Himachal Toll Tax: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सीमावर्ती इलाकों में लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में निहंग सिंह जत्थेबंदियों ने आज कीर्तपुर-मनाली नैशनल हाईवे पर ‘खालसा टैक्स’ अभियान शुरू कर दिया है। गरां मोड़ा टोल प्लाजा के पास बाबा अच्छर सिंह महाकाल की अगुवाई में यह प्रतीकात्मक कार्रवाई की गई।
देखा जाए तो यह पहली बार नहीं है जब हिमाचल के टोल टैक्स को लेकर विवाद सामने आया है। 1 जून को किसान संगठनों, टैक्सी यूनियनों, सीमावर्ती इलाकों के निवासियों और निहंग जत्थेबंदियों ने मिलकर चार घंटे के लिए यातायात रोककर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। उस मौके पर निहंग सिंघों ने साफ एलान किया था कि अगर हिमाचल सरकार यह टैक्स वापस नहीं लेती, तो हिमाचल से पंजाब आने वाले वाहनों पर ‘खालसा टैक्स’ की पर्ची काटी जाएगी।
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निहंग जत्थेबंदियों ने दिया एलान को अमली जामा
आज उसी एलान को अमली रूप देते हुए निहंग जत्थेबंदियों ने हिमाचल से आने वाले वाहनों के लिए पर्ची जारी करनी शुरू कर दी। दिलचस्प बात यह है कि इसमें कोई निश्चित राशि तय नहीं की गई। वाहन चालकों की इच्छा के अनुसार 10, 20, 50 या 100 रुपये का योगदान लिया गया।
जत्थेबंदियों का कहना है कि इकट्ठी की गई यह रकम सर्वत के भले और जरूरतमंदों की सहायता के लिए इस्तेमाल की जाएगी। यानी यह महज विरोध नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है।
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मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात
इस दौरान थाना प्रमुख राहुल शर्मा की अगुवाई में भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस प्रशासन ने निहंग सिंघों से बातचीत करके कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। समझने वाली बात यह है कि प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए संवाद का रास्ता चुना, जिससे किसी बड़ी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बाबा अच्छर सिंह का बयान
बाबा अच्छर सिंह महाकाल ने कहा कि यह धरना और ‘खालसा टैक्स’ अभियान हिमाचल सरकार को जगाने के लिए एक संकेतक कदम है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में लगाए गए एंट्री टैक्स खत्म नहीं किए जाते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह मुद्दा सिर्फ निहंग सिंघों का नहीं है। इसमें किसान संगठन, टैक्सी चालक और आम लोग भी शामिल हैं, जो इस टैक्स से प्रभावित हैं।
आम लोगों ने भी दिया योगदान
खबर लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन और निहंग जत्थेबंदियों के बीच बातचीत जारी थी। इस दौरान कई वाहन चालकों ने अपनी मर्जी से सर्वत के भले के लिए योगदान भी दिया। इससे साफ होता है कि लोग इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं और निहंग सिंघों के इस प्रतीकात्मक विरोध को समर्थन दे रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में सीमावर्ती इलाकों में एंट्री टैक्स लगाया है। इससे पंजाब से हिमाचल जाने वाले वाहनों को टैक्स चुकाना पड़ता है। किसानों, टैक्सी चालकों और आम लोगों का कहना है कि यह टैक्स अनुचित है और इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। इसी विरोध में निहंग सिंघों ने यह अभियान शुरू किया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- निहंग जत्थेबंदियों ने कीर्तपुर-मनाली हाईवे पर ‘खालसा टैक्स’ अभियान शुरू किया
- बाबा अच्छर सिंह महाकाल की अगुवाई में प्रतीकात्मक कार्रवाई
- हिमाचल से आने वाले वाहनों से स्वैच्छिक योगदान लिया गया (10-100 रुपये)
- इकट्ठी राशि सर्वत के भले और जरूरतमंदों की सहायता में खर्च होगी
- जब तक एंट्री टैक्स खत्म नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा













