APAAR ID Jharkhand: झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में अब APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry) अनिवार्य हो गई है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रों को चांसलर पोर्टल पर नामांकन के समय सत्यापित APAAR ID अपलोड करना अनिवार्य होगा।
देखा जाए तो यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शैक्षणिक प्रबंधन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है। लेकिन कई छात्रों और अभिभावकों को अभी यह नहीं पता कि APAAR ID क्या है और इसे कैसे बनाया जाता है।
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APAAR ID क्या है और क्यों जरूरी है?
APAAR ID यानी Academic Bank of Credits Card एक यूनिक पहचान संख्या है जो हर छात्र को दी जाती है। यह पूरे भारत में मान्य है और छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में संग्रहित करती है।
समझने वाली बात यह है कि यह केवल एक ID नहीं, बल्कि छात्र का पूरा शैक्षणिक इतिहास है। इसमें सभी डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और क्रेडिट्स डिजिटल रूप से जमा होते हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि National Education Policy 2020 के तहत अब Multiple Entry-Exit, Credit Transfer, और Academic Bank of Credits जैसी सुविधाएं लागू की जा रही हैं। इन सभी के लिए APAAR ID अनिवार्य है।
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चांसलर पोर्टल पर नामांकन में अनिवार्य
झारखंड उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि:
- राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में चांसलर पोर्टल से नामांकन अनिवार्य है
- नामांकन के समय सत्यापित APAAR ID अपलोड करनी होगी
- बिना APAAR ID के आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं होगी
- यह नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा
अगर गौर करें तो यह एक बड़ा बदलाव है। पहले छात्र सिर्फ मार्कशीट और अन्य दस्तावेज जमा करके प्रवेश ले लेते थे, लेकिन अब डिजिटल ID अनिवार्य हो गई है।
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APAAR ID कैसे बनाएं? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
दिलचस्प बात यह है कि APAAR ID बनाना बिल्कुल आसान है। इसे DigiLocker या ABC Portal के माध्यम से घर बैठे बनाया जा सकता है:
स्टेप 1: DigiLocker की वेबसाइट (digilocker.gov.in) पर जाएं या मोबाइल ऐप डाउनलोड करें
स्टेप 2: यदि आप नए यूजर हैं तो “Sign Up” करें और अपना अकाउंट बनाएं
स्टेप 3: आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP से सत्यापित करें
स्टेप 4: 6 अंकों का सिक्योरिटी पिन सेट करें
स्टेप 5: लॉगिन करने के बाद “Search Document” में जाएं
स्टेप 6: “ABC ID” या “APAAR ID” सर्च करें
स्टेप 7: मांगी गई सभी जानकारी भरें और कन्फर्मेशन बॉक्स को चेक करें
स्टेप 8: “Get Document” या “Submit” पर क्लिक करें
बस! आपकी APAAR ID तुरंत जनरेट हो जाएगी।
Academic Bank of Credits क्या है?
समझने वाली बात यह है कि APAAR ID Academic Bank of Credits (ABC) से जुड़ी है। ABC एक डिजिटल बैंक की तरह काम करता है, लेकिन इसमें पैसे नहीं, बल्कि शैक्षणिक क्रेडिट्स जमा होते हैं।
उदाहरण के लिए:
- अगर आपने किसी कॉलेज में दो साल पढ़ाई की और फिर छोड़ दी (Drop-out)
- तो उन दो सालों के क्रेडिट्स ABC में सुरक्षित रहेंगे
- बाद में अगर आप पढ़ाई फिर शुरू करेंगे तो वही क्रेडिट्स काम आएंगे
- आपको दोबारा से पहले साल से शुरू नहीं करना पड़ेगा
यह Multiple Entry-Exit की सुविधा है, जो NEP 2020 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छात्रों और कॉलेजों के लिए विभाग का निर्देश
विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों को सख्ती से अनुपालन कराने को कहा है। साथ ही छात्रों से अपील की गई है कि:
- वे प्रवेश से पहले ही अपनी सत्यापित APAAR ID तैयार रखें
- नामांकन प्रक्रिया में उसका सही इस्तेमाल करें
- चांसलर पोर्टल पर सफल प्रमाणीकरण के बिना आवेदन स्वीकार नहीं होगा
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह केवल नामांकन तक सीमित नहीं है। आगे चलकर प्रवेश, पंजीकरण, परीक्षा और डिग्री जारी करने जैसी सभी प्रक्रियाओं में APAAR ID का उपयोग होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का हिस्सा
अगर गौर करें तो यह बदलाव अचानक नहीं आया है। National Education Policy 2020 में शिक्षा के डिजिटलीकरण और लचीलेपन (Flexibility) पर जोर दिया गया था। APAAR ID उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके फायदे:
- छात्रों का शैक्षणिक डेटा सुरक्षित और पोर्टेबल
- एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में क्रेडिट ट्रांसफर आसान
- नकली डिग्रियों पर रोक
- पूरे देश में मान्य एक ही ID
मुख्य बातें (Key Points):
- झारखंड में 2026-27 से APAAR ID अनिवार्य हो गई है
- चांसलर पोर्टल पर नामांकन के लिए सत्यापित ID जरूरी
- DigiLocker या ABC Portal से घर बैठे बना सकते हैं
- NEP 2020 के तहत Academic Bank of Credits के लिए जरूरी












