Mohali Court Bomb Threat Email ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। मोहाली, डेराबस्सी और खरड़ की अदालतों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। देखा जाए तो यह पंजाब में न्यायिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
यह धमकी भरा ईमेल 1 जून को प्राप्त हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि इसके बाद सुरक्षा को मुख्य रखते हुए अदालती परिसरों में 3 जून से 5 जून तक आम लोगों की एंट्री पर सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं। अब अदालतों के अंदर सिर्फ आरोपियों, वादकारियों और सरकारी स्टाफ को ही जाने की इजाजत होगी।
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पूरा कोर्ट कॉम्प्लेक्स सैनिटाइज किया गया
आज सुबह मोहाली अदालत में सुरक्षा कारणों से एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई थी। बम निरोधक दस्ते और एंटी-सबोटाज टीम (Anti-sabotage team) द्वारा सुबह से ही पूरे कोर्ट कॉम्प्लेक्स को बारीकी से स्कैन और सैनिटाइज किया गया।
अगर गौर करें तो पुलिस प्रशासन द्वारा पूरी इमारत को सुरक्षित घोषित करने के बाद दोपहर 12 बजे से बाद ही अदालतों का सरकारी कामकाज फिर से शुरू हो सका। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सुरक्षा के मद्देनजर न्यायिक अधिकारियों (जजों) ने अपने PSO और अदालती कर्मचारियों को किसी भी संदिग्ध वस्तु या हरकत पर तीखी नजर रखने और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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यह तीसरी बार मिली धमकी
जिक्रयोग्य है कि मोहाली जिले की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की यह तीसरी घटना है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसके कारण न्यायिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
समझने वाली बात यह है कि इससे पहले भी ऐसी धमकियों के मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। लेकिन बार-बार ऐसी घटनाओं का सामने आना और सरकार की ओर से कोई पुख्ता हल न निकाला जाना सुरक्षा प्रबंधों पर बड़े सवाल खड़े करता है।
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न्याय प्रणाली पर असर
चिंता का विषय यह है कि इन धमकियों के कारण न्यायिक कार्यवाही में देरी हो रही है। कई महत्वपूर्ण केस की सुनवाई टल रही है। वादकारी और वकील परेशान हैं क्योंकि उन्हें अदालत के अंदर जाने में कठिनाई हो रही है।
पंजाब पुलिस ने कहा है कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। साइबर सेल को भी इस मामले में शामिल किया गया है ताकि धमकी भेजने वाले का पता लगाया जा सके। लेकिन सवाल उठता है कि अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मोहाली, डेराबस्सी और खरड़ की अदालतों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बम डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड और सादे कपड़ों में पुलिस तैनात की गई है। CCTV कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
राहत की बात यह है कि अभी तक कोई विस्फोटक नहीं मिला है। लेकिन इन झूठी धमकियों के कारण प्रशासन को भारी संसाधन लगाने पड़ रहे हैं और आम जनता को परेशानी हो रही है।
साइबर अपराध बढ़ने की चिंता
यह घटना पंजाब में बढ़ते साइबर अपराध की ओर भी इशारा करती है। ईमेल के माध्यम से धमकी देना एक गंभीर अपराध है। यह न सिर्फ लोगों में डर पैदा करता है बल्कि सरकारी कामकाज को भी बाधित करता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Mohali Court Bomb Threat Email से मोहाली, डेराबस्सी और खरड़ की अदालतों में हड़कंप
- 3 जून से 5 जून तक आम लोगों की एंट्री पर पाबंदी
- बॉम्ब स्क्वाड और एंटी-सबोटाज टीम ने पूरे कॉम्प्लेक्स को सैनिटाइज किया
- यह तीसरी बार मिली धमकी, न्यायिक कामकाज प्रभावित













