सिंह मन ने आगे कहा कि Census 2027 का पहला चरण यानी House Listing and Housing Census में 15 मई से 13 जून 2026 तक घर-घर सर्वेक्षण भी शामिल होगा।
इस अभियान में आवास की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति से संबंधित 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। हर घर की गिनती की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभ्यास से बाहर न रहे।
Punjabi भाषा का भविष्य जनगणना के आंकड़ों पर निर्भर
हैरान करने वाली बात यह है कि जनगणना में भाषा का डेटा राज्य की पहचान और भाषाई अधिकारों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सीएम भगवंत मन की यह अपील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Punjabi भाषा की आधिकारिक स्थिति, शैक्षणिक नीतियां, और सांस्कृतिक संरक्षण – सभी जनगणना के आंकड़ों पर निर्भर करते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
• CM Bhagwant Mann ने अपने गांव में Census 2027 का Self-Enumeration पूरा किया
• 30 अप्रैल से 14 मई तक ऑनलाइन Self-Enumeration सुविधा उपलब्ध
• 15 मई से 13 जून तक घर-घर सर्वेक्षण होगा
• Punjabi को मातृभाषा दर्ज करने की सीएम ने की अपील
• 33 प्रश्न आवास और सुविधाओं से संबंधित पूछे जाएंगे













