Bikramjit Singh Majithia Arrest: एसपी आदित्य वारियर के नेतृत्व में अमृतसर ग्रामीण पुलिस की एक बड़ी टीम ने सोमवार को ग्रीन एवेन्यू इलाके में शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिकरम सिंह मजीठिया के आवास पर छापा मारा। देखा जाए तो यह कार्रवाई इतवार को मजीठा पुलिस स्टेशन पर हुई कथित हिंसा के बाद की गई है।
मजीठिया पर पुलिस स्टेशन पर हमला करने और हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति को जबरन छुड़ाने की कोशिश का आरोप है। हालांकि, छापे के दौरान वे घर पर मौजूद नहीं मिले। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष टीमें गठित की हैं और कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है।
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पुलिस स्टेशन पर क्या हुआ था?
रविवार को मजीठा पुलिस स्टेशन के बाहर का नजारा काफी तनावपूर्ण था। कृर्ति किसान यूनियन के सदस्यों ने जोबनजीत सिंह नाम के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। समझने वाली बात यह है कि जोबनजीत हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में शिरोमणी अकाली दल का पोलिंग एजेंट था।
बाद में अकाली नेता बिकरम सिंह मजीठिया अपने समर्थकों के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि जोबनजीत को राजनीतिक बदले की भावना से गिरफ्तार किया गया है। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। पुलिस का कहना है कि भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला किया और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को ‘छुड़ाने’ की कोशिश की।
दर्ज हुआ एफआईआर, 12 टीमें गठित
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार की घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। एसएसपी सोहेल कासिम मीर जल्द ही मीडिया को पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देंगे। पंजाब पुलिस ने घटना में शामिल लोगों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 12 विशेष टीमों का गठन किया है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि पुलिस ने सिर्फ मजीठिया के घर पर ही नहीं, बल्कि कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की है। जांच के हिस्से के रूप में फुटेज और अन्य सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है।
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राजनीतिक बदले का आरोप
अकाली नेता मजीठिया का आरोप है कि यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध का है। उनका कहना है कि चूंकि जोबनजीत नगर निगम चुनावों में अकाली दल का पोलिंग एजेंट था, इसलिए उसे निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि भीड़ ने थाने पर हमला किया और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की।
अगर गौर करें तो यह मामला राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले सकता है। मजीठिया शिरोमणी अकाली दल के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और उनकी गिरफ्तारी का प्रयास राजनीतिक हलचल पैदा कर सकता है।
आगे क्या होगा?
पुलिस टीमें लगातार तलाश में जुटी हुई हैं और विभिन्न इलाकों में छापेमारी जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, अकाली दल के कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर आक्रोश है।
मजीठिया की गिरफ्तारी का प्रयास और इस मामले की आगे की कार्रवाई पंजाब की राजनीति पर क्या असर डालेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
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मुख्य बातें (Key Points)
• अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अकाली नेता बिकरम सिंह मजीठिया के घर छापा मारा
• मजीठा पुलिस स्टेशन पर कथित हमले और नजरबंद को छुड़ाने के मामले में कार्रवाई
• पुलिस ने 12 विशेष टीमें गठित की हैं, कई स्थानों पर छापेमारी जारी
• मजीठिया का आरोप है कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है













