Ravneet Bittu Apology: केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय में पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग (SC Commission) के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी के सामने पेश होकर औपचारिक रूप से लिखित माफी मांगी है। यह घटनाक्रम 26 मई 2026 को धूरी में हुए एक टकराव से जुड़ा है, जहां बिट्टू ने कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
देखा जाए तो यह मामला काफी संवेदनशील था। रवनीत बिट्टू पहले दो बार आयोग के समन का जवाब नहीं दे पाए थे और तीसरी बार बुलाए जाने पर आज वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। हालांकि उन्होंने पहले भी मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक माफी मांगी थी, लेकिन आयोग ने औपचारिक लिखित माफी की मांग की थी।
🔍 यह भी पढ़ें- Ravneet Bittu SC Commission: केंद्रीय मंत्री पेश नहीं हुए, 15 जून को अगली सुनवाई
आयोग ने स्वीकार की माफी, लेकिन दिए खास निर्देश
SC Commission के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने रवनीत बिट्टू की माफी को स्वीकार कर लिया है। लेकिन साथ ही उन्हें चार प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाकर नतमस्तक होने का निर्देश भी जारी किया गया है। ये स्थान हैं:
- डेरा ब्रह्मदास (फिलौर)
- श्री डेरा बल्लां (जालंधर)
- श्री रामतीर्थ (अमृतसर)
- सच्चखंड श्री दरबार साहिब (अमृतसर)
यह निर्देश सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक तरह से नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश है। समझने वाली बात यह है कि आयोग ने इस मामले को सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव के नजरिए से देखा है।
🔍 यह भी पढ़ें- Ravneet Bittu को Rajya Sabha टिकट नहीं, CM Mann की भविष्यवाणी सच
26 मई 2026 का विवाद क्या था?
दरअसल, 26 मई 2026 को धूरी में स्थानीय सरकार विभाग से संबंधित चुनावों के दौरान पुलिस के साथ एक टकराव हुआ था। इस दौरान रवनीत बिट्टू ने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो आपत्तिजनक माने गए। इस घटना पर SC Commission के चेयरमैन ने स्वत: संज्ञान (सुओ मोटो) लेते हुए बिट्टू को समन जारी किया था।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं था जब किसी राजनेता को SC Commission के सामने पेश होना पड़ा हो। लेकिन एक केंद्रीय मंत्री का आयोग के सामने माफी मांगना निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण घटना है।
बिट्टू ने गिनाए केंद्र सरकार के SC कल्याण कार्य
अगर गौर करें तो रवनीत बिट्टू ने सिर्फ माफी ही नहीं मांगी, बल्कि उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए किए गए कल्याणकारी कार्यों का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में डॉक्टर भीम राव अंबेडकर की जीवनी से जुड़े पांच अहम स्थानों को ‘पंचतीर्थ’ का दर्जा दिया गया है।
यह एक राजनीतिक संदेश भी था कि केंद्र सरकार SC समुदाय के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। हालांकि इस मौके पर कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं हुई और माहौल संयमित रहा।
🔍 यह भी पढ़ें- Ravneet Bittu बने रहेंगे Minister: जॉर्ज कुरियन की छुट्टी
तीन बार समन, फिर हाजिरी
दिलचस्प बात यह है कि रवनीत बिट्टू पहले दो बार आयोग के सामने पेश नहीं हो पाए थे। पहली बार उन्होंने कोई जवाब नहीं भेजा, दूसरी बार भी वे नहीं पहुंचे। तीसरी बार आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए दोबारा समन जारी किया, जिसके बाद आज वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए।
यह पूरा प्रकरण यह दर्शाता है कि संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा बनाए रखना कितना जरूरी है, चाहे आप किसी भी पद पर हों। SC Commission एक स्वतंत्र निकाय है और उसकी गरिमा का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
मुख्य बातें (Key Points):
- केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने पंजाब SC Commission के सामने लिखित माफी मांगी
- 26 मई 2026 को धूरी में विवादित शब्दावली के इस्तेमाल का मामला था
- चार प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाने का निर्देश दिया गया
- तीसरी बार समन मिलने पर केंद्रीय मंत्री व्यक्तिगत रूप से पेश हुए













