IMD Monsoon Update 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार 31 मई 2026 को दोपहर 2 बजे एक अहम प्रेस रिलीज़ जारी की है, जिसमें तीन बड़ी बातें सामने आई हैं। पहली, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 3-4 दिनों में केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप तक पहुँच सकता है। दूसरी, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले भीषण तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। और तीसरी बात… जो शायद सबसे राहत वाली है… पूरे देश से लू की स्थिति खत्म हो चुकी है।
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मानसून कहाँ तक पहुँचा: अभी की तस्वीर
देखा जाए तो इस बार मानसून ने लोगों को थोड़ा इंतज़ार कराया है। पहले IMD ने 26 मई के आसपास केरल में मानसून आने का अनुमान जताया था, लेकिन वो तारीख बीत गई। अब ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) फिलहाल दक्षिणी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और अंडमान सागर तक फैली हुई है।
दिलचस्प बात यह है कि IMD ने साफ कहा है कि अगले 3-4 दिनों में हालात मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हैं। इसका मतलब है कि दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों के अलावा बंगाल की खाड़ी के बड़े इलाकों में भी मानसून दस्तक दे सकता है। यानी अगर सब कुछ ठीक रहा, तो 2 से 4 जून के बीच केरल में मानसून की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
बीते 24 घंटों में क्या हुआ: बारिश, तूफान और धूल भरी आंधी
31 मई की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़े बताते हैं कि कई राज्यों में मौसम ने अपना रंग दिखाया। तमिलनाडु, ओडिशा, बिहार, उत्तराखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश (7-11 सेंटीमीटर) दर्ज की गई। ओडिशा के केवनझर में 8 सेमी, उत्तराखंड के नैनीताल-ज्योलीकोट में 8 सेमी, बिहार के पूर्वी चंपारण में 7 सेमी और तमिलनाडु के ऊथु में 7 सेमी बारिश हुई।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी… तूफान की। पश्चिमी मध्य प्रदेश, झारखंड, हरियाणा और ओडिशा में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज़ हवाएँ चलीं। राजस्थान में तो हालात और भी खतरनाक रहे, जहाँ 80 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी आई।
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हवाओं का कहर: कहाँ-कहाँ टूटे रिकॉर्ड
अगर गौर करें तो हवाओं की रफ्तार के आंकड़े सच में हैरान करने वाले हैं। राजस्थान के अजमेर मदार रेलवे स्टेशन पर 122 किलोमीटर प्रति घंटे, आबू रेलवे स्टेशन पर 102 kmph की हवा दर्ज हुई। मध्य प्रदेश के सीहोर में 94 kmph, झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में 83 kmph और हरियाणा के सिरसा में भी 83 kmph की रफ्तार रिकॉर्ड की गई।
| राज्य/इलाका | स्थान | हवा की रफ्तार (kmph) |
|---|---|---|
| पूर्वी राजस्थान | अजमेर मदार रेलवे स्टेशन | 122 |
| पूर्वी राजस्थान | आबू रेलवे स्टेशन | 102 |
| पश्चिमी मध्य प्रदेश | सीहोर | 94 |
| झारखंड | पूर्वी सिंहभूम | 83 |
| हरियाणा | सिरसा | 83 |
| ओडिशा | बेनाकुडा | 80 |
| मध्य महाराष्ट्र | जलगाँव | 74 |
| पंजाब | बठिंडा | 68 |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | बुलंदशहर | 67 |
| उत्तराखंड | रुड़की | 67 |
यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि भी हुई। मई के आखिरी दिन ओले गिरना… ये बता रहा है कि मौसम के बदलाव कितने तीखे हो रहे हैं।
तापमान का हाल: लू गई, पर गर्मी अभी बाकी है
IMD Monsoon Update 2026 बुलेटिन में एक राहत की बात ये है कि पूरे देश से लू (Heat Wave) की स्थिति अब खत्म हो चुकी है। लेकिन इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं कि गर्मी चली गई।
समझने वाली बात है कि 30 मई को मध्य भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत, दक्षिणी राजस्थान, सौराष्ट्र-कच्छ और महाराष्ट्र के भीतरी हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। महाराष्ट्र के चंद्रपुर ने सबसे ज़्यादा 44.8°C तापमान दर्ज किया।
मगर दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान सामान्य से 3 से 8 डिग्री कम रहा, और उत्तरी पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़-दक्षिण-पश्चिमी हिमाचल प्रदेश में तो 8 से 15 डिग्री तक कम। इससे साफ होता है कि तूफान और बारिश ने इन इलाकों में तापमान गिरा दिया है।
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अगले एक हफ्ते का अलर्ट: किसे, कहाँ, कितना खतरा
IMD ने आने वाले सात दिनों के लिए राज्यवार विस्तृत चेतावनी जारी की है। इसे ध्यान से समझिए:
उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश में 31 मई और फिर 2-6 जून के दौरान भारी बारिश। असम-मेघालय में 3-6 जून के बीच भारी बारिश और 40-50 kmph की हवाएँ। नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में 31 मई, 1 जून और 5-6 जून को भारी बारिश की संभावना।
दक्षिण भारत: चिंता का विषय ये है कि केरल और माहे में 3 से 6 जून के बीच अति भारी वर्षा (Very Heavy Rainfall) का अलर्ट है। तमिलनाडु, पुडुचेरी में 31 मई से 4 जून तक भारी बारिश। रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और तटीय कर्नाटक में 50-70 kmph की तेज़ हवाओं वाला थंडरस्क्वॉल का खतरा बना रहेगा।
उत्तर-पश्चिम भारत: राजस्थान में 31 मई को 70-90 kmph रफ्तार का थंडरस्क्वॉल… ये सबसे ख़तरनाक अलर्ट है। पंजाब में 31 मई से 5 जून, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 1-4 जून तक बारिश और आंधी। उत्तराखंड और उत्तरी-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 मई को भारी बारिश। हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ओलावृष्टि की भी चेतावनी है।
मध्य भारत: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 मई को 70-90 kmph का थंडरस्क्वॉल। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 60-80 kmph की तेज़ हवाएँ। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 31 मई और 1 जून को 50-70 kmph की हवाओं का अलर्ट।
पश्चिम भारत: गुजरात में 31 मई से 2 जून तक भारी बारिश। मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में तेज़ हवाओं के साथ बारिश। गुजरात, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में ओलों की भी संभावना।
तापमान में आगे क्या होगा: एक नज़र में
| क्षेत्र | बदलाव | अवधि |
|---|---|---|
| उत्तर-पश्चिम भारत | 6-8°C की बढ़ोतरी | पूरे हफ्ते |
| मध्य भारत | 2-4°C गिरावट, फिर बढ़ोतरी | 1 जून तक गिरावट, फिर 2-6 जून बढ़ोतरी |
| पूर्वी भारत | 2-4°C बढ़ोतरी | 3 जून तक |
| उत्तर-पूर्व भारत | 4-5°C गिरावट | 3-6 जून |
| महाराष्ट्र (भीतरी) | 2-4°C गिरावट | 4 जून तक |
| गुजरात | 3-4°C गिरावट | 3-6 जून |
| दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत | 2-4°C गिरावट | अगले 4-5 दिन |
सवाल उठता है कि जब लू खत्म हो गई है तो बिहार में 4-6 जून के दौरान फिर से लू की चेतावनी क्यों? इसका जवाब ये है कि उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान हफ्ते भर में 6-8 डिग्री बढ़ेगा, और उसका असर बिहार तक पहुँचेगा। यानी लू से राहत फिलहाल है, लेकिन स्थायी नहीं।
मछुआरों के लिए चेतावनी: समुद्र में न जाएँ
IMD ने मछुआरों को सख्त हिदायत दी है कि 31 मई से 5 जून तक बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में न जाएँ। इसमें मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन, मालदीव क्षेत्र, तमिलनाडु-श्रीलंका तट, दक्षिण-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर शामिल हैं। अरब सागर की तरफ भी गुजरात तट, सोमालिया तट, केरल, लक्षद्वीप और आसपास के इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
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इस खबर का आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा
अगर आप उत्तर भारत में रहते हैं तो अगले दो-तीन दिन सावधान रहिए। 90 kmph तक की रफ्तार वाली हवाएँ कमज़ोर ढाँचों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुँचा सकती हैं। ओलावृष्टि से फसलों को भी खतरा है, खासकर राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा और मध्य प्रदेश के किसानों को सतर्क रहना चाहिए।
इसी बीच केरल और तमिलनाडु के लोगों के लिए उम्मीद की किरण ये है कि मानसून की दस्तक अब बस कुछ ही दिनों में हो सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन केरल में 3-6 जून के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट है, तो बाढ़ और भूस्खलन से बचाव के इंतज़ाम पहले से कर लेने चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
- मानसून अगले 3-4 दिन में केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप तक पहुँच सकता है। 2-4 जून के बीच आधिकारिक घोषणा संभव।
- उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 90 kmph तक की रफ्तार वाले तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा सबसे ज़्यादा प्रभावित।
- पूरे देश से लू (Heat Wave) खत्म हुई, लेकिन बिहार में 4-6 जून को फिर लू लौट सकती है।
- मछुआरों को 31 मई से 5 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में समुद्र में न जाने की सख्त सलाह।












