पंजाब में 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू में की वृद्धि, पाबंदियों को सख्त से लागू करने के दिए आदेश

चंडीगढ़, 16 मई

कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए राज्यों में लगातार कोशिशें जारी है। कोविड प्रतिबंधों का असर भी दिखने लगा है। कोरोना के केस पिछले 25 दिनों से लगातार कम हो रहा है। हालांकि, अभी भी स्थितियां डेंजर जोन में ही है। पंजाब में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू को बढ़ा दिया है।

रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी मौजूदा प्रतिबंधों को 31 मई तक बढ़ाने के आदेश दिए हैं। कैप्टन ने राज्य के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जाए। दुकानों को चरणबद्ध तरीके से खुलने देने के ऐलान के अलावा मुख्यमंत्री ने आवास क्षेत्र के लिए कई प्रोत्साहन/रियायतों की घोषणा की। कोविड-19 के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच उन्होंने सरकारी विद्यालयों में बस 50 प्रतिशत शिक्षकों के आने और बाकी के घर से ऑनलाइन कक्षाएं लेने का आदेश दिया।

पंजाब में कोविड-19 संबंधी 40 प्रतिशत मौत पिछले 44 दिन में हुई हैं जिससे राज्य में महामारी की दूसरी लहर की भयावहता का पता चलता है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में 31 मार्च तक कोरोना वायरस संक्रमण से 6,868 लोगों की मौत हुई थी। 14 मई को यह आंकड़ा बढ़कर कुल 11,477 लोगों की मौत का हो गया, यानी इस साल अप्रैल से लेकर कुल मौतों के आंकड़े में 4,609 की वृद्धि हुई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पूर्व में कहा था कि गंभीर लक्षण वाले तथा अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों का अस्पताल देर से पहुंचना मौतों का मुख्य कारण है।

11 मई को हुई थी रिकॉर्ड 217 लोगों की मौत-पंजाब में 11 मई को महामारी से रिकॉर्ड 217 लोगों की मौत हुई थी। पिछले कई दिन से राज्य में हर रोज 100 से अधिक लोगों की मौत कोविड-19 की वजह से हो रही है। लुधियाना पंजाब के सर्वाधिक प्रभावित जिलों में शामिल है जहां इस साल एक अप्रैल से 14 मई तक 538 लोगों की मौत हुई है। इस अवधि में अमृतसर में 515 लोगों की मौत महामारी से हुई है। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मृत्युदर 2।6 प्रतिशत है, जबकि नगरीय क्षेत्रों में यह दर 0।8 प्रतिशत है।

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