Punjab Assembly NEET Resolution को सर्वसम्मति से पारित करते हुए पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार को NEET और अन्य परीक्षा घोटालों के लिए जिम्मेदार ठहराया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार की मंडी में बदल दिया है, जिससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
भाजपा ने युवाओं के भविष्य से किया विश्वासघात
विधानसभा को संबोधित करते हुए चीमा ने कहा, “तानाशाही भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के अहंकारी शासन में देश का हर महत्वपूर्ण क्षेत्र, विशेषकर लाखों मेहनती युवाओं का भविष्य, बिकाऊ बना दिया गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में प्रणालीगत भ्रष्टाचार तथा बार-बार होने वाले पेपर लीक ने युवाओं का मनोबल तोड़ दिया है। जब विद्यार्थियों को यह महसूस हुआ कि मेरिट को धन और राजनीतिक संरक्षण के बदले बेच दिया गया है, तब निराशा के कारण ढाई लाख से अधिक विद्यार्थी पुनर्परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।”
अगर गौर करें तो यह आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है। 2.5 लाख छात्रों का परीक्षा में नहीं बैठना दिखाता है कि व्यवस्था पर उनका भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।
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पैलेट गन और AK-47 से दबाई छात्रों की आवाज
चीमा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “जहां प्रधानमंत्री अक्सर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से लोगों तक पहुंचने का प्रदर्शन करते हैं, वहीं उनकी सरकार की मशीनरी विद्यार्थियों की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अपीलों का जवाब पैलेट गन, आंसू गैस और AK-47 राइफलों से देती है।”
उन्होंने आगे कहा, “यहां तक कि नाबालिगों, दबाव में माफी मांगने वाली स्कूली छात्राओं तथा प्रसिद्ध समाज सुधारक सोनम वांगचुक के विरुद्ध भी न्याय देने के बजाय भारतीय न्याय संहिता की कठोर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सोनम वांगचुक ने लद्दाख के लिए संघर्ष किया था और उन पर भी केस दर्ज हुआ था। चीमा का कहना है कि सरकार प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए हिंसक तरीके अपना रही है।
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70 से अधिक बड़े परीक्षा घोटाले
चीमा ने कहा, “यह प्रस्ताव पिछले एक दशक के दौरान देश में सामने आए 70 से अधिक बड़े परीक्षा घोटालों, डिजिटल रिमोट-एक्सेस हैक तथा भर्ती घोटालों की कड़ी निंदा करता है।”
यह आंकड़ा बताता है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत समस्या है। हर साल कई परीक्षाओं में गड़बड़ी हो रही है।
प्रस्ताव में निम्नलिखित मांगें की गई हैं:
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का पूर्ण पुनर्गठन एवं विकेंद्रीकरण
- पेपर लीक सिंडिकेटों के विरुद्ध उदाहरणात्मक कार्रवाई
- शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज गैर-जरूरी आपराधिक मामलों को तत्काल वापस लेना
पंजाब सरकार ने 70,000 नौकरियां दीं
चीमा ने पंजाब और केंद्र सरकार के बीच तुलना करते हुए कहा, “जहां केंद्र सरकार भ्रष्ट सिंडिकेटों की रक्षा कर विद्यार्थियों का शोषण कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पूरी तरह मेरिट के आधार पर लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।”
उन्होंने आगे बताया, “अनुसूचित जाति (SC) छात्रवृत्ति योजना को पुनः शुरू किया गया, जिससे 50 हजार से अधिक वंचित वर्ग के विद्यार्थी बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सके।”
समझने वाली बात यह है कि चीमा ने पंजाब सरकार की उपलब्धियां गिनाकर यह संदेश दिया कि AAP सरकार युवाओं के हित में काम कर रही है।
राम मंदिर के दान की चोरी तक नहीं बख्शी
चीमा ने केंद्र सरकार पर और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ गया है कि श्रीराम मंदिर में आए दान की राशि को भी नहीं बख्शा गया।”
यह आरोप राम मंदिर में दान की कथित चोरी के विवाद की ओर इशारा है। विपक्ष ने संसद में भी यह मुद्दा उठाया था।
प्रस्ताव को मिला सर्वसम्मत समर्थन
पंजाब विधानसभा ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलबीर सिंह, विधायक गुरप्रीत सिंह बनांवाली, नरेंद्र कौर भाराज, डॉ. नछत्तर पाल, गुरिंदर सिंह गैरी वड़िंग, अमृतपाल सिंह तथा सुखनंद ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सदन को संबोधित किया।
दिलचस्प बात यह है कि इस प्रस्ताव में सभी दलों ने समर्थन दिया। यानी NEET और परीक्षा घोटाले पर पूरा सदन एकमत था।
PM, गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा
अपने संबोधन के अंत में चीमा ने कहा, “इस सदन को चाहिए कि वह इस प्रस्ताव को केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे, ताकि जनता की चिंताओं और देश के युवाओं की आकांक्षाओं से उन्हें औपचारिक रूप से अवगत कराया जा सके।”
यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पंजाब विधानसभा आधिकारिक रूप से केंद्र सरकार को यह संदेश भेजेगी।
युवाओं की ताकत ने भाजपा को झुकाया
चीमा ने कहा, “भारत के युवाओं की अटूट शक्ति और जागरूकता ने अंततः अहंकारी भाजपा नेतृत्व को जनदबाव के आगे झुकने के लिए मजबूर कर दिया है।”
यह बयान NEET मामले में केंद्र सरकार द्वारा पुनर्परीक्षा कराने और कुछ सुधार करने की ओर इशारा करता है। चीमा का कहना है कि यह छात्रों के आंदोलन की जीत है।
राजनीतिक महत्व
यह प्रस्ताव कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
- यह AAP सरकार को युवा हितैषी दिखाता है
- केंद्र सरकार पर सीधा हमला है
- पंजाब में पेपर लीक के मुद्दे से ध्यान भटकाता है
- 2027 के चुनावों में युवा वोट के लिए तैयारी
विपक्ष भी इस प्रस्ताव का विरोध नहीं कर सका क्योंकि NEET मामला पूरे देश का मुद्दा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब विधानसभा ने NEET और परीक्षा घोटालों पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया
- वित्त मंत्री चीमा ने भाजपा पर शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार की मंडी बनाने का आरोप लगाया
- छात्र प्रदर्शनों पर पैलेट गन और AK-47 के इस्तेमाल की निंदा
- पंजाब सरकार ने मेरिट पर 70,000 नौकरियां दीं – चीमा












