CM Bhagwant Mann Sarpanch Meeting: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को बठिंडा में आयोजित सरपंच मिलनी को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधानों से गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर व्यापक विकास सुनिश्चित करके राज्य में विकास की गति को तेज किया जा सकता है।
देखा जाए तो यह एक अनूठी पहल है जहां मुख्यमंत्री सीधे गांव स्तर के मुद्दों को जानने के लिए सरपंचों से मिल रहे हैं। मान ने कहा कि अनुदान की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसका उपयोग गांवों में सही तरीके से किया जाना चाहिए।
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“सरपंच लोकतंत्र की नींव हैं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सबसे कठिन चुनाव सरपंच का होता है क्योंकि वे जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े हुए होते हैं। उन्होंने कहा, “सरपंच गांव का मुखिया होता है और एक अच्छा सरपंच गांव को नया रूप दे सकता है और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित कर सकता है।”
अगर गौर करें तो भगवंत मान ने कहा कि वास्तव में सरपंच वह नींव हैं जिस पर लोकतंत्र का स्तंभ खड़ा है, इसलिए वे हमारे समाज का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
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पिछली सरकारों पर निशाना
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों का अनुदान में हिस्सा होता था जिसके कारण विकास प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा, “गांवों में भारी मात्रा में अनुदान आ रहा है और वह दिन दूर नहीं जब इस पैसे से राज्य के गांव पूरी तरह से पुनर्जीवित हो जाएंगे।”
दिलचस्प बात यह है कि मान ने सरपंचों से आग्रह किया कि विकास कार्यों को प्राथमिकता दें और इन फंडों को इस तरह खर्च करें कि इससे समाज के हर वर्ग को लाभ हो।
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पुस्तकालय, स्कूल और सोलर लाइट को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिकता पुस्तकालयों, स्कूलों, सोलर लाइटों के निर्माण को दी जानी चाहिए और फिर सड़कों पर ध्यान देना चाहिए ताकि गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि यह राज्य के विकास को गति देने के लिए अनिवार्य है और यह समय की जरूरत है ताकि पंजाब देश में अग्रणी बन सके।
समझने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री का फोकस केवल भौतिक विकास पर नहीं बल्कि शिक्षा और ऊर्जा जैसे बुनियादी मुद्दों पर है। यह एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
गुटबाजी से दूर रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अतीत में गांवों में व्यापक गुटबाजी के कारण कई कार्य बाधित हुए। उन्होंने कहा, “सरपंचों को गांवों में गुटबाजी को खत्म करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।”
भगवंत मान ने कहा कि लोकतंत्र में जो व्यक्ति या पार्टी बहुमत प्राप्त करती है वह विजेता होती है, लेकिन एक बार चुने जाने के बाद सरपंच पूरे गांव का होता है। उन्होंने कहा कि सरपंच को गांव के हर निवासी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए और निर्णय तटस्थ रूप से लेने चाहिए।
महिला सरपंचों की सराहना
बैठक में महिला सरपंचों की महत्वपूर्ण उपस्थिति से उत्साहित होकर मुख्यमंत्री ने कहा कि समय आ गया है जब उन्हें देश की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने शासन, अर्थव्यवस्था और समाज में महिलाओं की भूमिका के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण शिक्षा, प्रतिनिधित्व और आर्थिक अवसर में निहित है।
भगवंत मान ने महिलाओं से आगे बढ़ने और निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में कदम रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “जो महिलाएं घरों और परिवारों को कुशलता से चलाती हैं, उन्हें देश भी चलाना चाहिए।”
स्वच्छ और हरित गांवों की अपील
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से गांवों को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया, ताकि राज्य के पर्यावरण की रक्षा की जा सके।
उन्होंने कहा कि सरपंच सरकार और गांवों के बीच एक पुल हैं और उन्हें गांवों के विकास में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई सरपंच ऐसे हैं जिन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता से अपने गांवों को बदल दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा में सरपंचों से गांवों के विकास को प्राथमिकता देने को कहा
- राज्य सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं, सही उपयोग जरूरी
- पुस्तकालय, स्कूल और सोलर लाइट को प्राथमिकता दें
- गुटबाजी खत्म करने और महिला सशक्तिकरण पर जोर











