RBI Gold Reserve Sale Controversy पर वित्त मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। क्या भारत का केंद्रीय बैंक बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच चुपचाप और गुप्त कदमों से अपने आरक्षित भंडार की रणनीतिक पहुंच को बदल रहा है? देखा जाए तो यह सवाल ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद उठा था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शायद अपनी विदेशी मुद्रा स्थिति को मजबूत करने के लिए सोने की कुछ गुप्त बिक्री की हो सकती है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि RBI ने संभावित तौर पर 22 मई से पहले के दो हफ्तों के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेचा है।
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वित्त मंत्रालय ने किया खंडन
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए 12 अरब डॉलर का सोना बेचा है। दिलचस्प बात यह है कि वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ऐसी रिपोर्ट का केंद्रीय बैंक द्वारा खंडन किया गया है।
अगर गौर करें तो एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने रुपए पर दबाव और बढ़ते आयात बिल के बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा करने की कोशिश में 22 मई को खत्म हुए दो हफ्तों की अवधि में लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेचा था।
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RBI की सालाना रिपोर्ट में सच्चाई
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि RBI की 2025-26 की ताजा सालाना रिपोर्ट दर्शाती है कि वित्तीय वर्ष के दौरान केंद्रीय बैंक के पास सोने का भंडार वास्तव में बढ़ा है। यह कीमती धातु की बड़े पैमाने पर बिक्री के दावों को नकारता है।
RBI की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, “31 मार्च, 2026 तक, रिजर्व बैंक के पास कुल सोना 880.52 मीट्रिक टन था, जबकि 31 मार्च, 2025 तक यह 879.58 मीट्रिक टन था। समझने वाली बात यह है कि साल में 0.94 मीट्रिक टन सोने की बढ़ोतरी हुई है।”
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सोने के भंडार में वृद्धि के आंकड़े
ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि RBI ने वित्तीय वर्ष 2026 में अपने सोने के भंडार को घटाने की बजाय उसमें वृद्धि की है। राहत की बात यह है कि रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि केंद्रीय बैंक के पास रखे कुल 880.52 मीट्रिक टन सोने में से 312.32 मीट्रिक टन इश्यू विभाग की संपत्तियों के रूप में रखा गया था।
बाकी 568.20 मीट्रिक टन बैंकिंग विभाग के अधीन रखा गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि RBI के सालाना खाते यह भी खुलासा करते हैं कि इसके सोने के भंडार के मूल्य में काफी वृद्धि हुई है।
सोने के मूल्य में 63.6% की बढ़ोतरी
यह वृद्धि मुख्य तौर पर वैश्विक सोने की कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए के कमजोर होने के कारण है। बैंकिंग विभाग की संपत्ति के रूप में रखे सोने के मूल्य में वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान 63.6 फीसदी की वृद्धि हुई है।
दिलचस्प बात यह है कि सोने के भंडार, जिसमें सोने की जमा राशियां शामिल हैं, का मूल्य पिछले साल के 78.18 अरब डॉलर से बढ़कर 115.40 अरब डॉलर हो गया है। यह लगभग 47.6% की बढ़ोतरी है।
विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत
सालाना रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत रहा है। 31 मार्च, 2025 के 668.33 अरब डॉलर के मुकाबले 31 मार्च, 2026 को यह 691.11 अरब डॉलर था।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि RBI की ऑडिट की गई बैलेंस शीट और रिजर्व डेटा स्पष्ट तौर पर दर्शाते हैं कि केंद्रीय बैंक सोने का बड़ा भंडार बरकरार रख रहा है। 12 अरब डॉलर की सोने की बिक्री का सुझाव देने वाली रिपोर्टें आधिकारिक रिकॉर्ड द्वारा सिद्ध नहीं होती हैं।
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट में क्या था?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया था कि RBI ने पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, जो 90 दिनों से अधिक समय से जारी है, अपनी विदेशी मुद्रा स्थिति को मजबूत करने के लिए सोना बेचा हो सकता है। लेकिन आधिकारिक आंकड़े इस दावे को गलत साबित करते हैं।
सवाल उठता है कि ऐसी गलत रिपोर्टें क्यों आती हैं? क्या यह बाजार में अफवाह फैलाने की कोशिश है?
मुख्य बातें (Key Points)
- RBI Gold Reserve Sale की ब्लूमबर्ग रिपोर्ट का वित्त मंत्रालय ने किया खंडन
- वित्त वर्ष 2025-26 में सोने के भंडार में 0.94 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी
- 31 मार्च 2026 तक कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना था
- सोने के मूल्य में 63.6% की वृद्धि, 115.40 अरब डॉलर













