ED Money Laundering Kiki Dhillon Raman Arora : पंजाब के दो प्रमुख राजनीतिक नेता आज दूसरी बार Enforcement Directorate (ED) के सामने पेश हुए हैं। आम आदमी पार्टी के जलंधर (सेंट्रल) से विधायक Raman Arora और फरीदकोट से कांग्रेस के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों से मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत पूछताछ की जा रही है। देखा जाए तो यह पंजाब की राजनीति के लिए एक संवेदनशील मामला बन गया है।
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले दोनों नेता पिछले हफ्ते भी ED के सामने पेश हो चुके हैं। आज उन्हें अपने परिवार के सदस्यों की संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों के विवरण से संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज लाने के लिए कहा गया था।
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क्या है मामला: विजिलेंस की रिपोर्ट के बाद ED की जांच
विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ मई 2025 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच के स्टाफ के साथ कथित मिलीभुगत और भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया था। इसी के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।
दूसरी ओर, कांग्रेसी नेता किक्की ढिल्लों के खिलाफ 2023 में विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति बनाने का मामला दर्ज किया था। समझने वाली बात यह है कि ED आमतौर पर तभी जांच शुरू करती है जब किसी अन्य एजेंसी द्वारा प्राथमिक FIR दर्ज की गई हो।
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पहली पूछताछ में क्या हुआ था
विधायक रमन अरोड़ा 2 जून को पहली बार ED के सामने पेश हुए थे, जहां उनसे लगातार 8 घंटे तक पूछताछ की गई। वहीं, किक्की ढिल्लों को 3 जून को तलब किया गया था और उनसे करीब 9 घंटे तक कड़ी पूछताछ हुई थी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि पहली पेशी के दौरान दोनों नेताओं ने इनकम टैक्स रिटर्न और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की फाइलें जमा करवाई थीं। आज की पेशी में अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए हैं।
ED की रणनीति: धीरे-धीरे कसता शिकंजा
जानकारों का कहना है कि ED आमतौर पर कई चरणों में पूछताछ करती है। पहले बुनियादी दस्तावेज मांगे जाते हैं, फिर उनमें से विसंगतियां निकालकर अगली पूछताछ में गहरे सवाल पूछे जाते हैं। अगर गौर करें तो यह प्रक्रिया कई महीनों तक चल सकती है।
इस बार दोनों नेताओं से उनके परिवार के सदस्यों की संपत्ति, बैंक ट्रांजेक्शन और अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
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राजनीतिक प्रभाव: AAP और कांग्रेस दोनों निशाने पर
दिलचस्प यह है कि इस मामले में एक AAP विधायक और एक कांग्रेस नेता दोनों शामिल हैं। रमन अरोड़ा जलंधर सेंट्रल से वर्तमान MLA हैं, जबकि किक्की ढिल्लों फरीदकोट के पूर्व विधायक रह चुके हैं।
विपक्षी दल इस मामले को सरकार की छवि खराब करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि AAP का कहना है कि अगर कोई दोषी है तो कानून अपना काम करे, पार्टी किसी भ्रष्ट नेता का बचाव नहीं करेगी।
कानूनी पहलू: PMLA के तहत क्या हो सकता है
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अगर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे 3 से 7 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही, अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त भी किया जा सकता है।
ED के पास यह अधिकार है कि वह जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खाते फ्रीज कर सके और संपत्तियां अटैच कर सके। अगर सबूत मजबूत मिलते हैं तो गिरफ्तारी भी हो सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- किक्की ढिल्लों और रमन अरोड़ा दूसरी बार ED के सामने पेश
- पहली पूछताछ में 8-9 घंटे तक कड़ी जिरह हुई थी
- परिवार की संपत्ति और बैंक खातों के दस्तावेज मांगे गए
- रमन अरोड़ा पर भ्रष्टाचार, किक्की पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप
- दोनों मामले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की रिपोर्ट पर आधारित













