हिसार में किसानों पर पुलिस के क्रूर व अमानवीय हमला : खट्टर-दुष्यन्त सरकार को तीखा जवाब देंगे किसान

नई दिल्ली, 16 मई

आज हिसार में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोरोना हस्पताल के नाम पर एक कार्यक्रम रखा था। किसानों ने पहले ही चेतावनी दे रखी थी कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को आने नहीं दिया जाएगा। क्योंकि पिछले साल से ही, जब से किसान आंदोलन चल रहा है, किसान विरोधी भाजपा और जजपा का लगातार विरोध हो रहा है व किसानों ने सामाजिक बहिष्कार किया हुआ है, इन नेताओ का कोई भी कार्यक्रम नहीं होने दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे अपने घमंड का विषय मानते हुए पूरी सरकारी मशीनरी के सहारे इस कार्यक्रम में आने की तैयारी की। यह किसानों की जीत है कि उस राज्य के मुख्यमंत्री को पुलिस व अन्य सरकारी बल के दम पर अपने राज्य में कार्यक्रम करना पड़ रहा है।

आज मुख्यमंत्री खट्टर के हिसार आगमन पर कई जगह उनका विरोध किया जा रहा था। किसान भारी संख्या में इक्कठे होकर भाजपा जजपा के नेताओ का विरोध कर रहे थे। इसी बीच हरियाणा सरकार के आदेशों पर पुलिस द्वारा किसानों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गयी। उन पर आसूं गैस के गोले दागे गए। कई पुलिसकर्मियों ने पत्थरो से भी हमले किये। सेंकडो किसानों को गहरी चोटें आई है व महिला किसानों के साथ पुलिस बर्बरता हुई है। सयुंक्त किसान मोर्चा इस अमानवीय और गैरकानूनी कार्रवाई की सख्त निंदा करता है। हरियाणा के किसान संगठनों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हरियाणा के सभी बड़े हाईवे को 2 घण्टे जाम रखा है। KMP पर भी किसानो ने विरोध प्रदर्शन किया है। किसान नेताओं का घटनास्थल पर पहुंचना भी जारी है। किसान नेताओ का कहना है कि किसानों की मांगे न माने जाने पर कल हरियाणा के सभी पुलिस थानों का घेराव किया जाएगा।

हिसार में पुलिस बल के सहारे किसानों को दबाने की कोशिश के जवाब में सभी किसान एकजुट है। इस तरह की गतिविधियों के द्वारा किसानों को उकसाया जा रहा है। किसानों के खिलाफ झूठे केस डालकर उन्हें परेशान किया जाएगा परंतु हरियाणा सरकार को सयुंक्त किसान मोर्चा की सख्त चेतावनी है कि इस अंहकार को छोड़े व किसानों को परेशान करना बंद करें।

हरियाणा के किसान आगामी कार्रवाई तय कर हरियाणा सरकार को जवाब देंगे। सयुंक्त किसान मोर्चा यह स्पष्ट करता है कि हालांकि किसानों का यह आंदोलन केंद्र सरकार के खिलाफ है जो तीन कृषि कानूनो और MSP के सवाल पर केंद्रित है। परन्तु अगर हरियाणा सरकार बीच मे किसानों को बदनाम व परेशान करती है तो किसान उन्हें बुरा सबक सिखाएंगे।

भारत सरकार द्वारा तीन दालों पर आयात प्रतिबंधो को हटाना व उन्हें खुली सूची में डालना घरेलू उत्पादन पर गहरा प्रभाव डालेगा। यह किसानों को इनके उत्पादन के लिए हतोत्साहित करेगा व आयात निर्भरता को बढ़ाएगा।

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