India Egg Powder Export: भारत अंडे के उत्पादन और निर्यात में शीर्ष देशों में शामिल है। अब भारत ने फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन का अच्छा उदाहरण पेश किया है।भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने ऑस्ट्रिया को सूखे साबुत अंडे के पाउडर की 22.6 मीट्रिक टन की पहली खेप निर्यात (Export) की है।
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यूरोपीय बाजार में बढ़ती मांग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रिया और कई अन्य यूरोपीय देश विभिन्न खाद्य और औद्योगिक उपयोगों के लिए अंडे का पाउडर आयात करते हैं।
भारत की ओर से भेजी गई इस खेप के सफल निर्यात से यूरोपीय यूनियन में भारतीय प्रोसेस्ड फूड्स का बाजार बेहतर हुआ है। देखा जाए तो यह हाई क्वालिटी वाले कृषि और खाद्य उत्पादों के विश्वसनीय सप्लायर के रूप में भारत की स्थिति मजबूत करता है।
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क्या है सूखा अंडा पाउडर?
सूखा अंडा पाउडर बहुत समय तक खराब नहीं होता। इसकी शेल्फ लाइफ बेहतर होने के साथ-साथ इसकी ट्रांसपोर्टिंग भी आसान होती है।
यह कई तरह के कामों में इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इसे खाद्य फैक्ट्रियों, बेकरी, मिठाई बनाने और दवा बनाने के काम में भी इस्तेमाल किया जाता है।
समझने वाली बात यह है कि यह पाउडर तरल अंडों को स्प्रे ड्राइंग नाम की विधि से सुखाकर बनाया जाता है। इसे बनाने में बहुत सख्ती से गुणवत्ता की जांच की जाती है, ताकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों को पूरी तरीके से पूरा कर सके।
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ओडिशा की कंपनी ने किया निर्यात
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह खेप ओडिशा के बालागीर की कंपनी ओविओ फार्म प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात की गई है, जो APEDA में रजिस्टर्ड एक्सपोर्टर है।
यह निर्यात दिखाता है कि भारतीय प्रोसेस्ड अंडे के उत्पादों की विदेश में मांग बढ़ रही है और इससे अच्छे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए रास्ते खुल रहे हैं।
2025 में लगाया गया आधुनिक प्लांट
कंपनी ने 2025 में बालागीर में एक आधुनिक अंडा प्रसंस्करण प्लांट लगाया था, जहां सूखे अंडे के उत्पाद बनाए जाते हैं। ये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों जैसे EIC, EU, स्वच्छता नियम आदि को पूरा करते हैं।
यह फैक्ट्री FSSC 22000 वर्जन 6 प्रमाणित है और हलाल और कोशर सर्टिफिकेशन भी रखती है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश के लिए ये सर्टिफिकेशन बेहद जरूरी हैं।
फूड प्रोसेसिंग से बढ़ता मूल्य संवर्धन
दिलचस्प बात यह है कि भारत अब केवल कच्चे कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि प्रोसेस्ड और वैल्यू एडेड उत्पाद निर्यात करने की दिशा में बढ़ रहा है। अंडा पाउडर इसका एक बेहतरीन उदाहरण है।
कच्चे अंडे के मुकाबले अंडा पाउडर की कीमत कई गुना ज्यादा होती है। इससे किसानों और प्रोसेसर दोनों को बेहतर मुनाफा मिलता है।
कहां-कहां इस्तेमाल होता है अंडा पाउडर?
अगर गौर करें तो अंडा पाउडर के कई उपयोग हैं:
- बेकरी उत्पादों में (केक, बिस्कुट, ब्रेड)
- मिठाई और डेजर्ट बनाने में
- फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में
- प्रोटीन सप्लीमेंट्स में
- फास्ट फूड और रेडी-टू-ईट उत्पादों में
यूरोप में बढ़ती भारतीय खाद्य उत्पादों की मांग
यूरोपीय यूनियन भारतीय खाद्य उत्पादों का एक बड़ा बाजार बन रहा है। चाहे वह बासमती चावल हो, मसाले हों, या अब अंडा पाउडर – भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी कीमतें यूरोप में सराही जा रही हैं।
समझने वाली बात यह है कि यूरोप में खाद्य सुरक्षा के बेहद सख्त मानक हैं। इन मानकों को पूरा करना भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता का प्रमाण है।
मुख्य बातें (Key Points)
- APEDA ने ऑस्ट्रिया को 22.6 मीट्रिक टन अंडा पाउडर निर्यात किया
- यह भारत से सूखे अंडा पाउडर की पहली बड़ी खेप है
- ओडिशा की ओविओ फार्म प्राइवेट लिमिटेड ने किया निर्यात
- कंपनी FSSC 22000, हलाल और कोशर सर्टिफाइड है
- यूरोपीय बाजार में भारतीय प्रोसेस्ड फूड की बढ़ती मांग













