Chandigarh, 11 June 2025: Sukhbir Singh Badal ने आज चंडीगढ़ के सेक्टर 28 स्थित पार्टी दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) पर जमकर निशाना साधा है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गियानी रघबीर सिंह इस समय सत्तारूढ़ AAP के वर्कर बनकर काम कर रहे हैं और ऐसा करके वे सर्वोच्च सिख संस्था श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा को ठेस पहुंचा रहे हैं। देखा जाए तो यह बयान पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि सुखबीर बादल ने सरकार को सीधी और खुली चेतावनी देते हुए कहा कि धर्म को सियासत के लिए इस्तेमाल करना बंद किया जाए। उन्होंने कहा, “अगर हिम्मत है तो सीधा मेरे पर कार्रवाई करो, मैं तुम्हारी ऐसी गीदड़-धमकियों से किसी भी कीमत पर डरने वाला नहीं हूं।”
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नहरी पानी मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरा
सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि नहरी मामलों के गंभीर मुद्दे पर Bhagwant Mann सरकार पंजाब के किसानों को लगातार गुमराह कर रही है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि भाखड़ा डैम में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी यह सरकार पूरी तरह से लापरवाह बनी बैठी है और किसी बड़े खतरे को न्योता दे रही है।
समझने वाली बात यह है कि पंजाब में कृषि के लिए पानी का मुद्दा बेहद संवेदनशील है। हरियाणा और राजस्थान के साथ पानी बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
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अप्रेंटिस लाइनमैन यूनियन के समर्थन में उतरे बादल
बादल ने Apprentice Lineman Union के हक में आवाज बुलंद करते हुए शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि आम लोगों की बात करने वाली सरकार का असल चेहरा अब सबके सामने आ चुका है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि पंजाब में बिजली विभाग के अप्रेंटिस कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
‘केजरीवाल घबराए हुए हैं’: सुखबीर का दावा
सुखबीर बादल ने दावा किया कि शिरोमणि अकाली दल को पंजाब के लोगों से मिल रहे भरपूर समर्थन और पार्टी की दिन-ब-दिन बढ़ती ताकत को देखकर AAP के सुप्रीमो Arvind Kejriwal बुरी तरह घबराए हुए हैं। इसी कारण अकाली दल को निशाना बनाने के लिए कुत्सित राजनीतिक चालें चली जा रही हैं।
अगर गौर करें तो पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
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राजनीतिक समीकरण और चुनौतियां
पंजाब की राजनीति में इस समय तीन प्रमुख धाराएं हैं – आम आदमी पार्टी की सरकार, कांग्रेस का विपक्ष और अकाली दल की वापसी की कोशिश। शिरोमणि अकाली दल 2022 के चुनावों में बुरी तरह हार गया था और महज 3 सीटें ही जीत पाया था। तब से पार्टी अपनी छवि सुधारने में लगी है।
दूसरी ओर, AAP सरकार को भ्रष्टाचार के आरोपों और कुछ फैसलों को लेकर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विपक्षी दल सरकार पर हमले तेज कर रहे हैं।
धार्मिक राजनीति का आरोप
सुखबीर बादल का गियानी रघबीर सिंह पर यह आरोप कि वे AAP के वर्कर बनकर काम कर रहे हैं, राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। पंजाब में धार्मिक संस्थाओं की बड़ी भूमिका है और किसी भी ऐसे आरोप को गंभीरता से लिया जाता है।
अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता है। इसके जत्थेदार का पद बेहद सम्मानित माना जाता है। ऐसे में किसी पूर्व जत्थेदार पर राजनीतिक आरोप लगाना विवाद को जन्म दे सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- सुखबीर बादल ने गियानी रघबीर सिंह पर AAP के लिए काम करने का आरोप लगाया
- चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार को सीधी चुनौती दी
- भाखड़ा डैम में बढ़ते जल स्तर पर चिंता जताई
- अप्रेंटिस लाइनमैन यूनियन के समर्थन में आवाज उठाई
- केजरीवाल पर अकाली दल की बढ़ती ताकत से घबराने का आरोप













