Nagrasu Gurdwara Clash: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारा साहिब में तीन दिनों से चल रहा टकराव आखिरकार शांतिपूर्वक समाप्त हो गया है। जिला प्रशासन और पंजाब से आए सिख प्रतिनिधिमंडल की सक्रिय भूमिका से निहंग सिंघों ने गुरुद्वारे की छत से उतरकर परिसर खाली कर दिया। जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि करते हुए राहत की सांस ली।
देखा जाए तो यह विवाद 16 जून को चमोली जिले के करनप्रयाग में पार्किंग को लेकर हुई एक छोटी सी झड़प से शुरू हुआ था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मामला इतना तूल पकड़ लेगा। उस घटना में कुछ स्थानीय लोग जख्मी हो गए थे और पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार कर लिया था।
🔍 यह भी पढ़ें- Amritpal Singh Arrest: NSA से Punjab Police Custody में, MP सीट पर सवाल!
मुहाली से आए निहंगों ने जमाया डेरा
इस गिरफ्तारी के विरोध में मुहाली से कुछ निहंग सिंह नगरासू गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और वहां डेरा जमा लिया। उनकी मांग साफ थी: अपने साथियों की तत्काल रिहाई। अगर गौर करें तो इस दौरान गुरुद्वारे की छत पर बैठे निहंग सिंघों ने अपनी मांग पर अड़ियल रुख अपना लिया था।
सूत्रों के मुताबिक, स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात कर दिए गए। यहां तक कि ड्रोन के जरिए भी लगातार निगरानी की जा रही थी। जिला प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से लगातार बातचीत के प्रयास जारी रहे।
🔍 यह भी पढ़ें- Operation Blue Star 42nd Anniversary: श्री अकाल तख्त पर अखंड पाठ शुरू
पंजाब के सिख आगूओं ने निभाई अहम भूमिका
दिलचस्प बात यह है कि अंततः पंजाब से पहुंचे सिख आगूओं और प्रतिनिधिमंडल की सलाह से मामला सुलझ गया। लंबी बातचीत के बाद निहंग सिंघों ने शांतिपूर्वक गुरुद्वारा परिसर खाली कर दिया और अपने-अपने ठिकानों की ओर रवाना हो गए।
उत्तराखंड पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुद्वारे की छत पर मौजूद सभी निहंग सिंह नीचे उतर आए हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और अमन-शांति बनाए रखने की अपील की है।
🔍 यह भी पढ़ें- बड़ा खुलासा! Bhagwant Mann Fake Video पर CM का पलटवार
16 जून की पार्किंग विवाद से शुरू हुआ था मामला
समझने वाली बात यह है कि यह पूरा विवाद करनप्रयाग में एक सामान्य पार्किंग विवाद से शुरू हुआ था। लेकिन जब पुलिस ने कार्रवाई की तो मामला संवेदनशील हो गया। चार निहंगों की गिरफ्तारी के बाद उनके साथियों ने विरोध का रास्ता चुना और नगरासू गुरुद्वारे में जाकर बैठ गए।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रशासन ने पूरे मामले में संयम बरता और बातचीत को प्राथमिकता दी। किसी भी तरह की जबरदस्ती या बल प्रयोग से बचा गया, जिसका नतीजा यह रहा कि मामला शांतिपूर्वक सुलझ गया।
मुख्य बातें (Key Points)
- उत्तराखंड के नगरासू गुरुद्वारा साहिब में तीन दिन से चल रहा विवाद शांतिपूर्वक समाप्त
- 16 जून को करनप्रयाग में पार्किंग विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला
- पंजाब से आए सिख प्रतिनिधिमंडल की मध्यस्थता से निहंग सिंघों ने छोड़ा कब्जा
- पुलिस और आईटीबीपी की भारी तैनाती के बावजूद बल प्रयोग नहीं किया गया













